अमेरिकी शेयर बाजार के लिए पिछला हफ्ता काफी उत्साहजनक रहा था, लेकिन 7 जुलाई को बाजार में आई भारी गिरावट ने सभी समीकरण बदल दिए। टेक-हैवी इंडेक्स Nasdaq 100 में 525 अंकों की जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nasdaq कंपोजिट भी Dow Jones और S&P 500 के मुकाबले काफी कमजोर प्रदर्शन करता दिखा। बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट केवल एक तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि कई बड़े कारकों का मिला-जुला असर है।
SpaceX की एंट्री और शेयरों का प्रदर्शन
सोमवार को इस इंडेक्स में एलन मस्क की कंपनी SpaceX के शामिल होने से बाजार में काफी हलचल थी। निवेशकों को उम्मीद थी कि इस नई एंट्री से बाजार को मजबूती मिलेगी, लेकिन हकीकत उलट रही। SpaceX के शेयर में कोई विशेष उत्साह नहीं दिखा और इसके बजाय यह लगभग 7% गिरकर 149.47 रुपये के करीब बंद हुआ। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से यह SpaceX के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि एक ही दिन में कंपनी की वैल्यूएशन से लगभग 145 अरब डॉलर साफ हो गए। इसके साथ ही, एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला भी पीछे नहीं रही, जिसके शेयरों में 4.02% की गिरावट आई और कंपनी को 63.38 अरब डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा।
चिप मेकिंग सेक्टर पर दबाव
Nasdaq 100 और Nasdaq कंपोजिट के गिरने के पीछे का सबसे बड़ा कारण चिप निर्माताओं के शेयरों में हुई बिकवाली है। AMD के शेयरों में 6.51% की गिरावट देखी गई, जिससे कंपनी को 58.61 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। इसी तरह, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 4.71% टूटकर 938.38 पर आ गए और कंपनी की मार्केट-कैप में 52.39 अरब डॉलर की कमी आई। सैंडिस्क की स्थिति और भी खराब रही, जिसमें 7.3% की गिरावट के साथ 18.76 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और यह 1,618 पर बंद हुआ। चार्ल्स श्वाब के जो माज़ोला का कहना है कि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के तिमाही नतीजों के बावजूद चिप शेयरों के प्रति निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है, जिससे मुनाफावसूली की एक नई लहर चल पड़ी है।
जियोपॉलिटिकल तनाव और आर्थिक चिंताएं
अमेरिकी और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने बाजार पर गहरा असर डाला है। हवाई हमलों के इस नए दौर ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे महंगाई का खतरा फिर से बढ़ गया है। जैसे-जैसे तेल के दाम बढ़ रहे हैं, बाजार में यह चर्चा तेज हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों में बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है। 2026 में रेट हाइक की संभावना अब 50% तक पहुंच गई है, जो पहले 46% थी। फेडरल रिजर्व की जून की बैठक के मिनट और भविष्य की नीतियां निवेशकों के लिए अगले संकेत का काम करेंगी। इसके अतिरिक्त, मई महीने में अमेरिका का व्यापार घाटा भी बढ़कर 77.6 अरब डॉलर हो गया है, जो मार्च 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
बाजार का भविष्य और उम्मीदें
इन्वेस्टमेंट रणनीतिकार कूपर हावर्ड का मानना है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में महंगाई के जोखिमों को देखते हुए दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि, बाजार बुधवार को जारी होने वाले FOMC मिनटों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है ताकि Wall Street को नई दिशा मिल सके। बुधवार को अमेरिकी शेयर वायदा बाजार में थोड़ा सुधार देखने को मिला, जबकि अमेरिकी डॉलर 101.12 के स्तर को पार कर गया। बाजार के प्रतिभागी अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या चिप सेक्टर में हुई यह बिकवाली अस्थायी है या यह आने वाले समय में किसी बड़े बदलाव का संकेत है।











