अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को बड़ी हलचल देखने को मिली, जब जापानी येन में आई तेज बढ़त के कारण यूरो/येन (EUR/JPY) की जोड़ी 1.37 प्रतिशत तक टूट गई। एक तरफ जापान के शीर्ष मुद्रा राजनयिक ने बाजार में हस्तक्षेप करने की अपनी तत्परता दोहराई, वहीं दूसरी तरफ यूरोज़ोन से आए मिले-जुले आर्थिक आंकड़ों ने यूरो की धारणा को कमजोर किया। जर्मनी और फ्रांस के सेवा क्षेत्रों में लगातार देखी जा रही सुस्ती ने यूरोपीय मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव बनाने का काम किया है।
जापानी अधिकारियों की चेतावनी से येन को मिला समर्थन
जापान के शीर्ष मुद्रा कूटनीतिज्ञ अत्सुशी मिमुरा ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जापानी अधिकारी विदेशी मुद्रा बाजार में किसी भी असामान्य उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे विदेशी मुद्रा स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर कदम उठाने के लिए तत्पर हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या अधिकारियों ने हाल ही में बाजार सहभागियों के साथ दर जांच (रेट चेक) की प्रक्रिया शुरू की है, जो अक्सर प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से ठीक पहले की जाती है, तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मिमुरा ने आगे कहा कि वे मौजूदा विदेशी मुद्रा बाजार की स्थितियों से न तो सहज हैं और न ही संतुष्ट हैं। उनके इस कड़े रुख ने बाजार में टोक्यो द्वारा प्रत्यक्ष हस्तक्षेप की संभावनाओं को जीवित रखा है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर किसी प्रत्यक्ष कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन केवल इस चेतावनी ने ही जापानी येन को मजबूत सहारा प्रदान किया है और यूरो के मुकाबले इसमें बड़ी तेजी ला दी है।
यूरोज़ोन के PMI आंकड़ों में सुस्ती और क्षेत्रीय असमानता
यूरोप की ओर से जारी आर्थिक आंकड़ों से यूरो को कोई खास समर्थन नहीं मिल सका। अगस्त महीने के लिए यूरोज़ोन HCOB सर्विसेज पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) को प्रारंभिक अनुमान 51.8 से घटाकर 51.7 कर दिया गया। इसी तरह समग्र (कंपोजिट) PMI को भी शुरुआती 52.1 के अनुमान से संशोधित कर 52.0 दर्ज किया गया। यद्यपि ये दोनों आंकड़े 50 के स्तर से ऊपर बने हुए हैं, जो आर्थिक गतिविधियों में विस्तार का संकेत देते हैं, लेकिन संशोधन ने बाजार की उम्मीदों को थोड़ा झटका दिया है।
यूरोज़ोन की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच का अंतर काफी गहरा नजर आ रहा है। जर्मनी में सर्विसेज PMI प्रारंभिक अनुमान 48.5 से सुधरकर 49.7 पर पहुंच गया, लेकिन यह अभी भी 50 के नीचे बना हुआ है, जो संकुचन को दर्शाता है। फ्रांस का प्रदर्शन इससे भी कमजोर रहा, जहां सूचकांक 48.4 से गिरकर 48.0 पर आ गया। इसके विपरीत इटली और स्पेन ने क्रमशः 55.2 और 57.8 के मजबूत सर्विसेज PMI आंकड़े दर्ज किए। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि लागत स्तर पर मूल्य दबाव बना हुआ है, जबकि समग्र आर्थिक गतिविधियां असमान बनी हुई हैं।
USD/JPY और AUD/USD में उतार-चढ़ाव का माहौल
यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान USD/JPY की जोड़ी में भी बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 157.00 के स्तर से नीचे खिसक गई। अमेरिका में कमजोर ADP रोजगार रिपोर्ट आने के बाद अमेरिकी डॉलर में व्यापक गिरावट आई, जिससे इस जोड़ी पर नीचे की ओर दबाव बढ़ा। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा नीति सख्त किए जाने की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों के हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को मजबूती दी।
एशियाई सत्र में AUD/USD की जोड़ी 0.7150 के स्तर से ऊपर बनी रही, हालांकि यह पिछले दिन के निचले स्तर से उबरने के बाद बहुत अधिक बढ़त नहीं बना सकी। ऑस्ट्रेलिया के निराशाजनक व्यापार आंकड़ों ने चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज PMI के प्रभाव को संतुलित कर दिया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की मजबूत होती संभावनाओं के बीच अमेरिकी डॉलर की गिरावट थमने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित रही।
सोने की कीमतें स्थिर, डीजल क्रैक स्प्रेड में ऐतिहासिक रिकॉर्ड
कमोडिटी बाजार में सोना यूरोपीय सत्र की शुरुआत तक $4,450 के स्तर से नीचे बना रहा, लेकिन इसमें मजबूती का रुख देखा गया। अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट और कमजोर ADP रिपोर्ट ने डॉलर पर दबाव डाला, जिससे सोने को पिछले चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। हालांकि अमेरिका में उच्च ऊर्जा कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ने के खतरे और फेड द्वारा दरें बढ़ाने की आशंकाओं से बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल सकता है।
बाजार की निगाहें अब इंस्टीट्यूट फॉर सप्लाई मैनेजमेंट (ISM) द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त सर्विसेज PMI आंकड़ों पर टिकी हैं, जो गुरुवार को 14:00 GMT पर प्रकाशित किए जाएंगे। सर्वसम्मति अनुमान जुलाई के 54.1 से मामूली सुधार के साथ 54.3 रहने का है, जो अमेरिकी सेवा क्षेत्र की मजबूती को रेखांकित कर सकता है। वहीं ऊर्जा बाजार में डीजल वायदा का प्रदर्शन बेहद चौंकाने वाला रहा है, जहां US डीजल क्रैक स्प्रेड (WTI के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल का प्रीमियम) पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 के इंट्राडे रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।



















