गुजरात के सूरत शहर स्थित सुल्तानाबाद क्षेत्र में शनिवार को एक फार्महाउस के भीतर आयोजित शराब पार्टी पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान एक महिला का जन्मदिन मनाया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों ने मौके से 8 महिलाओं और 14 पुरुषों समेत कुल 22 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपी 25 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के हैं और वे सूरत के विभिन्न इलाकों के निवासी बताए गए हैं।
फार्महाउस से शराब और वाहनों की जब्ती
पुलिस की इस छापेमारी के दौरान बापूजी नी वाडी नामक फार्महाउस से आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की गईं। प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल से शराब की पांच खुली बोतलें, आधी भरी हुई शराब की गिलासें और बीयर के कई टिन मिले हैं। इसके साथ ही परिसर में खड़ी 9 लग्जरी कारें और आरोपियों के कई मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। सहायक पुलिस आयुक्त ACP श्वेता डेनियल्स ने इस मामले पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई की गई थी।
गुजरात में कड़ा कानून और निषेध अधिनियम के तहत मामला
उल्लेखनीय है कि गुजरात एक शुष्क राज्य यानी ड्राई स्टेट के रूप में जाना जाता है, जहां शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन, भंडारण और सेवन पर कानूनी रूप से पूरी तरह से प्रतिबंध लागू है। इस घटना के संदर्भ में सूरत पुलिस ने गुजरात निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की है और मामले की विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अवैध शराब नष्ट करने की पिछली कार्रवाइयां
राज्य में अवैध शराब के खिलाफ सख्त रुख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले ही सप्ताह जामनगर जिले में प्रशासन ने 25.96 लाख रुपये मूल्य की जब्त अवैध शराब पर रोड रोलर चलाकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया था। जामनगर में नष्ट की गई यह शराब पिछले डेढ़ से दो वर्षों के दौरान चलाए गए विभिन्न अभियानों में पकड़ी गई थी। गुजरात में पहले भी विभिन्न मौकों पर जब्त की गई करोड़ों रुपये मूल्य की शराब की बोतलों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाइयां की जाती रही हैं।




















