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शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 600 अंक टूटा, तनाव की वजह से निवेशकों में डरबाज़ार
13 जुल॰ 2026, 11:54 am (45 दिन पहले)· 2

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 600 अंक टूटा, तनाव की वजह से निवेशकों में डर

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी जा रही है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही सूचकांकों में आज सुबह बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच पैदा हुए नए तनाव का सीधा असर आज सुबह भारतीय शेयर बाजार पर दिखा, जहां कारोबार की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। सुबह 9:16 बजे तक सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक की भारी गिरावट के साथ 76,943 के स्तर पर कारोबार करता हुआ देखा गया। इसी तरह, निफ्टी में भी 180 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह सूचकांक 24,025 के स्तर तक नीचे आ गया। बाजार की इस व्यापक गिरावट के बीच भी आईटी और फार्मा सेक्टर में सकारात्मक रुख बना हुआ है, जहां आईटी सेक्टर में 0.66 फीसदी और फार्मा सेक्टर में 0.16 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है।

गिरावट की मुख्य वजहें

शुक्रवार को बाजार में दिखी मजबूती के बाद आज की इस अचानक गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है। इसके पीछे मुख्य रूप से वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक निवेशकों के बीच डर का माहौल बना दिया है। आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे विकल्पों से पूंजी निकालकर सोने या अन्य सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, जिसका सीधा असर भारतीय इक्विटी बाजार पर भी पड़ा है।

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कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम बढ़ने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। वर्तमान तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर लगभग 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। कच्चे तेल में इस तेजी से महंगाई बढ़ने और कंपनियों के परिचालन लागत में इजाफा होने की प्रबल आशंका है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है।

बाजार की अस्थिरता और रुपया

बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला सूचकांक इंडिया VIX आज करीब 10 फीसदी की छलांग लगा चुका है। यह स्पष्ट संकेत है कि निवेशक आने वाले समय में बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देख रहे हैं, जिसके चलते जोखिम कम करने के इरादे से बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। साथ ही, एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से भी गिरावट और तेज हुई है। कच्चे तेल के महंगे होने से रुपये पर भी दबाव बढ़ा है, और भारतीय रुपया आज 35 पैसे कमजोर होकर 95.33 के मुकाबले 95.71 प्रति डॉलर पर खुला। सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी ने भी कंपनियों के लिए ऋण लागत बढ़ा दी है, जो बाजार के विश्वास को और कमजोर कर रही है।

निवेशकों के लिए सलाह

बाजार के जानकार मानते हैं कि इस तरह के उतार-चढ़ाव बाजार का स्वाभाविक हिस्सा हैं और लंबी अवधि के निवेशकों को एक दिन की गिरावट से घबराना नहीं चाहिए। हालांकि, नए निवेश का निर्णय लेते समय वैश्विक परिस्थितियों, कच्चे तेल के भाव और कंपनियों के आगामी परिणामों पर नजर रखना बहुत जरूरी है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया की बदलती स्थितियों पर टिकी हैं, जो भविष्य में बाजार की दिशा तय करेंगी।

सवाल-जवाब

आज शेयर बाजार में गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
मुख्य कारणों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और एशियाई बाजारों का कमजोर रुख शामिल है।
बाजार में गिरावट के दौरान कौन से सेक्टर बढ़त बना रहे हैं?
बाजार की भारी गिरावट के बावजूद आईटी और फार्मा सेक्टर में हल्की खरीदारी देखी जा रही है।
इंडिया VIX क्या दर्शाता है?
इंडिया VIX बाजार की अस्थिरता को मापता है। इसके 10 फीसदी चढ़ने का मतलब है कि निवेशक भविष्य में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका देख रहे हैं।
लंबी अवधि के निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार के उतार-चढ़ाव सामान्य हैं और लंबी अवधि के निवेशकों को इस एक दिन की गिरावट से घबराना नहीं चाहिए।
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