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लाइव: आरबीआई ने रेपो दर 0.25% बढ़ाकर 5.50% की, वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.1% रहने का अनुमान — 7 अक्तूबर 2026लाइव
7 अक्तू॰ 2026, 10:23 am (38 मिनट पहले)· 0

लाइव: आरबीआई ने रेपो दर 0.25% बढ़ाकर 5.50% की, वित्त वर्ष 2026-27 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.1% रहने का अनुमान — 7 अक्तूबर 2026

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने पश्चिम एशिया तनाव के बीच बढ़ती महंगाई को देखते हुए रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है और निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना को खारिज किया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की वास्तविक आर्थिक विकास दर 7.1% रहने का अनुमान जताया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने पश्चिम एशिया तनाव के बीच बढ़ती महंगाई को देखते हुए रेपो दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया है और निकट भविष्य में दरों में कटौती की संभावना को खारिज किया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की वास्तविक आर्थिक विकास दर 7.1% रहने का अनुमान जताया गया है।

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लाइव अपडेट

  1. ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दायरा और समय महंगाई व वास्तविक वृद्धि पर निर्भर: आरबीआई गवर्नर

    आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने स्पष्ट किया कि ब्याज दरें बढ़ाने के चक्र का दायरा और समयसीमा अर्थव्यवस्था के वास्तविक विस्तार, उभरते रुझानों और खासकर बुनियादी मुद्रास्फीति के परिदृश्य पर निर्भर करेगी। इसके अलावा कीमतों के बढ़ते दबाव के फैलाव और आपूर्ति झटकों के दूसरे दौर के प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
  2. वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.1% रहने की उम्मीद

    संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.1% रहने का अनुमान है, जिसमें 40 आधार अंकों का इजाफा किया गया है। इससे पहले मंगलवार (6 अक्टूबर 2026) को विश्व बैंक ने भी पहली तिमाही के बेहतर नतीजों के आधार पर चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर का अनुमान अप्रैल के मुकाबले 0.5 प्रतिशत बढ़ाकर 7.1% कर दिया था।
  3. 'भविष्य में कदम केवल दर वृद्धि या विराम का ही हो सकता है'

    आरबीआई मौद्रिक नीति समिति के फैसलों को साझा करते हुए श्री मल्होत्रा ने कहा कि मौजूदा और उभरती परिस्थितियों को देखते हुए आगे केवल ब्याज दरें बढ़ाने या उन्हें यथावत रखने का ही विकल्प खुला है। उन्होंने आगे कहा, "हमारे नीतिगत रुख की विस्तृत व्याख्या अप्रैल 2025 के मेरे वक्तव्य में पहले ही दी जा चुकी थी।" ब्याज दरों पर यह फैसला मौद्रिक नीति समिति की तीन दिनों तक चली विस्तृत समीक्षा बैठक के समापन के बाद सामने आया है।
  4. एमपीसी ने नीतिगत रुख को बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' किया: संजय मल्होत्रा

    रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि एमपीसी ने अपने नीतिगत रुख को संशोधित कर "कैलिब्रेटेड टाइटनिंग" करने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि निकट भविष्य में दरों में किसी भी कटौती की संभावना पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
  5. आरबीआई एमपीसी ने रेपो दर में 25 आधार अंकों का इजाफा कर इसे 5.50% किया

    भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार (7 अक्टूबर 2026) को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए सर्वसम्मति से रेपो दर को 25 आधार अंक बढ़ाने का निर्णय लिया, जिससे यह 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गई है। लगभग साढ़े तीन साल के अंतराल के बाद यह दर वृद्धि ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण महंगाई का दबाव तेजी से बढ़ रहा है। रेपो दर को दिसंबर 2025 में घटाकर 5.25% किया गया था और उसके बाद से आज तक इसे बिना किसी बदलाव के उसी स्तर पर बरकरार रखा गया था। ललतेंदु मिश्रा
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