बेंगलुरु में सोना खरीदने वालों के लिए 6 जुलाई की सुबह थोड़ी राहत भरी रही, क्योंकि 22 कैरेट और 24 कैरेट दोनों के दाम एक बार फिर हल्के नीचे आ गए। दिलचस्प बात यह रही कि जहां घरेलू बाजार में भाव फिसले, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने जोरदार वापसी की। इसके साथ ही चांदी में आई तेज गिरावट ने कीमती धातुओं पर नजर रखने वालों के लिए सुबह को मिलाजुला बना दिया।
बेंगलुरु में आज सोने का भाव
बेंगलुरु में अब 24 कैरेट सोने के 10 ग्राम की कीमत 1,46,620 रुपये है, जो पिछले स्तर से 110 रुपये कम है। यह सबसे शुद्ध किस्म होती है और सिक्कों तथा बार के लिए इसी का भाव आधार माना जाता है। वहीं गहनों और रोजमर्रा की ज्वेलरी में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना 100 रुपये सस्ता होकर 10 ग्राम के लिए 1,34,400 रुपये पर आ गया। गिरावट भले छोटी दिखे, लेकिन शादी के सेट जैसी बड़ी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के लिए यह अंतर मायने रखता है।
यह नरमी सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं है। देश के ज्यादातर शहरों में इसी दिन सोने के दाम नीचे आए, यानी पूरे भारत में खरीदारों को अपने स्थानीय बाजार में यही रुझान देखने को मिल रहा है।
चांदी में बड़ी गिरावट
सोने के मुकाबले चांदी कहीं ज्यादा टूटी। बेंगलुरु में चांदी 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़क गई, जबकि पिछले हफ्ते यह लगातार तीन सत्रों तक चढ़ी थी। अब एक किलोग्राम चांदी की कीमत 2,45,000 रुपये है। छोटी मात्रा में खरीदने वालों के लिए 100 ग्राम चांदी 24,500 रुपये में मिल रही है, जो पहले से 500 रुपये कम है।
एमसीएक्स पर वायदा भी फिसला
वायदा बाजार का मिजाज भी हाजिर बाजार जैसा ही रहा। एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों के वायदा भाव लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। 5 अगस्त को मैच्योर होने वाला सोने का सौदा 0.05% गिरकर 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं 4 सितंबर को खत्म होने वाला चांदी का वायदा सुबह के कारोबार में 0.44% टूटकर 2,36,371 रुपये प्रति किलोग्राम पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्यों चमका सोना
घरेलू गिरावट के पीछे विदेशी बाजार की तेज चाल छिपी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना उछलकर 4,170 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया और हफ्ते भर में 2% की बढ़त दर्ज की। इससे पहले लगातार चार हफ्ते तक इसमें गिरावट आई थी। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़े रहे।
मुद्रेक्स के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत ने इस तेजी की वजह समझाई। उन्होंने कहा, "यह तेजी अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों की वजह से आई, जिसने नजदीकी समय में फेडरल रिजर्व की ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीदों को कम कर दिया और बिना ब्याज वाली संपत्तियों की मांग बढ़ा दी। चांदी भी मजबूत बनी रही और उसने पिछले हफ्ते की बढ़त को आगे बढ़ाया।" कमजोर रोजगार आंकड़े आमतौर पर ब्याज दरें बढ़ने की आशंका को ठंडा करते हैं, और जब दरें बढ़ने के आसार घटते हैं तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियां निवेशकों को ज्यादा लुभाती हैं।
आगे क्या कहते हैं जानकार
ब्रोकरेज हाउस का नजदीकी नजरिया तेजी वाला है। निर्मल बंग सिक्योरिटीज के 6 जुलाई के नोट में कहा गया, "सोने की कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। 1,45,500 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ 1,47,000 रुपये पर खरीदारी की जा सकती है, जिसका लक्ष्य 1,49,500 से 1,51,000 रुपये है।" यानी इस डेस्क को दाम 1,49,500 से 1,51,000 रुपये तक चढ़ने की गुंजाइश दिख रही है, जबकि कारोबारियों को सलाह है कि वे अपना जोखिम 1,45,500 रुपये से नीचे सीमित रखें।
कोटक कमोडिटी की ताजा रिपोर्ट का सुर भी ऐसा ही रहा, "हाजिर सोना 4,160 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जो मई के बाद इसकी पहली साप्ताहिक बढ़त है। अमेरिका के उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की नजदीकी ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को घटाया और सोने को सहारा दिया।" दोनों नजरिए मिलाकर यही इशारा करते हैं कि बेंगलुरु में आज की छोटी गिरावट किसी बड़ी फिसलन की शुरुआत नहीं, बल्कि एक ठहराव भर हो सकती है, क्योंकि वैश्विक संकेत अब भी सोने के पक्ष में झुके हुए हैं।











