इंदौर के रावजी बाजार इलाके में गाड़ी से जा रहे एक कारोबारी और उनकी पत्नी के साथ सड़क पर बदसलूकी की एक डरावनी घटना सामने आई है। दो युवक बाइक पर सवार होकर पीछे से आए और महज मामूली बात पर इतना उग्र हो गए कि दंपति की कार पर बोतल दे मारी, जिससे कार का शीशा टूट गया। हालांकि गनीमत रही कि इस हमले में किसी को चोट नहीं आई। घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया।
रास्ते में अचानक शुरू हुआ विवाद
कपड़ा व्यापारी पीयूष मानवानी अपनी पत्नी के साथ कार से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से दो युवक बाइक पर आए और बगैर किसी वजह के उनकी कार को बेहद लापरवाही से ओवरटेक करने लगे। रावजी बाजार थाना प्रभारी उमेश यादव के मुताबिक, इन दोनों युवकों ने कार को करीब लाकर उस पर हाथों से जोर-जोर से थप्पड़ मारने शुरू कर दिए। अचानक हुई इस हरकत से दंपति सहम गया। जब पीयूष ने माजरा समझने के लिए कार रोकी, तो उन्हें उम्मीद थी कि बात शायद वहीं खत्म हो जाएगी, लेकिन हुआ उल्टा।
बोतल से वार, कार का शीशा चकनाचूर
कार रुकते ही बाइक पर पीछे बैठा युवक गुस्से में उतरकर कार की तरफ बढ़ा और गाली-गलौज पर उतर आया। उसके हाथ में उस वक्त एक कांच की बोतल थी, जिसे उसने बिना कुछ सोचे-समझे सीधा कार की खिड़की पर दे मारा। बोतल की चोट से शीशा चकनाचूर होकर बिखर गया। इस पूरे वाकये के दौरान डरा हुआ दंपति कार के अंदर ही दुबका रहा और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। राहत की बात यह रही कि टूटे शीशे के बावजूद न तो पीयूष को और न ही उनकी पत्नी को कोई चोट पहुंची।
पुलिस की फुर्ती, दोनों आरोपी गिरफ्तार
वारदात की जानकारी मिलते ही रावजी बाजार पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। थाना प्रभारी उमेश यादव की टीम ने छानबीन शुरू की और कुछ ही समय में दोनों संदिग्ध युवकों को ढूंढ निकाला। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया है, जहां उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी छोटी सी बात पर इन युवकों ने इतना हिंसक रुख क्यों अपनाया और क्या इनका किसी पुराने विवाद से कोई संबंध है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शासकीय मर्यादा भंग करने और जानबूझकर नुकसान पहुंचाने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ने पर मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। इस तरह की घटनाएं सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती हैं, खासकर तब जब मामूली बहस भी इतनी जल्दी हिंसक रूप ले ले।











