कीमती धातुओं में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर सोना और चांदी, दोनों एक बार फिर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में सोने का भाव 0.36 प्रतिशत तक फिसल गया, वहीं चांदी में 0.10 प्रतिशत की हल्की नरमी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि वायदा बाजार में तो गिरावट मामूली रही, लेकिन एक दिन पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत ने तगड़ा गोता लगाया।
एमसीएक्स पर सोने का हाल
शुक्रवार को सुबह करीब 10.10 बजे 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना 516 रुपये यानी 0.36 प्रतिशत टूटकर 1,44,784 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। कारोबार की शुरुआत भी कमजोरी के साथ ही हुई थी, जब सोना 410 रुपये की गिरावट लेकर 1,44,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। इससे पहले गुरुवार को यह 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। दिन के कारोबार में सोने ने ऊपर की ओर 1,45,061 रुपये और नीचे की ओर 1,44,603 रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर छुआ।
चांदी में मामूली नरमी
चांदी की चाल सोने के मुकाबले कहीं शांत रही। 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी महज 231 रुपये यानी 0.10 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ 2,26,146 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। दिन की शुरुआत में तो इसमें सिर्फ 9 रुपये की नाममात्र कमी दिखी और यह 2,26,368 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि गुरुवार को इसका बंद भाव 2,26,377 रुपये प्रति किलोग्राम रहा था। कारोबार के दौरान चांदी ऊपर 2,26,990 रुपये और नीचे 2,25,871 रुपये प्रति किलोग्राम तक गई।
दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी धड़ाम
असली झटका सर्राफा बाजार में देखने को मिला। गुरुवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 7800 रुपये की भारी गिरावट के साथ लुढ़ककर 2,32,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इससे एक दिन पहले, यानी बुधवार को यहां चांदी 2,39,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। यानी सिर्फ 24 घंटे में इसके भाव में जबरदस्त सेंध लगी।
सोने में सर्राफा बाजार की गिरावट अपेक्षाकृत नरम रही। स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, गुरुवार को यहां सोना 350 रुपये की मामूली नरमी के साथ 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव इससे पिछले सत्र, यानी बुधवार को 1,48,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। कुल मिलाकर सोने और चांदी, दोनों में फिलहाल दबाव का माहौल बना हुआ है और बाजार की नजरें आगे की चाल पर टिकी हैं।











