जबलपुर में मानसून के आगमन के बाद से ही मध्य प्रदेश के अधिकतर इलाकों में जमकर बरसात हो रही है। बारिश जहां एक ओर धरती की जरूरत पूरी कर रही है, वहीं दूसरी ओर उफनते नदी-नालों, आसमान से गिरती बिजली और तेज हवाओं ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रदेश में इस वक्त मौसम का मिला-जुला रूप देखने को मिल रहा है। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की जानकारी के मुताबिक, इस समय मध्य प्रदेश के ऊपर कई मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं। राज्य के ऊपर चक्रवाती घेरे बने हुए हैं, जिसकी वजह से पूरे प्रदेश में वातावरण में नमी बनी हुई है और बारिश के साथ आंधी चलने के हालात पैदा हो गए हैं।
27 जिलों के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज राज्य के कुल 27 जिलों के लिए येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में भिंड, दतिया, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, इंदौर, देवास, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा और सतना शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। बाकी जिलों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और वहां कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
तापमान का ब्योरा
राज्य के पिछले 24 घंटों के आंकड़ों को देखें तो सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो (छतरपुर) में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान खरगोन में 19.4 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
आम नागरिकों के लिए सुरक्षा निर्देश
- गरज और चमक के दौरान घरों के अंदर ही रहने का प्रयास करें। यदि बाहर निकलना आवश्यक हो, तो पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न रुकें।
- आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और उपकरणों के प्लग बाहर निकाल दें।
- तूफान के दौरान खुले खेतों या मैदानों में कार्य करने से बचें। निर्माण स्थलों और बिजली की तारों से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और स्टीयरिंग पर नियंत्रण बनाए रखें।
- कंक्रीट की दीवारों के पास खड़े होने या कंक्रीट के फर्श पर लेटने से बचें।
पशुपालकों के लिए सुझाव
- पशुओं को तालाब, नदी या खुले जल स्रोतों के पास अकेला न छोड़ें।
- रात के समय पशुओं को पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित शेड में रखें।
- तेज धूप और दोपहर की गर्मी के दौरान पशुओं को चरने के लिए बाहर न भेजें।
- पशुओं के लिए पीने के साफ पानी और छाया की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
- बिजली गिरने या तूफान के दौरान पशुओं को कभी भी पेड़ों के नीचे न बांधें।











