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कमजोर महंगाई और सुस्त रोजगार आंकड़ों से लड़खड़ाया ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, दो हफ्ते के शिखर से फिसलाबाज़ार
6 जुल॰ 2026, 4:16 pm (45 दिन पहले)· 2

कमजोर महंगाई और सुस्त रोजगार आंकड़ों से लड़खड़ाया ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, दो हफ्ते के शिखर से फिसला

ऑस्ट्रेलिया के नरम महंगाई आंकड़ों और नौकरियों के विज्ञापनों में गिरावट ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की तेजी पर ब्रेक लगा दिया, जबकि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव ने बाजार का जोखिम लेने का माहौल कमजोर किया।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की पिछले कुछ दिनों से चल रही रिकवरी सोमवार को अचानक थम गई। AUD/USD जोड़ी दो हफ्ते के अपने ऊपरी स्तर 0.6950 से फिसलकर 0.6920 के आसपास आ गई। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह रही ऑस्ट्रेलिया से आए महंगाई के नरम आंकड़े और नौकरियों के विज्ञापनों में देखी गई हल्की गिरावट, जिसने अब तक मजबूत दिख रही ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा की चाल को कमजोर कर दिया।

इसके साथ ही सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर ईरानी अधिकारियों की टिप्पणियों ने भी बाजार में जोखिम लेने की भूख को दबाया। जब वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक ऑस्ट्रेलियाई डॉलर जैसी जोखिम भरी मानी जाने वाली मुद्राओं से दूरी बनाने लगते हैं, और इसका सीधा असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पड़ा।

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महंगाई और रोजगार के आंकड़ों ने बिगाड़ा खेल

ऑस्ट्रेलिया से आए ताजा आंकड़ों ने बताया कि देश में कीमतों का दबाव उतना तेज नहीं है जितना पहले आशंका जताई जा रही थी। महंगाई के नरम रहने और नौकरियों के विज्ञापनों में मध्यम गिरावट का मतलब यह हुआ कि अर्थव्यवस्था में गर्मी कुछ कम हो रही है। मुद्रा बाजार के लिए यह संकेत मायने रखता है, क्योंकि कमजोर महंगाई का सीधा असर ब्याज दरों की दिशा पर पड़ता है।

असल में ये आंकड़े मध्य पूर्व के संघर्ष से पैदा होने वाले महंगाई के दबाव को लेकर बनी चिंताओं को कुछ हद तक कम करते हैं। यही वह कड़ी है जो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल को समझने में मदद करती है।

RBA को मिली राहत, इंतजार करो और देखो का रुख

नरम आंकड़ों से रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) को थोड़ी राहत मिली है। इससे केंद्रीय बैंक को अपने इंतजार करो और देखो वाले दौर को और आगे बढ़ाने की गुंजाइश मिलती है। साल की पहली छमाही में जो ब्याज दरें बढ़ाई गई थीं, उनका अर्थव्यवस्था पर असल असर क्या पड़ रहा है, इसका आकलन करने के लिए RBA को अब कुछ और वक्त मिल गया है। जब महंगाई काबू में दिख रही हो तो केंद्रीय बैंक पर आक्रामक रुख अपनाने का दबाव घट जाता है, और यही बात फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भारी पड़ रही है।

TD-MI महंगाई गेज आखिर है क्या

मेलबर्न इंस्टीट्यूट की ओर से जारी होने वाला TD-MI महंगाई गेज ऑस्ट्रेलिया में महंगाई का हर महीने का ताजा और सटीक अंदाजा देने के मकसद से तैयार किया गया है। यह गेज ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स की उसी पद्धति पर आधारित है, जिससे तिमाही उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) निकाला जाता है।

मेलबर्न इंस्टीट्यूट का यह मासिक महंगाई गेज ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख राजधानी शहरों में वस्तुओं और सेवाओं की एक बड़ी टोकरी की कीमतों में महीने दर महीने होने वाले बदलाव का अनुमान लगाता है। इसका MoM यानी मासिक आंकड़ा संदर्भ महीने की कीमतों की तुलना पिछले महीने से करता है। नियम सीधा है, महंगाई जितनी ज्यादा होगी, RBA की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की संभावना पर उसका असर उतना ही मजबूत होगा। आम तौर पर ऊंचे आंकड़े को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए सकारात्मक या तेजी वाला माना जाता है, जबकि कम आंकड़ा नकारात्मक या मंदी वाला संकेत देता है।

पाउंड और यूरो भी दबाव में

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड भी सोमवार को हल्का फिसला और उसकी सात दिन से चली आ रही तेजी पर विराम लगता दिखा। इसकी वजह फिर वही होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव रहा, जो वॉशिंगटन और तेहरान के बीच शांति प्रक्रिया के अहम बिंदुओं में से एक है। लिखे जाने के समय GBP/USD जोड़ी 1.3340 के आसपास कारोबार कर रही थी, जो पिछले हफ्ते के 1.3387 के ऊपरी स्तर से नीचे है, हालांकि नजदीकी अवधि का तेजी वाला रुझान अब भी बरकरार है।

यूरो की चाल भी कुछ ऐसी ही रही। सोमवार को यूरोपीय सत्र में EUR/USD जोड़ी हल्की गिरावट के साथ 1.1400 की ओर बढ़ती दिखी। नकारात्मक साप्ताहिक बंद के बाद अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से इस जोड़ी पर हल्का बिकवाली का दबाव बना। मध्य पूर्व की चिंताओं और USD/JPY में आई तेजी ने अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया।

सोना और डॉजकॉइन कहां खड़े हैं

सोने ने 4,150 डॉलर के स्तर से नीचे कुछ मजबूती दिखाई। सोमवार को ही इसने 4,200 डॉलर के ठीक ऊपर दो हफ्ते का ऊपरी स्तर छुआ था, जहां से इंट्राडे में आई गिरावट फिलहाल थमती दिख रही है। हालांकि यूरोपीय सत्र में सोने का रुख नकारात्मक बना हुआ है और इसने लगातार तीन दिन की तेजी का सिलसिला तोड़ दिया है।

क्रिप्टो बाजार में डॉजकॉइन (DOGE) की कीमत 0.0770 डॉलर के करीब पहुंच गई। शुक्रवार को 4% की उछाल के बाद यह पिछले तीन दिनों से मोटे तौर पर एक दायरे में टिका हुआ है। सबसे पहला मीम कॉइन माने जाने वाले DOGE में खुदरा निवेशकों की दिलचस्पी घटती दिख रही है, क्योंकि इसके डेरिवेटिव वॉल्यूम में गिरावट आई है। दूसरी ओर ऑन-चेन आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि बड़े वॉलेट वाले निवेशक, जिन्हें आम भाषा में व्हेल कहा जाता है, अपनी होल्डिंग बढ़ा रहे हैं।

सिंट्रा में फेड को लेकर बढ़ा सस्पेंस

वित्तीय बाजार सिंट्रा में इस उम्मीद के साथ पहुंचे थे कि उन्हें फेडरल रिजर्व (फेड) के अगले कदम को लेकर कुछ संकेत मिलेंगे। लेकिन वहां से उन्हें ज्यादातर यही पुष्टि मिली कि फेड चेयर केविन वॉर्श इन संकेतों को पढ़ना और भी मुश्किल बनाने का इरादा रखते हैं। यानी ब्याज दरों की आगे की दिशा को लेकर बाजार की उलझन कम होने के बजाय और बढ़ गई।

सवाल-जवाब

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर क्यों गिरा?
ऑस्ट्रेलिया के नरम महंगाई आंकड़ों, नौकरियों के विज्ञापनों में गिरावट और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते तनाव ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर दबाव बनाया।
AUD/USD अभी किस स्तर पर है?
AUD/USD जोड़ी दो हफ्ते के ऊपरी स्तर 0.6950 से फिसलकर 0.6920 के आसपास आ गई है।
इन आंकड़ों का RBA पर क्या असर होगा?
नरम आंकड़ों से रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया को अपने इंतजार करो और देखो वाले रुख को आगे बढ़ाने की गुंजाइश मिलती है, ताकि साल की पहली छमाही में हुई ब्याज दर बढ़ोतरी का असर आंका जा सके।
TD-MI महंगाई गेज क्या है?
यह मेलबर्न इंस्टीट्यूट की ओर से जारी होने वाला मासिक गेज है, जो ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स की CPI पद्धति के आधार पर हर महीने कीमतों में बदलाव का अनुमान लगाता है।
पाउंड और यूरो का क्या हाल रहा?
GBP/USD 1.3387 के ऊपरी स्तर से गिरकर 1.3340 के आसपास आया, जबकि EUR/USD हल्की गिरावट के साथ 1.1400 की ओर बढ़ा।
सोने और डॉजकॉइन में क्या हो रहा है?
सोना 4,150 डॉलर से नीचे टिका है और उसने तीन दिन की तेजी तोड़ी, वहीं डॉजकॉइन 0.0770 डॉलर के करीब एक दायरे में बना हुआ है।
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