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कोरापुट में अल्बिना गराडा की हत्या कर आंध्र प्रदेश में दफनाया शव, मोबाइल लोकेशन से खुला राजभारत
15 अग॰ 2026, 9:08 pm (1 घंटे पहले)· 2

कोरापुट में अल्बिना गराडा की हत्या कर आंध्र प्रदेश में दफनाया शव, मोबाइल लोकेशन से खुला राज

ओडिशा के कोरापुट में ब्यूटी पार्लर कर्मी अल्बिना गराडा की गला घोंटकर हत्या के बाद शव को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के सागौन बागान में दफना दिया गया था, जहां कॉल डिटेल और लोकेशन डेटा की मदद से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ओडिशा के कोरापुट जिले में 22 वर्षीय युवती की जघन्य हत्या और उसके बाद साक्ष्य मिटाने की एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सेमिलीगुडा थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा इलाके की रहने वाली अल्बिना गराडा की गला घोंटकर हत्या कर दी गई और उसके शव को पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में ले जाकर सागौन के बागान में जमीन के नीचे गाड़ दिया गया। लोकप्रिय हिंदी फिल्म दृश्यम की तर्ज पर रची गई इस पूरी साजिश का खुलासा पुलिस ने मोबाइल लोकेशन डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की गहन जांच के जरिए किया है। मामले में मुख्य आरोपी मोहन खिल और उसके सहयोगी मिलन कुलदीप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

लिव इन संबंध और दो शादियों के राज का पर्दाफाश

अल्बिना गराडा स्थानीय स्तर पर एक ब्यूटी पार्लर में कार्यरत थी। काम के दौरान ही उसकी मुलाकात सुनाबेदा थाना क्षेत्र के काकीगांव निवासी 35 वर्षीय मोहन खिल से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच घनिष्ठता बढ़ी और वे किराए का मकान लेकर करीब दो साल से लिव इन संबंध में साथ रह रहे थे। दोनों का जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन कुछ समय पूर्व अल्बिना को एक ऐसा तथ्य पता चला जिसने दोनों के रिश्ते की नींव हिला दी। अल्बिना को ज्ञात हुआ कि मोहन न केवल पूर्व से विवाहित है, बल्कि उसकी पहले से दो पत्नियां मौजूद हैं।

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इस दोहरी शादी का सच सामने आने के बाद दोनों के बीच आए दिन तीखे झगड़े होने लगे। इसके साथ ही यह बात भी सामने आई है कि अल्बिना गर्भवती थी और वह मोहन पर सामाजिक तथा कानूनी रूप से शादी करने का निरंतर दबाव बना रही थी। हालांकि मोहन हर बार शादी के विषय को टालता रहा और कोई स्पष्ट जवाब देने से बचता रहा। इस बात को लेकर दोनों के बीच तनाव लगातार गहराता चला गया।

विवाद का हिंसक अंत और अंतरराज्यीय साजिश

वारदात की रात दोनों के बीच शादी के मुद्दे पर एक बार फिर गंभीर कहासुनी शुरू हो गई। बहस देखते ही देखते अत्यधिक हिंसक रूप ले बैठी। आक्रोश में आकर मोहन खिल ने आपा खो दिया और अल्बिना का गला घोंटकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी। हत्या का अपराध अंजाम देने के पश्चात मोहन ने कानूनी कार्रवाई से बचने और साक्ष्य पूरी तरह मिटाने के उद्देश्य से एक योजना तैयार की।

साजिश को अंजाम देने के लिए मोहन ने अपने परिचित मिलन कुलदीप को शामिल किया। दोनों आरोपियों ने अल्बिना के शव को एक कार में रखा और रात के अंधेरे में ओडिशा की सीमा पार कर आंध्र प्रदेश पहुंच गए। वहां मारुपल्ली गांव के समीप स्थित एक सागौन के बागान में उन्होंने गड्डा खोदा और शव को जमीन के भीतर दफना दिया। आरोपियों का मानना था कि शव को दूसरे राज्य में छिपा देने से यह मामला कभी उजागर नहीं होगा और मौत का राज हमेशा के लिए दफन रह जाएगा।

गुमशुदगी की शिकायत से सुलझी हत्या की गुत्थी

अल्बिना का कई दिनों तक कोई सुराग न मिलने पर उसके चिंतित परिजनों ने सेमिलीगुडा थाने में उसकी गुमशुदगी की आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मोहन खिल तथा मिलन कुलदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ प्रारंभ की। सुनाबेदा की उप पुलिस अधीक्षक सुमित्रा जेना के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल टावर लोकेशन से यह स्पष्ट स्थापित हो गया कि वारदात के समय आरोपी और पीड़िता एक ही स्थान पर मौजूद थे।

तकनीकी साक्ष्यों से मिली दिशा के आधार पर सेमिलीगुडा पुलिस की टीम जांच के लिए आंध्र प्रदेश पहुंची। गुरुवार को आंध्र प्रदेश पुलिस तथा स्थानीय एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की प्रशासनिक मौजूदगी में मारुपल्ली गांव के पास सागौन बागान में चिह्नित स्थान पर खुदाई करवाई गई। जमीन के नीचे से अल्बिना का शव बरामद किया गया। परिजनों ने मौके पर कपड़ों और अन्य व्यक्तिगत वस्तुओं के आधार पर शव की शिनाख्त की। घटना स्थल पर आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और जैविक साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से डीएनए सैंपल सुरक्षित किए गए हैं।

बरामदगी, जब्ती और अदालती कार्रवाई

पुलिस की इस बहुआयामी जांच के दौरान अपराध में प्रयुक्त कई अहम सामग्रियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने शव को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाने में इस्तेमाल की गई वैगन-आर कार, दफनाने की प्रक्रिया में प्रयोग किए गए औजार, आरोपियों के व्यक्तिगत मोबाइल हैंडसेट और घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं।

कानूनी धाराओं के तहत मोहन खिल के खिलाफ हत्या का मुख्य मामला और मिलन कुलदीप पर साक्ष्य छिपाने तथा सह अभियुक्त होने का आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय अदालत में पेशी के पश्चात पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है, ताकि साजिश के अन्य पहलुओं और घटनाक्रम की विस्तृत पूछताछ की जा सके।

सवाल-जवाब

अल्बिना गराडा हत्याकांड का मामला कहां का है?
यह मामला ओडिशा के कोरापुट जिले के सेमिलीगुडा थाना क्षेत्र का है, जहां ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली अल्बिना गराडा की हत्या की गई।
अल्बिना की हत्या का मुख्य आरोपी कौन है और विवाद का क्या कारण था?
मुख्य आरोपी 35 वर्ष का मोहन खिल है। अल्बिना को पता चला कि मोहन पहले से शादीशुदा है और उसकी दो पत्नियां हैं, जिसे लेकर दोनों में विवाद हुआ था।
आरोपी ने हत्या के बाद शव को कहां छिपाया था?
आरोपी मोहन ने अपने सहयोगी मिलन कुलदीप की मदद से शव को कार में रखकर आंध्र प्रदेश के मारुपल्ली गांव के पास सागौन के बागान में जमीन के नीचे दफना दिया था।
पुलिस को इस हत्या की साजिश का पता कैसे चला?
सेमिलीगुडा पुलिस ने परिजनों की गुमशुदगी की शिकायत के बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल लोकेशन डेटा की जांच की, जिससे पता चला कि घटना के समय आरोपी और अल्बिना एक ही स्थान पर मौजूद थे।
मामले में पुलिस ने क्या-क्या सामान और साक्ष्य जब्त किए हैं?
पुलिस ने शव ले जाने में इस्तेमाल वैगन-आर कार, दफनाने के औजार, आरोपियों के मोबाइल फोन और कपड़े जब्त किए हैं तथा शव का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 मिनट पहले

यह मामला डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी जासूसी की ताकत को रेखांकित करता है। जब अपराधी दूसरे राज्य में जाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करते हैं, तब मोबाइल लोकेशन डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड ही अभियोजन पक्ष का सबसे मजबूत हथियार बनते हैं। अब पुलिस के लिए चुनौती यह होगी कि वे मेडिकल और फोरेंसिक साक्ष्यों को तकनीकी साक्ष्यों के साथ मजबूती से जोड़ें, ताकि अदालत में यह मामला अभेद्य साबित हो सके और आरोपियों को सजा मिल सके।

Ravikash Gupta@ravikash·36 मिनट पहले

यह मामला वित्तीय और डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ व्यक्तिगत स्तर पर बढ़ते अपराध और कानून प्रवर्तन में तकनीकी एकीकरण की आवश्यकता को भी उजागर करता है। जब इस तरह के अंतराज्यीय और सुनियोजित अपराध सामने आते हैं, तो यह कॉर्पोरेट स्तर पर डेटा गवर्नेंस की तर्ज पर पुलिस डेटाबेस और इंटर-स्टेट सर्विलांस नेटवर्क के तालमेल की महत्ता को साबित करता है। भविष्य की न्याय प्रणाली में फोरेंसिक और डिजिटल इंटेलिजेंस का यह समन्वय ही अपराधियों के मंसूबों को नाकाम करने में सबसे बड़ी ढाल बनेगा।

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