FIFA वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबले के लिए अमेरिका और बेल्जियम की टीमें मैदान पर उतर चुकी हैं। हालांकि, मैच शुरू होने से पहले फुटबॉल जगत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। UEFA ने FIFA के उस फैसले की कड़ी निंदा की है, जिसके तहत अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगा रेड कार्ड निलंबन हटा दिया गया। यह निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आधिकारिक अपील के बाद लिया गया, जिसमें उन्होंने FIFA से मामले की दोबारा समीक्षा करने का आग्रह किया था। UEFA ने FIFA पर फुटबॉल की साख को नुकसान पहुंचाने और एक लाल रेखा पार करने का आरोप लगाया है। रॉयल बेल्जियन फुटबॉल एसोसिएशन (RBFA) ने भी 5 जुलाई, 2026 की रात को इस अप्रत्याशित निर्णय पर गहरी नाराजगी व्यक्त की थी।
मैच का पहला हाफ
मैच शुरू होते ही दोनों टीमों ने आक्रामक तेवर दिखाए। बेल्जियम के लियान्द्रो ट्रोसार्ड ने शुरुआत में एक शॉट का प्रयास किया लेकिन उसे ब्लॉक कर दिया गया। मैट फ्रीज़ ने तिमोथी कास्टेन के एक शानदार शॉट को बचाकर अमेरिका के लिए संकट टाला। खेल के 8:36 मिनट पर चार्ल्स डी केटेलेयर ने निकोलस रास्किन की मदद से गोल दागकर बेल्जियम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद खेल में कई बार रुकावटें आईं, जिसमें क्रिस रिचर्ड्स और अमाडू ओनाना की चोट शामिल थी। ओनाना की जगह हान्स वनाकेन को मैदान पर आना पड़ा।
दूसरे हाफ का घटनाक्रम
दूसरे हाफ की शुरुआत में अमेरिका ने सर्जिन्यो डेस्ट की जगह जियोवान्नी रेयना को उतारा। खेल के 52वें मिनट में क्रिस्टियन पुलिसिच चोटिल हो गए और उनकी जगह सेबेस्टियन बर्हाल्टर को लाना पड़ा। बेल्जियम ने भी अपने खेल में बदलाव किए और जेरेमी डोकू तथा रोमेलू लुकाकू को मैदान पर उतारा। अमेरिका की ओर से फोलारिन बालोगुन ने बराबरी करने के प्रयास किए, लेकिन तिबो कोर्तोआ ने उनका शॉट शानदार डाइव के साथ रोक दिया।
अंतिम परिणाम
मैच के अंतिम क्षणों में बेल्जियम ने अपनी बढ़त मजबूत की। 92:24 मिनट पर रोमेलू लुकाकू ने हैंस वनाकेन की असिस्ट पर गोल करके स्कोर 4-1 कर दिया। मैच के दौरान वेस्टन मैकेनी और मलिक टिलमैन को येलो कार्ड का सामना करना पड़ा। इस परिणाम के साथ ही बेल्जियम ने अगले दौर में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली, जबकि अमेरिका का सफर यहीं समाप्त हो गया।











