मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां गड़े धन के लालच में तीन लोगों ने मिलकर अपने ही साथी विजय जैन की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को नदी किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया. यह मामला 9 जुलाई को उस वक्त पुलिस के सामने आया जब विजय की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, और 13 जुलाई को उसकी मौत की खबर सामने आई. पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए हत्या में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
कौन हैं आरोपी
एसडीओपी सोनाली गुप्ता ने मामले की परतें खोलते हुए बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी 64 वर्षीय प्रहलाद साहू है, जो हिनोतिया खास गांव का रहने वाला है. उसके साथ उसका 34 वर्षीय बेटा टीकम साहू और 35 वर्षीय करीम खान भी शामिल थे, जो उड़दमऊ गांव में रहता है. तीनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
गड़े धन की तलाश में जुड़ा था विजय
पुलिस जांच में सामने आया कि विजय जैन काफी समय से आरोपियों के साथ मिलकर गड़े धन की तलाश में जुटा हुआ था. 7 जुलाई की शाम प्रहलाद साहू ने विजय को फोन किया, जिसके बाद विजय ने घर से निकलने से पहले अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया. इसके बाद वह प्रहलाद की मोटरसाइकिल पर बैठकर परासिया नदी की ओर निकल गया. वहां पहले से टीकम साहू और करीम खान फावड़ा और कुल्हाड़ी लेकर मौजूद थे.
तांत्रिक क्रिया की आड़ में रची गई साजिश
रात करीब नौ बजे नदी किनारे बने एक चबूतरे पर प्रहलाद साहू ने अगरबत्ती जलाकर तांत्रिक क्रियाएं शुरू कर दीं. कुछ देर बाद उसने कहा कि धरती गर्म हो रही है और दफीना यानी गड़ा हुआ धन बलि मांग रहा है. यह कहते ही उसने बाकी दोनों को इशारा किया. इशारा मिलते ही करीम खान ने कुल्हाड़ी से विजय जैन की गर्दन पर वार कर दिया, जबकि प्रहलाद और टीकम ने उसे पकड़ रखा था ताकि वह भाग न सके. विजय की मौके पर ही मौत हो गई. इसके बाद तीनों आरोपियों ने घटनास्थल से करीब 100 मीटर दूर नदी किनारे गड्ढा खोदा और शव को दफनाकर वहां से फरार हो गए.
डिजिटल सबूतों ने खोली आरोपियों की पोल
विजय के लापता होने के बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू की. एसडीओपी सोनाली गुप्ता के मुताबिक तकनीकी जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन विजय की सबसे ज्यादा बातचीत प्रहलाद साहू से ही हुई थी. शुरुआत में पूछताछ के दौरान प्रहलाद ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और कहा कि उसकी और विजय की बातचीत मकान खरीदने-बेचने को लेकर हुई थी. लेकिन कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों ने पूरी घटना की कड़ियां जोड़ दीं. सोमवार को जब शव बरामद हुआ, तो पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद तीनों ने हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली.
सबूत जब्त, अंतिम संस्कार भोपाल में
पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, फावड़ा, मोटरसाइकिल और तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं. मृतक विजय जैन का अंतिम संस्कार भोपाल में किया गया, जहां उनका परिवार रहता है.











