एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के शेयरों में सोमवार, 13 जुलाई को सुबह के कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई। पिछले पांच कारोबारी सत्रों से लगातार तेजी देखने के बाद, आज बैंक के स्टॉक में कमजोरी देखी जा रही है। यह नरमी बैंक द्वारा अपनी पहली तिमाही के परिणामों की घोषणा से कुछ दिन पहले आई है। निजी क्षेत्र का यह प्रमुख ऋणदाता वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने तिमाही नतीजे शनिवार, 18 जुलाई को सार्वजनिक करने के लिए तैयार है।
बाजार का प्रदर्शन और मौजूदा स्थिति
सोमवार, 13 जुलाई को सुबह 9:28 बजे बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 812.4 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस स्तर पर बैंक का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 12,49,047.66 करोड़ रुपये रहा। कारोबारी सत्र के दौरान, स्टॉक ने 817.70 रुपये का उच्च स्तर और 811.90 रुपये का निचला स्तर छुआ।
प्रबंधन में बदलाव और चुनौतियां
बैंक के शेयरों में यह कमजोरी ऐसे समय में देखी जा रही है, जब हाल ही में प्रबंधन के उच्च स्तर पर बदलावों को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। एचडीएफसी बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशिधर जगदीशन ने पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे पर अपनी बात रखी है। बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में जगदीशन ने इस घटना को कंपनी के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर बताया है।
शशिधर जगदीशन ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत की ओर बढ़ते हुए, बैंक ने 18 मार्च, 2026 को अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के साथ एक चुनौतीपूर्ण घटना का सामना किया, जो उस समय बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर थे।
वित्तीय अनुमान और भविष्य की रणनीति
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी एनआईएम के पिछली तिमाही के मुकाबले स्थिर रहने की संभावना है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि मौसमी कृषि संबंधी दबाव के चलते बैंक के एनआईएम में हर तिमाही 2 बेसिस पॉइंट की कमी आ सकती है। हालांकि, मिरे एसेट शेरखान की रिपोर्ट के अनुसार, ऋण के मामले में सालाना 15.4 प्रतिशत का सुधार होने की उम्मीद है।
निजी क्षेत्र की इस दिग्गज बैंकिंग संस्था की ऋण वृद्धि दर पिछली तिमाही के आधार पर 2.4 प्रतिशत और सालाना आधार पर करीब 14.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह विकास दर मुख्य रूप से कॉर्पोरेट, बीबी, कृषि और गोल्ड लोन जैसे क्षेत्रों द्वारा संचालित होने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर, मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि मॉर्गेज लोन की विकास दर थोड़ी धीमी रह सकती है।
फंड जुटाने की मंजूरी
तिमाही नतीजों के अलावा, बैंक का बोर्ड 60,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुका है। बैंक को एडिशनल टियर-1 यानी AT-1 बॉन्ड, टियर-II बॉन्ड और दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड इकट्ठा करने की अनुमति मिली है।
ब्रोकरेज की राय और निवेश का नजरिया
मिरे एसेट शेरखान ने एचडीएफसी बैंक के शेयरों को 'बाय' रेटिंग दी है और लंबी अवधि के लिए 1025 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। मोतीलाल ओसवाल ने भी इसे 'बाय' रेटिंग देते हुए लंबी अवधि के लिए 1,100 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।











