इस हफ्ते सोने और चांदी की चमक लगातार दूसरे दिन फीकी पड़ी। मंगलवार को एमसीएक्स पर कारोबार शुरू होते ही दोनों कीमती धातुएं लाल निशान में फिसल गईं। सोने में जहां 1 प्रतिशत से कम की नरमी रही, वहीं चांदी की कीमत 1 प्रतिशत से ज्यादा टूट गई। मंगलवार को खबर लिखे जाने तक सोना 0.64 प्रतिशत और चांदी 1.19 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रही थी। कारोबार खुलने के बाद से ही दोनों धातुएं लगातार दबाव में बनी रहीं।
सोना 1,45,767 रुपये के इंट्राडे लो तक फिसला
मंगलवार सुबह करीब 09.53 बजे 5 अगस्त की डिलीवरी वाला सोना 937 रुपये यानी 0.64 प्रतिशत लुढ़ककर 1,45,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दिन की शुरुआत में ही सोने ने 351 रुपये की साधारण गिरावट के साथ 1,46,566 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार खोला था। इससे पहले सोमवार को यह 1,46,917 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। खबर लिखे जाने तक सोना 1,46,566 रुपये के इंट्राडे हाई से गिरकर 1,45,767 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे लो तक पहुंच चुका था।
चांदी में बड़ी टूट
चांदी की चाल सोने से भी कमजोर रही। 4 सितंबर की डिलीवरी वाली चांदी 2816 रुपये यानी 1.19 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 2,33,283 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार की शुरुआत में ही चांदी 1999 रुपये के बड़े नुकसान के साथ 2,34,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली थी, जबकि सोमवार को यह 2,36,099 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। खबर लिखे जाने तक चांदी 2,34,100 रुपये के इंट्राडे हाई से लुढ़ककर 2,32,862 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे लो तक आ चुकी थी।
सर्राफा बाजार में भी नरमी
वायदा बाजार के साथ साथ हाजिर बाजार में भी दबाव दिखा। सोमवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना 150 रुपये टूटकर 1,50,650 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव पिछले सत्र में 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, सोमवार को चांदी की लगातार 4 दिन से चली आ रही तेजी थम गई। शुक्रवार के 2,45,000 रुपये प्रति किलोग्राम के बंद भाव से यह 5,000 रुपये टूटकर 2,40,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।
दोनों धातुओं पर बना रहा दबाव
कुल मिलाकर मंगलवार का सत्र सोने और चांदी दोनों के लिए कमजोरी वाला रहा। एमसीएक्स पर कारोबार खुलते ही दोनों धातुएं लाल निशान में चली गईं और दिन चढ़ने के साथ इनमें गिरावट गहराती गई। सोने के मुकाबले चांदी में बिकवाली का दबाव ज्यादा साफ दिखा, जिसकी वजह से किलोग्राम के भाव में हजारों रुपये की कमी दर्ज हुई।











