छतरपुर जिले के सटई थाना इलाके से एक चौका देने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने एक गुमशुदगी के मामले की जांच करते हुए हत्या की एक सनसनीखेज साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ कि एक पत्नी ने अपने प्रेमी और उसके एक साथी के साथ मिलकर अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी और शव को अमरोनिया के जंगल में ठिकाने लगा दिया।
गुमशुदगी की शिकायत से शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत 10 जुलाई को हुई, जब सिगरामपुरा के रहने वाले मनीराम रैकवार के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह आटा पिसाने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। जब काफी तलाश के बाद भी उनका कोई अता-पता नहीं चला, तो परिवार वालों ने चिंता जाहिर की। पुलिस ने इस मामले में तेजी से जांच शुरू की, जिसमें सबसे पहला अहम सुराग तब मिला जब पुलिस ने मनीराम रैकवार की मोटरसाइकिल बरामद की। इस बाइक के मिलने के बाद पुलिस को संदेह हुआ और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया, जिससे हत्या की इस खौफनाक साजिश की परतें एक-एक करके खुलती गईं।
साजिश का मास्टरमाइंड कौन?
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सटई थाने में दर्ज गुमशुदगी के बाद पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से तफ्तीश की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक की पत्नी शिवानी रैकवार ही इस पूरी साजिश की मुख्य सूत्रधार थी। महिला के अवैध संबंध अखिलेश पटेल नामक युवक के साथ थे, जो किशनगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है। शादी को अभी मात्र 2 महीने ही हुए थे कि पत्नी ने अपने प्रेमी अखिलेश पटेल और उसके दोस्त भरत यादव के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
आरोपियों ने मनीराम रैकवार को एक पार्टी के बहाने घर से बाहर बुलाया और सुनसान जगह पर ले जाकर मौत के घाट उतार दिया। शव को जंगल में छिपाने के इरादे से उन्होंने उस पर भारी पत्थर रख दिए थे, ताकि किसी को कुछ पता न चले। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों - शिवानी रैकवार, अखिलेश पटेल और भरत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। मौके से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, एक तौलिया, पेचकस और मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।











