3 सितंबर के कारोबारी सत्र की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में दाखिल हुआ था, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भारी उठापटक और बिकवाली के दबाव ने बाजार की चाल बदल दी। आखिरी घंटों में हुई बिकवाली के कारण मुख्य सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। इस तेज बिकवाली के बीच अडानी समूह के प्रमुख शेयर अडानी पोर्ट्स ने शानदार मजबूती दिखाई और लगातार दूसरे दिन निफ्टी के टॉप गेनर्स में अपनी जगह बरकरार रखी।
सेंसेक्स और निफ्टी के अंतिम आंकड़े और बाजार की स्थिति
कारोबार समाप्त होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 417.49 अंक की बड़ी गिरावट के साथ 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 50 भी 41.00 अंक टूटकर 23,873.45 पर आ गया। भले ही प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन बाजार का व्यापक दायरा सकारात्मक रहा। शेयर बाजार में कुल 2,453 शेयरों ने तेजी दर्ज की, 1,686 शेयरों में गिरावट देखी गई, जबकि 178 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए।
अडानी पोर्ट्स की लगातार तेजी और शेयर बाजार के टॉप गेनर्स
बाजार में मंदी के माहौल के बीच अडानी पोर्ट्स का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। यह स्टॉक 2 सितंबर को 1.51% चढ़ा था और 3 सितंबर को इसमें 2.02% की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका बंद भाव ₹1,706.50 पर पहुंच गया। इस प्रकार महज दो दिनों के भीतर इस शेयर में करीब 3.5% की बढ़त दर्ज की गई। अडानी पोर्ट्स के अलावा बैंकिंग और उपभोक्ता दिग्गजों में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला। एक्सिस बैंक में 1.04% और एचडीएफसी बैंक में 0.83% की तेजी आई। इसी तरह टाटा कंज्यूमर 0.71%, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 0.70% और एशियन पेंट्स 0.56% की बढ़त के साथ बंद हुए।
ऑटो, आईटी और एफएमसीजी में बिकवाली से लगा झटका
दूसरी तरफ, भारी मुनाफावसूली के कारण कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी मंदी देखी गई। बिकवाली की इस लहर में सबसे ज्यादा नुकसान ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर के शेयरों को उठाना पड़ा। बजाज ऑटो 1.73% गिरकर टॉप लूजर्स में सबसे आगे रहा। इसके बाद टेक महिंद्रा में 1.54% और ट्रेंट में 1.29% की मंदी आई। इसके अलावा फार्मा कंपनी सिप्ला 1.28%, महिन्द्रा एंड महिन्द्रा 1.25%, आईटीसी 1.24%, टीसीएस 1.19% और अल्ट्राटेक सीमेंट 1.04% की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल और ब्रॉडर मार्केट की बढ़त
सेक्टरवार स्थिति पर नजर डालें तो ऑटो, एफएमसीजी, आईटी और फार्मा सेक्टर्स के सूचकांकों में लगभग आधा प्रतिशत (0.5%) की नरमी दर्ज की गई। हालांकि, कुछ क्षेत्रों ने बाजार को संभालने का प्रयास किया। रियल्टी इंडेक्स 2.5% की जोरदार बढ़त बनाने में सफल रहा, जबकि मीडिया इंडेक्स में 1.7% का उछाल देखा गया। बैंकिंग मोर्चे पर सार्वजनिक क्षेत्र के पीएसयू बैंक और निजी बैंक इंडेक्स दोनों 0.5% चढ़कर बंद हुए। बड़े सूचकांकों की गिरावट के बावजूद ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन सकारात्मक रहा, जहां निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.37% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.2% की तगड़ी तेजी के साथ बंद हुआ।



















