मध्य प्रदेश के रायसेन जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे इलाके को दहला दिया है। जमीन में गड़ा खजाना तंत्र-मंत्र के दम पर निकालने की चाहत में एक शख्स ने अपने बेटे और एक और साथी के साथ मिलकर 42 साल के एक कारोबारी की बेरहमी से हत्या कर डाली। पुलिस के मुताबिक यह हत्या असल में एक सोची-समझी नरबलि की साजिश थी, जिसमें आरोपियों को उम्मीद थी कि पूजा-पाठ और तंत्र क्रियाओं के जरिए उन्हें गड़ा हुआ धन मिल जाएगा। मामले का खुलासा होते ही पुलिस ने पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
नदी किनारे पूजा स्थल के पास मिला शव
यह पूरा मामला जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित गैरतगंज इलाके का है। मृतक कारोबारी का शव गैरतगंज से लगभग 6 किलोमीटर दूर बसे परासिया गांव के पास, नदी किनारे बने एक पूजा स्थल के नजदीक बरामद हुआ। कई दिन जमीन में दबे रहने की वजह से शव की हालत ऐसी हो चुकी थी कि आम तरीके से पहचान करना मुश्किल हो गया था। आखिरकार पुलिस टीम ने शव में मौजूद कृत्रिम आंख की मदद से इसकी शिनाख्त पक्की की और परिवार को इसकी सूचना दी।
7 जुलाई से लापता थे व्यापारी विजय जैन
गैरतगंज में रहने वाले कारोबारी विजय जैन 7 जुलाई को अचानक अपने घर से गायब हो गए थे। शुरुआत में परिवार वालों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो 9 जुलाई को थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। एसडीओपी सोनाली गुप्ता के मुताबिक गैरतगंज थाना प्रभारी डी. पी. लोहिया की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई और विजय जैन की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में लगातार पड़ताल की, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे परिवार की चिंता और बढ़ती गई।
आखिरी मुलाकात की कड़ी से खुला राज
13 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि परासिया गांव के पास नदी किनारे मिट्टी में एक शव दबा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खुदाई कर जांच की, तो शव की पहचान लापता कारोबारी विजय जैन के तौर पर हुई। जांच आगे बढ़ाई गई तो सामने आया कि विजय जैन की आखिरी मुलाकात हिनोतिया खास गांव के रहने वाले प्रहलाद साहू से हुई थी। यह जानकारी मिलते ही शक की सुई प्रहलाद साहू की तरफ घूम गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और ज्यादा देर तक टिक न पाने पर उसने हत्या की पूरी साजिश उगल दी।
गड़े धन के लालच में रची गई साजिश
पूछताछ में प्रहलाद साहू ने कबूल किया कि वह विजय जैन को अच्छी तरह जानता था और दोनों के बीच अक्सर जमीन में गड़े धन यानी दफीना निकालने को लेकर बातचीत होती रहती थी। पुलिस के अनुसार प्रहलाद साहू खुद तांत्रिक क्रियाएं करता था और उसे पूरा यकीन था कि परासिया नदी किनारे स्थित माता के चबूतरे के पास जमीन में भारी मात्रा में धन गड़ा हुआ है। इसी अंधविश्वास और लालच में साहू ने अपने बेटे टीकम साहू और उड़दमऊ गांव के करीम खान को भी अपनी साजिश में शामिल कर लिया। तीनों ने मिलकर विजय जैन को परासिया नदी किनारे बुलाया और वहां तंत्र-मंत्र की रस्में शुरू कीं। इसके बाद तीनों ने मिलकर विजय जैन के हाथ-पैर बांध दिए और कुल्हाड़ी से हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
सबूत मिटाने को दफनाया शव, आखिरकार खुला राज
हत्या को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपियों ने नदी किनारे ही गड्ढा खोदकर शव को दफना दिया और मौके से फरार हो गए, ताकि किसी को इसकी भनक तक न लगे। लेकिन पुलिस की सख्ती के आगे उनकी साजिश ज्यादा दिन छिप नहीं सकी। एसडीओपी सोनाली गुप्ता ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, फावड़ा, एक बाइक और तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गड़े खजाने की चाहत में इंसानी जान लेने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में भी एक किराना दुकानदार ने रहस्यमयी खजाने की तलाश में 21 लोगों की नरबलि देने की साजिश रची थी, जिसके सामने आने के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई थी। इस तरह की वारदातें बताती हैं कि गांव-देहात में गड़े धन और तंत्र-मंत्र से जुड़ा अंधविश्वास आज भी कितना गहरा है और कैसे यह किसी बेगुनाह की जान ले सकता है।











