सोमवार को शुरुआती बाजार में भारती एयरटेल के शेयरों में कुछ नरमी देखी गई। हालिया बढ़त के बाद निवेशकों ने लाभ वसूली की ओर रुख किया, जिसके चलते कारोबार के दौरान शेयरों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सुबह 10:02 बजे के आसपास NSE पर भारती एयरटेल के शेयर 1,904.70 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, जो कि 0.82 फीसदी यानी 15.70 रुपये की गिरावट को दर्शाता है। इस दौरान शेयर 1,914 रुपये पर खुले थे, और दिन के दौरान 1,917 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचे, जबकि न्यूनतम स्तर 1,902.10 रुपये रहा।
सुनील भारती मित्तल की भविष्य की रणनीति
कंपनी के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में दूरसंचार से इतर विकास के नए अवसरों को रेखांकित किया है। उन्होंने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए बताया कि पिछले 10 वर्षों में 3.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। यह निवेश न केवल मौजूदा दूरसंचार सेवाओं को मजबूत करता है, बल्कि भविष्य के व्यवसायों के लिए एक मजबूत नींव भी तैयार करता है।
वित्तीय सेवाओं और एनबीएफसी का विस्तार
कंपनी के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक वित्तीय सेवा है। एयरटेल मनी को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से नॉन-डिपॉजिट टेकिंग नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के रूप में कार्य करने की मंजूरी मिल गई है। इस विकास के साथ, अब कंपनी ऋण और अन्य वित्तीय उत्पादों के क्षेत्र में अपने पैर पसारने के लिए तैयार है।
डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
डिजिटल युग में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एयरटेल अपने डेटा सेंटर व्यवसाय नेक्स्ट्रा का तेजी से विस्तार कर रहा है। 1 अरब डॉलर की पूंजी जुटाने के बाद, कंपनी अगले कुछ वर्षों में 1 GW क्षमता बनाने की योजना पर काम कर रही है। भारत में AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल भुगतान और वीडियो स्ट्रीमिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए आधुनिक डेटा सेंटरों की भूमिका अहम हो गई है। इसके अलावा, एयरटेल क्लाउड के जरिए कंपनी उन व्यवसायों और सरकारी संगठनों को सुरक्षित डेटा स्टोरेज और लोकल क्लाउड सेवाएं प्रदान कर रही है, जिन्हें डिजिटल ट्रांस्फॉर्मेशन के लिए इसकी आवश्यकता है।
दूरसंचार सेवाओं और 5G में निवेश
भले ही कंपनी नए क्षेत्रों में विस्तार कर रही हो, लेकिन उसकी वायरलेस दूरसंचार सेवाएं आज भी कमाई का सबसे बड़ा जरिया बनी हुई हैं। कंपनी ने 60,400 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड ऑपरेटिंग फ्री कैश फ्लो उत्पन्न किया है, जो इसे नेटवर्क विस्तार और डिजिटल उपक्रमों में निवेश की वित्तीय आजादी देता है। कंपनी ने बीते वित्त वर्ष में 43,000 किलोमीटर से अधिक का फाइबर नेटवर्क बिछाया है। साथ ही, 5G तकनीक में निवेश जारी रखते हुए एयरटेल धीरे-धीरे स्टैंडअलोन 5G आर्किटेक्चर की ओर बढ़ रहा है। यह तकनीक भविष्य के एंटरप्राइज एप्लिकेशन, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और प्राइवेट नेटवर्क के लिए एक आधार का काम करेगी। परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए कंपनी लगातार ऑटोमेशन और लागत अनुकूलन पर जोर दे रही है ताकि बढ़ती बुनियादी ढांचा लागत को नियंत्रित किया जा सके।











