मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। मोटर चोरी के शक में दो युवकों को बेरहमी से बंधक बनाकर बुरी तरह प्रताड़ित किया गया और उन्हें बिजली के करंट के झटके दिए गए। वीडियो में दोनों युवक दर्द से तड़पते और जोर-जोर से चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं और रहम की भीख मांगते दिख रहे हैं। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया और राजनीतिक व सामाजिक हलकों में इसे लेकर गुस्सा भड़क उठा।
चोरी के शक में शुरू हुई प्रताड़ना
वायरल हो रहे इस वीडियो को कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है। घटना की शुरुआत मोटर चोरी के आरोप से हुई थी। पीड़ित युवकों पर स्थानीय स्तर पर मोटर चुराने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद इलाके के कुछ दबंगों ने खुद ही कानून अपने हाथ में ले लिया। पहले एक युवक को रस्सी से कसकर बांधा गया, फिर थोड़ी ही देर में दूसरे युवक को भी उसी के साथ बांध दिया गया। इसके बाद दोनों को गाली-गलौच करते हुए बेरहमी से पीटा गया और बार-बार करंट के झटके देकर तड़पाया गया, लेकिन आरोपियों को उन पर जरा भी दया नहीं आई।
NCPCR सदस्य प्रियंक कानूनगो का कड़ा रुख
इस अमानवीय घटना के वीडियो पर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने इसी वीडियो को अपने सोशल मीडिया पर आगे बढ़ाने को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के एक नेता को भी सीधे निशाने पर लिया। प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि चोरी के आरोप में युवकों को करंट लगाकर तालिबानी सजा देने का यह वीडियो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के नेता मुबिन खान ने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है। उन्होंने आगे लिखा कि इस मामले का संज्ञान लेकर जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं और साफ कर दिया कि यह भारत है, यहां शरिया का या तालिबान का कानून नहीं चलेगा और इन लोगों को यह सबक सीखना ही होगा।
पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है और अब उन लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने युवकों को यह तालिबानी सजा दी थी। पुलिस टीमें आरोपियों को पकड़ने में जुटी हुई हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वीडियो में करंट के झटके देते और मारपीट करते दिखाई दे रहे लोग आखिर कौन हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।











