मध्य प्रदेश का मौसम एक बार फिर दो रंग दिखाने को तैयार है। 25 जून 2026 की सुबह से अगले 24 घंटों के लिए जो तस्वीर सामने आई है, उसमें कहीं काले बादल गरज के साथ बरसेंगे और बिजली कड़केगी, तो कहीं सूरज की तपिश लोगों का पसीना छुड़ा देगी। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और धूलभरी आंधी के बीच मौसम विभाग ने अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी कर दिए हैं। एक तरफ नौतपा जैसी गर्मी का अहसास है, तो दूसरी तरफ सावन की दस्तक भी महसूस हो रही है।
इस पूरे बदलाव के केंद्र में इस वक्त सिहोर जिला है। यहां हालात सबसे ज्यादा बिगड़ने के आसार हैं, इसलिए IMD ने सिहोर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सिहोर और इसके आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तीव्र वज्रपात हो सकता है और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
42 जिलों में येलो अलर्ट, हल्की से मध्यम बारिश के आसार
मौसम विभाग ने प्रदेश के 42 जिलों को येलो अलर्ट की सूची में रखा है, जहां हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन जिलों में भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, मैहर और पांढुर्णा शामिल हैं।
कौन से जिले रहेंगे सूखे और कहां चलेगी लू
हर जगह राहत की बारिश नहीं होगी। भिंड, मुरैना, श्योपुर, मंदसौर, नीमच, रीवा और सिंगरौली जैसे कुछ जिले फिलहाल सूखे ही रहेंगे। वहीं विंध्य क्षेत्र का सीधी जिला सूरज की भीषण तपिश झेल रहा है, जहां मौसम विभाग ने लू चलने की संभावना जताई है। यानी प्रदेश के एक हिस्से में जहां लोग बारिश और आंधी से बचने की कोशिश करेंगे, वहीं दूसरे हिस्से में गर्मी से जूझना पड़ेगा।
वज्रपात और आंधी से बचने के लिए ये सावधानियां जरूरी
बिजली गिरने और तेज हवाओं के खतरे को देखते हुए कुछ अहम बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- वज्रपात के दौरान खुले मैदान और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें।
- अस्थायी संरचनाओं, टिन शेड और कमजोर निर्माणों से दूर रहें।
- किसान कटाई और भंडारण का काम मौसम सामान्य होने तक टाल दें, और निचले व जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें।
- नदी-नालों के पास जाने से परहेज करें।
येलो अलर्ट वाले जिलों के लिए खास हिदायतें
जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है, वहां के लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- गरज-चमक के दौरान किसी सुरक्षित भवन के अंदर रहें।
- खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाकर रखें।
- मौसम से जुड़ी ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखें।
- लू वाले इलाकों में दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- दोपहर 12 से 3 बजे के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचें।
- सफर पर निकलते वक्त अपने साथ पानी जरूर रखें।
मध्य प्रदेश में कब पहुंचेगा मानसून
फिलहाल मानसून की चाल थोड़ी सुस्त है, लेकिन जून के आखिरी दिनों में इसकी रफ्तार तेज होने वाली है और यह पूरे प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले लेगा। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून मध्य प्रदेश में दस्तक दे सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।













