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छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र
छत्तीसगढ़ विधानसभा में मानसून सत्र की औपचारिक शुरुआत 13 जुलाई से होने जा रही है। यह सत्र 17 जुलाई तक चलेगा, जिसके दौरान कुल पांच महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। सरकार इस सत्र में आठ विधेयकों को सदन के पटल पर पेश करने की योजना बना रही है। विधानसभा सचिवालय के अनुसार, पांच दिनों के इस छोटे लेकिन असरदार सत्र के लिए अब तक कुल 1033 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। नकटी की समस्या और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सदन में तीखी बहस होने की उम्मीद है। न केवल विपक्ष बल्कि सत्तापक्ष के विधायक भी विभिन्न विभागों से संबंधित सवाल पूछने की तैयारी में हैं, साथ ही ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से जनता से जुड़े अन्य गंभीर मुद्दों को भी उठाया जाएगा।
जशपुर में सड़क हादसा
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है। तपकरा थाना क्षेत्र के लवाकेरा के पास ओडिसा-कुनकुरी मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक और एक कार के बीच भीषण टक्कर हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि कार में सवार दो व्यक्तियों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। स्थानीय पुलिस घटना की जांच में जुटी है।
लाडली बहनों को आर्थिक सहायता
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव आज लाडली बहनों के खातों में आर्थिक राशि की 38वीं किश्त हस्तांतरित करेंगे। कुल 1835 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री मोहन यादव का आज भिंड जिले के लहार में एक आधिकारिक दौरा है, जहाँ वे कई नए विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे और क्षेत्र को बड़ी सौगातें देंगे।
शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस में बदलाव
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों की उपस्थिति के लिए बनाए गए 'हमारे शिक्षक' ऐप में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। अब शिक्षकों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद स्कूल परिसर से ही ऐप के जरिए अनिवार्य रूप से लॉग आउट करना होगा। विभाग ने यह कड़ा कदम तब उठाया जब डेटा विश्लेषण में सामने आया कि छुट्टी के समय करीब 50 फीसदी शिक्षक स्कूल परिसर से काफी दूर थे। विभाग के संज्ञान में आया था कि कई शिक्षक ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में ई-अटेंडेंस लगाकर घर के लिए निकल जाते थे, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। वर्तमान में 90 फीसदी नियमित शिक्षक, 93 फीसदी अतिथि शिक्षक और 100 फीसदी प्राचार्य इस ऐप का उपयोग कर रहे हैं। बैतूल, सतना, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट और नीमच जैसे जिलों में उपस्थिति का स्तर 95 फीसदी है, जबकि भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रतलाम और रायसेन में यह दर तुलनात्मक रूप से कम है। यह नया निर्देश विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को प्रभावित करेगा।











