इंदौर को आज एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को इंदौर से अबू धाबी के बीच प्रदेश की पहली अंतरराष्ट्रीय सीधी विमान सेवा का शुभारंभ करेंगे। इस उड़ान के शुरू होने से अब प्रदेशवासी हफ्ते में चार दिन सीधे अबू धाबी पहुंच सकेंगे, वह भी बिना कहीं रुके।
उद्घाटन समारोह इंदौर एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल भवन में आयोजित किया जा रहा है, हालांकि विमान असल में मौजूदा यानी वर्तमान टर्मिनल से रवाना होगा। यह हवाई सेवा टाटा समूह की एयरलाइन एयर इंडिया के बैनर तले शुरू की जा रही है और इसका संचालन टाटा समूह की ही विमानन इकाई एयर इंडिया एक्सप्रेस करेगी।
मालवा-निमाड़ क्षेत्र को सीधा फायदा
इस नई उड़ान का सबसे ज्यादा फायदा मालवा-निमाड़ इलाके की बड़ी आबादी को मिलेगा। अभी तक अबू धाबी जाने वाले यात्रियों को दिल्ली या मुंबई होकर जाना पड़ता है, जिसमें करीब 7 से 8 घंटे लग जाते हैं। नई सीधी उड़ान शुरू होने से यही सफर घटकर लगभग तीन घंटे का रह जाएगा। इससे क्षेत्र में व्यापार, निवेश, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
अबू धाबी से यूरोप-अमेरिका तक कनेक्टिविटी
अबू धाबी का जायद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया के प्रमुख एविएशन हब में गिना जाता है। यहां से यूरोप, अमेरिका और मध्य पूर्व के कई बड़े शहरों के लिए आसानी से कनेक्टिंग फ्लाइट मिल जाती हैं। यानी इंदौर के यात्री अब सीधे अबू धाबी पहुंचकर वहां से आगे की अंतरराष्ट्रीय यात्रा भी ज्यादा सुविधाजनक तरीके से कर सकेंगे।
हफ्ते में चार दिन, जानें पूरा शेड्यूल
यह उड़ान सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को शाम 7:50 बजे इंदौर से रवाना होगी, जबकि रविवार को यह रात 8:50 बजे उड़ान भरेगी। वापसी में सोमवार, गुरुवार और शनिवार को विमान सुबह 3:20 बजे इंदौर पहुंचेगा, वहीं रविवार की वापसी उड़ान सुबह 4:20 बजे इंदौर लैंड करेगी।
किराया कितना, कैसे तय होगा
इंदौर से अबू धाबी के लिए शुरू हो रही इस डायरेक्ट फ्लाइट का वन-वे शुरुआती किराया करीब 12,554 रुपए रखा गया है। हालांकि यह किराया तय नहीं है, यात्रा की तारीख, सीटों की उपलब्धता और बुकिंग किस समय की जा रही है, इसके हिसाब से यह घट-बढ़ भी सकता है।
नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत विस्तार जारी
मध्य प्रदेश सरकार नागरिक विमानन नीति-2025 के तहत प्रदेश में हवाई सेवाओं का लगातार विस्तार कर रही है। इस नीति के तहत अब तक 8 नए हवाई मार्गों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 4 रूटों पर उड़ानें पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि बाकी बचे 4 मार्गों पर भी जल्द ही उड़ान सेवाएं शुरू की जाएंगी।











