मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, 15 जिलों में तेज आंधी को लेकर अलर्ट जारीमध्य प्रदेश
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मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, 15 जिलों में तेज आंधी को लेकर अलर्ट जारी

मध्य प्रदेश में बारिश थमने के बाद उमस भरी गर्मी लौट आई है, आज बारिश का कोई अलर्ट नहीं लेकिन 15 जिलों में तेज हवा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.

मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थमती नजर आ रही है. पिछले दो दिनों से राज्य के ज्यादातर जिलों में मौसम बदला हुआ है और भारी बारिश के दौर के बाद अब हवा शुष्क हो चली है. इसके साथ ही गर्मी का असर भी बढ़ने लगा है और उमस लोगों को पसीने से तरबतर कर रही है. बीते कुछ दिनों की राहत के बाद अब लोग एक बार फिर एसी-कूलर की शरण में जाते दिख रहे हैं. आज यानी 14 जुलाई 2026, मंगलवार को राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा और वहां किसी तरह के अलर्ट की जरूरत नहीं समझी गई है, हालांकि 15 जिलों के लिए तेज हवा का येलो अलर्ट जारी किया गया है.

भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा. यहां बारिश की संभावना तो नहीं है, लेकिन 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने इन जिलों के निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि इतनी तेज हवा से पेड़ टूटने, होर्डिंग गिरने या कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है.

दो दिन और सहनी होगी उमस भरी गर्मी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 जुलाई का दिन भी कमोबेश आज जैसा ही रहने वाला है. राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा, यानी अगले दो दिनों तक प्रदेशवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम ही है. हालांकि 16 जुलाई को तस्वीर कुछ बदल सकती है. इस दिन कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है, जो मौजूदा शुष्क दौर से थोड़ा अलग मौसमी बदलाव का संकेत है.

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बारिश से पहले उफनती नदियां और डूबे मंदिर

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही बारिश ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया था. उस दौर में राज्यभर में नदी-नाले उफान पर आ गए थे और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई थी. उज्जैन में शिप्रा नदी के घाट पर बने छोटे-छोटे मंदिर तक पानी में डूबे नजर आए थे. इसी भारी बारिश के चलते खेत पानी से लबालब भर गए, जो किसानों के लिए राहत भरी खबर साबित हुई. दरअसल इसी समय किसान धान और अन्य फसलों की रोपाई में जुटे हैं, और उनके लिए यह बारिश का पानी किसी वरदान से कम नहीं रहा.

सवाल-जवाब

आज यानी 14 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश में मौसम कैसा रहेगा?
ज्यादातर जिलों में मौसम शुष्क रहेगा और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन 15 जिलों में तेज हवा को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है.
कौन-कौन से 15 जिले येलो अलर्ट के दायरे में हैं?
सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा.
इन जिलों में हवा की रफ्तार कितनी रहने का अनुमान है?
30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है, हालांकि बारिश नहीं होगी.
15 जुलाई को मौसम कैसा रहने की उम्मीद है?
राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा और उमस भरी गर्मी जारी रहेगी, बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है.
16 जुलाई को मौसम में क्या बदलाव संभव है?
कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है.
भारी बारिश के दौर में मध्य प्रदेश में क्या स्थिति बनी थी?
मानसून की दस्तक के साथ ही नदी-नाले उफान पर आ गए थे, कई जगह जलभराव हुआ और उज्जैन में शिप्रा नदी के घाट पर बने छोटे मंदिर पानी में डूब गए थे.
भारी बारिश से किसानों को क्या फायदा हुआ?
खेत पानी से लबालब भर गए, जो धान और अन्य फसलों की रोपाई कर रहे किसानों के लिए राहत भरा साबित हुआ.

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