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लाइव: उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार; डीएमके ने बताया 'प्रतिशोध की राजनीति', कार्यकर्ताओं का सड़क पर प्रदर्शन — 4 अगस्त 2026लाइव
4 अग॰ 2026, 1:58 pm (1 दिन पहले)· 0

लाइव: उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार; डीएमके ने बताया 'प्रतिशोध की राजनीति', कार्यकर्ताओं का सड़क पर प्रदर्शन — 4 अगस्त 2026

विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में पूछताछ के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया है। द्रमुक नेता ने आरोप लगाया है कि टीवीके सरकार ने किसानों के मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यह मामला दर्ज कराया है।

तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की युवा इकाई के अध्यक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को तंजावुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी कानूनी कार्रवाई सत्ताधारी तमिझगा वेत्री कज़गम (टीवीके) के एक कार्यकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई उस शिकायत के बाद शुरू हुई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उदयनिधि स्टालिन ने एक दिन पहले यानी सोमवार, 3 अगस्त 2026 को तंजावुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान एक प्रसिद्ध अभिनेत्री को निशाना बनाते हुए अत्यंत आपत्तिजनक, अभद्र और द्विअर्थी भाषा का प्रयोग किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी थाने ले गई, जहां उनसे डेढ़ घंटे तक सघन पूछताछ की गई। इसी बीच मद्रास उच्च न्यायालय में दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य के एडवोकेट जनरल द्वारा दिए गए वक्तव्य को संज्ञान में लेते हुए न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरैयन ने पुलिस को निर्देश दिया कि पूछताछ पूरी होते ही उन्हें उसी दिन स्टेशन जमानत पर रिहा कर दिया जाए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया और वह तिरुचि हवाई अड्डे से चेन्नई के लिए रवाना हो गए।

आपत्तिजनक भाषण और दर्ज एफआईआर की कानूनी धाराएं

तंजावुर में आयोजित जनसभा के दौरान दिए गए भाषण को लेकर विवाद तब गहरा गया जब टीवीके पार्टी के एक सदस्य ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उदयनिधि स्टालिन ने अपने सार्वजनिक संबोधन में मर्यादा की सभी सीमाओं को लांघते हुए एक अभिनेत्री के प्रति अभद्र और द्विअर्थी शब्दों का प्रयोग किया, जिससे महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है। इस शिकायत के आधार पर तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएमके नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया।

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पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 196, धारा 192, धारा 352, धारा 79, धारा 296(b), धारा 61 और धारा 351(2) को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के प्रति अमर्यादित आचरण को रोकने के लिए बनाए गए तमिलनाडु महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम (टीएनपीएचडब्ल्यू एक्ट) की धारा 4 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 67 के तहत भी आरोप तय किए गए हैं। इन धाराओं के तहत केस दर्ज होने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम ने मंगलवार को उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया और उन्हें आगे की पूछताछ के लिए तिरुचि के रास्ते तंजावुर की ओर ले जाया गया।

मद्रास उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत पर सुनवाई और कोर्ट का आदेश

उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही उनके कानूनी दल ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया और न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरैयन की एकल पीठ के समक्ष अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की। याचिका में उदयनिधि स्टालिन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने किसी भी व्यक्ति, चाहे वह मुख्यमंत्री हों या कोई अभिनेत्री, के खिलाफ कोई अपमानजनक या अशोभनीय बयान नहीं दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि भाषण के दौरान किसी भी महिला की गरिमा को आहत करने का उनका कोई इरादा नहीं था और राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से सत्ताधारी दल द्वारा उनके भाषण के अंशों को संदर्भ से बाहर निकालकर तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया है।

उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन का पक्ष रखा। एडवोकेट जनरल ने अदालत को सूचित किया कि पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार कर तंजावुर जरूर ले जाया है, लेकिन पुलिस की उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने या जेल भेजने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई का एकमात्र उद्देश्य केवल उनसे मामले के संबंध में पूछताछ करना है। न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरैयन ने राज्य सरकार की इस दलील को आधिकारिक रिकॉर्ड पर लिया और अपना फैसला सुनाते हुए पुलिस प्रशासन को स्पष्ट आदेश जारी किया कि वह पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को ही स्टेशन जमानत पर रिहा कर दे। इसके साथ ही न्यायाधीश ने विपक्ष के नेता को निर्देश दिया कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करें और जब भी पूछताछ के लिए आवश्यकता हो, प्रस्तुत हों।

सेंगीपट्टी थाने में पूछताछ और तिरुचि से चेन्नई रवानगी

पुलिस का काफिला उदयनिधि स्टालिन को लेकर जब तिरुचिरापल्ली से तंजावुर के लिए निकला तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। तंजावुर शहर और तंजावुर दक्षिण पुलिस स्टेशन के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था क्योंकि वहां बड़ी संख्या में डीएमके समर्थक एकत्र होकर नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस काफिले को तंजावुर शहर में प्रवेश कराने के बजाय शहर से पहले ही तंजावुर जिले में स्थित सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन की ओर मोड़ दिया गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) स्वयं सेंगीपट्टी थाने पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

शाम लगभग 6:45 बजे उदयनिधि स्टालिन को लेकर पुलिस का वाहन सेंगीपट्टी थाने के प्रांगण में पहुंचा। थाने के बाहर पहले से ही डीएमके कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमी हुई थी। पुलिस वाहन से उतरते ही उदयनिधि स्टालिन ने हाथ हिलाकर बाहर मौजूद अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया, जिसके बाद अधिकारी उन्हें पूछताछ कक्ष में ले गए। सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के भीतर उनसे लगभग डेढ़ घंटे तक गहन सवाल-जवाब किए गए। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप पूछताछ समाप्त होने के बाद पुलिस ने उन्हें स्टेशन जमानत पर मुक्त कर दिया। रिहाई के तुरंत बाद उदयनिधि स्टालिन तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से वह विशेष विमान द्वारा चेन्नई के लिए रवाना हो गए। चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचने पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया, जिसके बाद वह अपने सरकारी आवास के लिए प्रस्थान कर गए।

तिरुचि हवाई अड्डे पर उदयनिधि स्टालिन का बयान और सरकार पर आरोप

रिहाई के बाद तिरुचिरापल्ली हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके भाषण का उद्देश्य कभी भी किसी व्यक्ति विशेष या महिलाओं का अनादर करना नहीं था। उन्होंने उन मीडिया दावों को पूरी तरह से काल्पनिक और बेबुनियाद बताया जिनमें कहा गया था कि उनके वक्तव्य में द्विअर्थी या अशोभनीय संकेत शामिल थे।

उदयनिधि स्टालिन ने टीवीके सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक द्वेष के तहत उनके वीडियो क्लिप में काट-छांट की है और ऐसे शब्द उनके नाम से जोड़ दिए हैं जो उन्होंने जनसभा में कभी कहे ही नहीं थे। उन्होंने दावा किया कि वह लगातार राज्य में किसानों के मुद्दों, कावेरी जल बंटवारे के संकट और जनहित की समस्याओं को उठा रहे थे। टीवीके सरकार इन बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है और आगामी विधानसभा सत्र में इन सवालों का जवाब देने से बचने के लिए जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति के तहत यह झूठा मामला दर्ज कराया गया है।

सत्ताधारी टीवीके नेताओं के कड़े तेवर और जयललिता का उल्लेख

उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी और उसके बाद की कानूनी कार्रवाई पर टीवीके सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया। टीवीके के वरिष्ठ नेता तथा राज्य के ऊर्जा एवं कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार ने मंगलवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि डीएमके युवा मोर्चा के सचिव और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन का आचरण लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है और वह तमिलनाडु विधानसभा में प्रवेश करने या सार्वजनिक जीवन में बने रहने के योग्य नहीं हैं।

मंत्री आर. निर्मलकुमार ने तर्क दिया कि सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से समाज एक आदर्श व्यवहार की अपेक्षा करता है। महिलाओं के प्रति अशोभनीय रवैया रखने वाला व्यक्ति विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहने की अर्हता खो देता है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि आज पुरातची तलैवर एम.जी. रामचंद्रन और अम्मा जे. जयललिता जीवित होते, तो वे भी महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए वही कठोर कदम उठाते जो आज मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने उठाया है।

दूसरी ओर, चेन्नई के पनईयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित टीवीके और उसके सहयोगी दलों के विधायकों की उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए चुनाव अभियान प्रबंधन के टीवीके महासचिव तथा लोक निर्माण व खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने सरकार की नीति को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शेगी नहीं। चाहे वह कोई बड़ा विपक्षी नेता हो, पीली पत्रकारिता करने वाले मैगजीन प्रकाशक हों या सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से ट्रॉल करने वाले लोग हों, सभी के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री आधव अर्जुन ने कहा कि जिस प्रकार सरकार राज्य से भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है, उसी प्रकार सार्वजनिक संवाद से महिलाओं के अपमान की संस्कृति को समाप्त करना टीवीके की प्रमुख नीति है। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कभी किसी पर व्यक्तिगत हमले नहीं किए; यहां तक कि मदुरै की एक रैली में उन्होंने एम.के. स्टालिन को केवल एक बार पारिवारिक रिश्ते के संदर्भ में 'स्टालिन अंकल' कहा था और बाद में उसका प्रयोग भी बंद कर दिया था।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया: एआईएडीएमके और एमडीएमके का रुख

इस पूरे घटनाक्रम पर तमिलनाडु की अन्य प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने भी अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के महासचिव और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने बुधवार, 5 अगस्त 2026 से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र का हवाला देते हुए सरकार के इस कदम की आलोचना की। उन्होंने टीवीके सरकार से मांग की कि वह नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ की गई गिरफ्तारी की कार्रवाई को तत्काल वापस ले। पलानीस्वामी ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष के नेता का पद एक संवैधानिक और अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान होता है। सरकार द्वारा विधानसभा सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले विपक्ष के नेता को गिरफ्तार कर बिना उनके ही सत्र आयोजित करने की योजना बनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ और निंदनीय है।

हालांकि, इसके साथ ही पलानीस्वामी ने उदयनिधि स्टालिन की भाषा शैली पर भी सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि एआईएडीएमके लंबे समय से यह कहती आ रही है कि उदयनिधि स्टालिन को अपने द्वारा बोले जाने वाले शब्दों के चयन पर संयम और ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस उच्च पद पर वह आसीन हैं, उसकी गरिमा को समझे बिना महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणियां करना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।

वहीं दूसरी ओर, मरुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) के महासचिव वाइको ने भी उदयनिधि स्टालिन के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की। वाइको ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि तंजावुर की जनसभा में उदयनिधि स्टालिन द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा ने उन्हें एक निचले स्तर के साधारण मंच वक्ता के समकक्ष ला खड़ा किया है। वाइको ने कहा कि सार्वजनिक मंचों से भाषण देते समय संयम और शिष्टाचार बनाए रखना अनिवार्य है और इस तरह की हल्की बयानबाजी नेता प्रतिपक्ष जैसे उच्च पद की गरिमा और मर्यादा के बिल्कुल अनुकूल नहीं है।

डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन और युवा मोर्चा का पलटवार

डीएमके के शीर्ष नेतृत्व ने इस कानूनी कार्रवाई को सत्ताधारी दल का राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को बयान जारी कर आरोप लगाया कि टीवीके सरकार का यह कदम केवल एक राजनीतिक चालबाजी है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में राज्य कावेरी जल बंटवारे के गंभीर संकट से जूझ रहा है और सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं तथा कावेरी मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपना रही है। एम.के. स्टालिन ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे विपक्ष की आवाज को दबाने की नीयत से उदयनिधि स्टालिन को निशाना बनाया गया है।

इसी सुर में डीएमके युवा मोर्चा ने भी एक आधिकारिक वक्तव्य जारी कर अपने प्रमुख नेता की गिरफ्तारी पर गहरा रोष व्यक्त किया। युवा मोर्चा ने कहा कि कावेरी नदी के जल बंटवारे पर उठाए गए तीखे सवालों का जवाब देने के बजाय टीवीके सरकार ने दंडात्मक कार्रवाई का सहारा लिया है, जो राज्य सरकार की बेबसी, लाचारी और घबराहट को दर्शाती है। तिरुचि में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोयामोझी ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार को इस बात का डर था कि उदयनिधि स्टालिन बुधवार को विधानसभा में मेकेदाटु बांध निर्माण विवाद और किसानों की समस्याओं पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेंगे, इसीलिए सत्र से ठीक पहले उन्हें हिरासत में ले लिया गया।

मध्य तमिलनाडु और विभिन्न जिलों में सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता

उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के विरोध में और उनके समर्थन में मंगलवार को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी राजनीतिक घमासान और विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। मध्य तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुनेलवेली और रामनाथपुरम जैसे प्रमुख शहरों में माहौल दिनभर तनावपूर्ण बना रहा।

तिरुचिरापल्ली में डीएमके कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। मेयर एम. अनबाझगन के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सेंट्रल बस स्टैंड के निकट एकत्रित हुए और टीवीके सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं तंजावुर जिले के पट्टुकोट्टई में स्थिति तब और बिगड़ गई जब टीवीके युवा मोर्चा के सदस्यों ने सड़क पर उदयनिधि स्टालिन का पुतला फूंकने का प्रयास किया। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुतले को छीन लिया और पुतला दहन के प्रयास को नाकाम कर दिया। इसके अलावा सेंगीपट्टी थाने के बाहर भी सैकड़ों डीएमके समर्थक झंडे लेकर पहुंचे और नारेबाजी करते रहे।

कोयंबटूर जिले के विभिन्न हिस्सों में डीएमके और टीवीके के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। गांधीपुरम सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर डीएमके समर्थकों ने गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर, कवुंडमपलायम क्षेत्र की विधायक कनिमोझी संतोष के नेतृत्व में टीवीके कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। विधायक कनिमोझी संतोष ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऊंचे पदों पर आसीन नेताओं पर भाषा में संयम और मर्यादा बनाए रखने की बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि राजनीति में विचारधाराओं का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी मंच से महिलाओं को नीचा दिखाने या उनके सम्मान पर चोट करने वाली भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मदुरै में टीवीके की महिला इकाई की कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर जुलूस निकाला और उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ नारेबाजी की। तिरुनेलवेली में टीवीके कार्यकर्ताओं ने तिरुनेलवेली रेलवे जंक्शन के बाहर जोरदार प्रदर्शन आयोजित किया, जबकि रामनाथपुरम में भी टीवीके सदस्यों ने डीएमके नेता के बयान के विरोध में प्रदर्शन कर अपना आक्रोश प्रकट किया।

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  1. महिलाओं के प्रति अमर्यादित टिप्पणी करने वालों पर टीवीके सरकार करेगी कड़ी कार्रवाई: आधव अर्जुन

    चुनाव अभियान प्रबंधन के टीवीके महासचिव और लोक निर्माण तथा खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा, चाहे वे विपक्षी नेता हों, 'येलो मैगजीन' के प्रकाशक हों या सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट चलाने वाले लोग हों। चेन्नई के बाहरी इलाके पनईयूर में पार्टी मुख्यालय में विधानसभा के बजट सत्र से पहले टीवीके और उसके सहयोगी दलों के विधायकों की बैठक को संबोधित करते हुए अर्जुन ने कहा कि यह टीवीके की प्रमुख नीति है। उन्होंने जोर दिया कि जिस तरह भ्रष्टाचार को खत्म किया जा रहा है, उसी तरह महिलाओं के अपमान की संस्कृति को भी पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कभी व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी नहीं की है। अर्जुन के अनुसार, "हमारे नेता [विजय] ने मदुरै में एक भाषण के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को केवल एक बार 'स्टालिन अंकल' कहकर संबोधित किया था, जो पूरी तरह से पारिवारिक रिश्ते के संदर्भ में था, और बाद में उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल बंद कर दिया था।"
  2. पुलिस हिरासत से छूटने के बाद चेन्नई हवाई अड्डे पहुंचे उदयनिधि स्टालिन

    सेंगीपट्टी में पुलिस द्वारा रिहा किए जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन चेन्नई हवाई अड्डे पहुंचे। हवाई अड्डे पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया, जिसके तुरंत बाद वह अपने निवास स्थान के लिए रवाना हो गए।
  3. उदयनिधि स्टालिन ने अभद्र टिप्पणी के आरोपों को नकारा, टीवीके सरकार पर लगाया ध्यान भटकाने का आरोप

    तिरुचि हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए द्रमुक के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनका इरादा किसी को, विशेषकर महिलाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने उन दावों का पूरी तरह खंडन किया जिनमें कहा गया था कि उनकी बातों में द्विअर्थी या आपत्तिजनक संकेत थे। उन्होंने टीवीके सरकार पर आरोप लगाया कि उनके द्वारा उठाए गए किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने के उद्देश्य से यह मामला झूठा दर्ज किया गया है।
  4. सेंगीपट्टी थाने में डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को मिली जमानत

    एक फिल्म अभिनेता पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में लगभग डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को जमानत पर रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद वह तिरुचि हवाई अड्डे से चेन्नई के लिए उड़ान भरने वाले हैं।
  5. सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ जारी, बाहर जुटी द्रमुक कार्यकर्ताओं की भीड़

    विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन शाम लगभग 6:45 बजे पूछताछ के लिए सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के अंदर पहुंचे। इस दौरान पुलिस स्टेशन के बाहर बेताब द्रमुक कार्यकर्ता लगातार डटे रहे।
  6. सेंगीपट्टी थाने पहुंचते ही उदयनिधि स्टालिन ने द्रमुक कार्यकर्ताओं का किया अभिवादन

    मंगलवार को सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन पहुंचे विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने पुलिस वाहन से उतरकर वहां एकत्र हुए द्रमुक कार्यकर्ताओं का हाथ हिलाकर अभिवादन किया, जिसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए अंदर ले जाया गया।
  7. तंजावुर के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर भारी संख्या में जुटे द्रमुक कार्यकर्ता

    तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन के बाहर बड़ी संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता जमा हो गए हैं, जहां उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए लाया गया है।
  8. उदयनिधि स्टालिन का काफिला सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन पहुंचा; मध्य क्षेत्र के आईजी भी पहुंचे

    उदयनिधि स्टालिन को ले जा रहा काफिला तंजावुर शहर से पहले ही तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन पहुंच गया है। मध्य क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) भी स्थिति का जायजा लेने सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन पहुंचे हैं।
  9. तिरुचि से तंजावुर ले जाए जा रहे उदयनिधि स्टालिन, तंजावुर में कड़ी सुरक्षा और द्रमुक का विरोध प्रदर्शन

    नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को ले जा रहा काफिला तंजावुर की ओर बढ़ते हुए तिरुचि से होकर गुजरा। तंजावुर शहर और तंजावुर दक्षिण पुलिस स्टेशन के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें पूछताछ के लिए लाए जाने की उम्मीद थी। इस दौरान टीवीके सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए और पार्टी झंडे लिए बड़ी संख्या में द्रमुक कार्यकर्ता पुलिस स्टेशन के पास एकत्र हो गए।
  10. तिरुनेलवेली रेलवे जंक्शन के बाहर टीवीके का विरोध प्रदर्शन

    टीवीके के कार्यकर्ताओं ने तिरुनेलवेली रेलवे जंक्शन के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
  11. उदयनिधि स्टालिन की पूछताछ से पहले तंजावुर पुलिस स्टेशन का दृश्य

    उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू होने से पहले तंजावुर पुलिस स्टेशन के बाहर का दृश्य और तैयारियां।
  12. उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी पर बोले एम.के. स्टालिन, टीवीके सरकार पर लगाया ध्यान भटकाने का आरोप

    द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी तमिलनाडु वेत्री कझगम (टीवीके) सरकार की एक चाल है। उन्होंने दावा किया कि कावेरी जल विवाद से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठाया गया है। एम.के. स्टालिन ने टीवीके सरकार पर आगामी तमिलनाडु विधानसभा सत्र से ठीक पहले विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए उदयनिधि को गिरफ्तार करने का आरोप लगाया।
  13. तंजावुर में उदयनिधि का पुतला फूंकने का प्रयास विफल

    तंजावुर जिले के पट्टुकोट्टई में टीवीके युवा मोर्चे के सदस्यों ने दिन में उदयनिधि के पुतले को जलाने की कोशिश की। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उनके इस प्रयास को नाकाम कर दिया।
  14. उदयनिधि की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य तमिलनाडु में सड़कों पर उतरे डीएमके कार्यकर्ता

    मंगलवार को तमिलनाडु के मध्य जिलों के कई हिस्सों में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब डीएमके कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी के युवा विंग प्रमुख उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए प्रदर्शन किया। तिरछी में विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री अनबिल महेश पोयामोझी ने आरोप लगाया कि टीवीके सरकार ने उदयनिधि को इस डर से गिरफ्तार किया है कि वह कल के विधानसभा सत्र में मेकेदाटु मुद्दे पर सवाल उठाएंगे। उन्होंने सरकार पर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। इसी तरह तिरछी में ही, मेयर एम. अनबाझगन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता सेंट्रल बस स्टैंड के पास इकट्ठा हुए और उदयनिधि की हिरासत के खिलाफ नारेबाजी की।
  15. रामनाथपुरम में डीएमके नेता की टिप्पणी के खिलाफ टीवीके कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

    डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा की गई टिप्पणियों का विरोध करते हुए टीवीके कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को रामनाथपुरम में एक प्रदर्शन आयोजित किया।
  16. वाइको ने उदयनिधि पर कसा तंज, कहा- उनका भाषण एक मामूली मंच वक्ता जैसा था

    एमडीएमके महासचिव वाइको ने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणियों ने उन्हें एक निचले स्तर के मंच वक्ता के समकक्ष ला खड़ा किया है। एक आधिकारिक बयान में वाइको ने कहा कि उदयनिधि को सोमवार को तंजावुर में एक जनसभा को संबोधित करते समय संयम बरतना चाहिए था। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी बयानबाज़ी विपक्ष के नेता पद की गरिमा के अनुकूल नहीं है।
  17. कोयंबटूर में आमने-सामने आए डीएमके और टीवीके कार्यकर्ता, जमकर हुआ प्रदर्शन

    मंगलवार को कोयंबटूर जिले के कई स्थानों पर पार्टी के युवा मोर्चा प्रमुख व विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के खिलाफ डीएमके कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसी बीच, कवुंडमपलायम विधायक कनिमोझी संतोष की अगुवाई में टीवीके कार्यकर्ताओं ने भी उदयनिधि के बयानों की निंदा करते हुए विरोध दर्ज कराया। विधायक संतोष ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उच्च पदों पर आसीन व्यक्तियों पर शब्दों में गरिमा और संयम बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन महिलाओं को नीचा दिखाने या उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। (कोयंबटूर, तमिलनाडु - 04/08/2026): मंगलवार को कोयंबटूर के गांधीपुरम में उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएमके समर्थक।
  18. उदयनिधि स्टालिन विधानसभा या सार्वजनिक जीवन में रहने के योग्य नहीं हैं: TVK मंत्री निर्मलकुमार

    TVK के वरिष्ठ नेता और तमिलनाडु के ऊर्जा व कानून मंत्री आर. निर्मलकुमार ने मंगलवार को कहा कि DMK युवा विंग के सचिव और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन "विधानसभा में प्रवेश करने और सार्वजनिक जीवन में रहने के लायक नहीं हैं।" उन्होंने तर्क दिया कि वह विपक्ष का नेता बने रहने के योग्य नहीं हैं। महिलाओं के प्रति ऐसा रवैया रखने वाले व्यक्ति के पास विधान सभा में प्रवेश करने की कोई योग्यता नहीं है। यदि पुरातची तलैवर एम.जी. रामचंद्रन और अम्मा (जे. जयललिता) जीवित होते, तो वे भी वही कदम उठाते जो मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आज उठाया है। — एन. साई चरण
  19. पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को आज ही रिहा करें: मद्रास उच्च न्यायालय

    अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पुलिस के प्रतिवेदन को दर्ज करते हुए, मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जी.के. इलानथिरैयन ने अब पुलिस को निर्देश दिया है कि वह उदयनिधि को पूछताछ के बाद आज ही स्टेशन जमानत पर रिहा कर दे। उन्होंने विपक्ष के नेता को भी जांच में सहयोग करने और आवश्यकता पड़ने पर पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। — मोहम्मद इमरानउल्लाह
  20. पूछताछ के लिए तंजावुर ले जाए गए उदयनिधि स्टालिन

    मद्रास उच्च न्यायालय में उदयनिधि की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने बताया कि पुलिस ने उदयनिधि को गिरफ्तार कर तंजावुर ले जाया है, लेकिन पुलिस की उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कोई योजना नहीं है। इसका उद्देश्य केवल उनसे पूछताछ करना है। न्यायाधीश ने इस दलील को रिकॉर्ड पर लिया। — मोहम्मद इमरानउल्लाह
  21. मद्रास उच्च न्यायालय में उदयनिधि की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू

    मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरैयन ने विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू की। अपनी याचिका में, उदयनिधि ने कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री या किसी अभिनेता सहित किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी या अभद्र बयान नहीं दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किसी शब्द या इशारे का इस्तेमाल नहीं किया और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उनके भाषण को संदर्भ से बाहर निकालकर प्रस्तुत किया गया है। — मोहम्मद इमरानउल्लाह
  22. उदयनिधि को अपनी भाषा पर ध्यान देना चाहिए: गिरफ्तारी की निंदा करते हुए बोले EPS

    AIADMK के महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने कल (5 अगस्त) शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से ठीक पहले TVK के नेतृत्व वाली सरकार से DMK नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई वापस लेने का आग्रह किया। उन्होंने आरोप लगाया, "विपक्ष के नेता का पद विधानसभा में एक प्रमुख स्थान होता है। यह निंदनीय है कि यह सरकार उस पद को धारण करने वाले व्यक्ति के बिना ही सत्र चलाने की योजना बना रही है।" सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, पलानीस्वामी ने कहा, "हम कई सालों से कह रहे हैं कि उदयनिधि को अपने बोले जाने वाले शब्दों पर ध्यान देना चाहिए। यह बेहद निंदनीय है कि उन्होंने जिस पद पर वह हैं उसकी गरिमा का एहसास किए बिना महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं।"
  23. उदयनिधि स्टालिन की द्विअर्थी टिप्पणियों पर समाचार विश्लेषण

    सार्वजनिक संवाद कुछ नियमों और आचार संहिता द्वारा संचालित होता है। हालांकि हास्य दर्शकों को आकर्षित करने का एक माध्यम हो सकता है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर अश्लीलता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सोमवार (3 अगस्त, 2026) को जो टिप्पणियां कीं, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है, वे पूरी तरह से अश्लीलता की श्रेणी में आती हैं, राम्या कन्नन लिखती हैं। सार्वजनिक संवाद में मर्यादा: उदयनिधि स्टालिन की द्विअर्थी टिप्पणियों पर
  24. जो शब्द मैंने कभी कहे ही नहीं, वे मुझसे जोड़ दिए गए: गिरफ्तारी के बाद बोले उदयनिधि

    तंजावुर में महिला विरोधी भाषण देने के आरोप में दर्ज शिकायत के संबंध में गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) सरकार पर वीडियो में काट-छांट कर ऐसे शब्द उनके नाम करने का आरोप लगाया जो उन्होंने कभी बोले ही नहीं थे। उदयनिधि स्टालिन का दावा है कि TVK सरकार ने गलत तरीके से उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, और कथित महिला विरोधी टिप्पणियों के आरोप में उनकी गिरफ्तारी के बाद इसे एक भटकाने वाली रणनीति बताया।
  25. टीवीके महिला मोर्चे ने मदुरै में किया विरोध प्रदर्शन

    मदुरै से सामने आए नए दृश्यों में टीवीके (TVK) पार्टी की महिला इकाई की कार्यकर्ताओं को उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए देखा गया।
  26. विधानसभा में सवाल पूछने से रोकने के लिए हुई उदयनिधि की गिरफ्तारी: डीएमके युवा मोर्चा

    डीएमके युवा मोर्चा ने मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को अपने प्रमुख नेता उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की। युवा इकाई का आरोप है कि कावेरी जल बंटवारे के विवाद पर उठाए गए सवालों का जवाब देने के बजाय तमिझगा वेत्री कज़गम (TVK) सरकार ने यह दंडात्मक कार्रवाई की है। जारी किए गए एक आधिकारिक वक्तव्य में युवा मोर्चे ने कहा कि यह गिरफ्तारी मौजूदा राज्य सरकार की बेबसी और लाचारी को उजागर करती है।
  27. महिला-विरोधी भाषा के प्रयोग की शिकायत पर उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार

    तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और डीएमके युवा इकाई के अध्यक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार (4 अगस्त, 2026) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सत्ताधारी टीवीके के एक सदस्य द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद हुई, जिसमें उन पर एक दिन पहले तंजावुर की जनसभा में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया गया है। उन पर दर्ज शिकायत में आरोप है कि उन्होंने अपने संबोधन के दौरान एक अभिनेत्री को निशाना बनाते हुए कथित रूप से अशोभनीय व द्विअर्थी बातें कही थीं। शिकायत के आधार पर तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन ने डीएमके नेता पर BNS की धारा 196, 192, 352, 79, 296(b), 61 और 351(2), TNPHW एक्ट की धारा 4 और IT एक्ट की धारा 67 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है। इस घटनाक्रम के बाद डीएमके समर्थकों के भारी विरोध के बीच मामले को अदालत में कानूनी चुनौती दी जा रही है।

सवाल-जवाब

उदयनिधि स्टालिन को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
उदयनिधि स्टालिन को 3 अगस्त 2026 को तंजावुर की एक जनसभा में एक अभिनेत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक व द्विअर्थी टिप्पणी करने की शिकायत पर 4 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।
उदयनिधि स्टालिन पर एफआईआर में कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
तंजावुर ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर में बीएनएस की धारा 196, 192, 352, 79, 296(b), 61, 351(2) के अलावा टीएनपीएचडब्ल्यू एक्ट की धारा 4 और आईटी एक्ट की धारा 67 शामिल की गई हैं।
मद्रास उच्च न्यायालय ने उदयनिधि स्टालिन की जमानत पर क्या आदेश दिया?
न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरैयन ने राज्य सरकार की दलील दर्ज करने के बाद पुलिस को निर्देश दिया कि पूछताछ पूरी होते ही उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार को ही स्टेशन जमानत पर रिहा कर दिया जाए।
पूछताछ की प्रक्रिया कहां और कितनी देर चली?
पुलिस ने तंजावुर जिले के सेंगीपट्टी पुलिस स्टेशन में शाम लगभग 6:45 बजे से उदयनिधि स्टालिन से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की।
डीएमके और एम.के. स्टालिन ने इस कार्रवाई पर क्या कहा?
डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने इसे टीवीके सरकार की राजनीतिक चालबाजी बताया और आरोप लगाया कि कावेरी जल विवाद तथा विधानसभा सत्र से ध्यान भटकाने के लिए यह कदम उठाया गया।
टीवीके मंत्रियों की इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया रही?
टीवीके मंत्री आर. निर्मलकुमार और आधव अर्जुन ने कहा कि महिलाओं के अपमान की संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सार्वजनिक पदों पर बैठे व्यक्तियों को मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
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