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अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के बीच ब्रिटिश पाउंड में गिरावट का दबाव, 1.3335 का स्तर छूने की संभावनाबाज़ार
22 सित॰ 2026, 1:02 pm (50 मिनट पहले)· 1

अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख के बीच ब्रिटिश पाउंड में गिरावट का दबाव, 1.3335 का स्तर छूने की संभावना

कमजोर रुझान के कारण ब्रिटिश पाउंड 1.3335 के निचले स्तर का परीक्षण कर सकता है, जबकि पश्चिम एशिया तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से डॉलर को लगातार समर्थन मिल रहा है।

वैश्विक मुद्रा बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती के बीच ब्रिटिश पाउंड पर दबाव बना हुआ है। बीते कारोबारी सत्र में ब्रिटिश पाउंड 1.3366 और 1.3399 के दायरे में कारोबार करने के बाद 0.18 प्रतिशत फिसलकर 1.3369 पर बंद हुआ। बाजार के तकनीकी रुझानों में नीचे की ओर धीरे-धीरे दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ऐसे में आज पाउंड पिछले हफ्ते के निचले स्तर 1.3335 का परीक्षण कर सकता है, हालांकि इस स्तर से नीचे लगातार बड़ी गिरावट जारी रहने की संभावना काफी कम आंकी जा रही है। साथ ही 1.3300 का प्रमुख सपोर्ट स्तर भी फिलहाल सीधे जोखिम में आता नहीं दिख रहा है।

बाजार की चाल को देखें तो ऊपर की तरफ पाउंड के लिए 1.3385 पर तात्कालिक रुकावट यानी रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि यह 1.3400 के स्तर को पार कर जाता है, तो यह संकेत मिलेगा कि मौजूदा हल्का मंदी का दबाव शांत हो गया है। मध्यम अवधि के एक से तीन सप्ताह के परिदृश्य पर नजर डालें तो पिछले सोमवार से ही पाउंड को लेकर नकारात्मक रुख बना हुआ है। पिछले शुक्रवार यानी 18 सितंबर को जब हाजिर भाव 1.3360 पर था, तब यह रेखांकित किया गया था कि गिरावट का जोखिम बना रहने के बावजूद स्थितियां काफी अधिक ओवरसोल्ड हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि पाउंड में 1.3300 तक पहुंचने के लिए पर्याप्त गति है या नहीं। यदि पाउंड 1.3435 के मजबूत रेजिस्टेंस को तोड़ता है, तो यह दर्शाएगा कि मुद्रा की कमजोरी अब स्थिर हो रही है।

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फेडरल रिजर्व का रुख और पश्चिम एशिया तनाव डॉलर को दे रहे सहारा

विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में अमेरिकी डॉलर की बढ़त के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सख्त नीतिगत रुख और पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव मुख्य वजह बनकर उभरे हैं। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे ग्रीनबैक को लगातार मजबूती मिल रही है। इसके अलावा कारोबारी इस हफ्ते के अंत में होने वाले ट्रंप और शी के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन पर भी बारीक नजर बनाए हुए हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में जोखिम भरी संपत्तियों और मुद्रा जोड़ों पर देखा जा सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (AUD/USD) मंगलवार को एशियाई कारोबारी सत्र में 0.7100 के ऊपर मजबूती के साथ कारोबार करती दिखी। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलॉक की तरफ से आए सख्त बयानों ने ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को कुछ सहारा दिया। हालांकि पश्चिम एशिया के संकट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक नजरिए के चलते डॉलर को मिल रहा समर्थन इस मुद्रा जोड़ी की तेजी को सीमित रख सकता है।

बैंक ऑफ जापान ने 31 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचाई ब्याज दर

एशियाई बाजारों में अमेरिकी डॉलर और जापानी येन की जोड़ी (USD/JPY) मंगलवार के कारोबारी सत्र में 157.50 के करीब मामूली बढ़त के साथ कारोबार करती रही। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार में संभावित हस्तक्षेप की आशंकाओं ने येन की गिरावट को एक सीमित दायरे में बांधे रखा। हालांकि बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में एक और कदम उठाते हुए अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 7-2 के बहुमत से 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है। यह फैसला कई हफ्तों से बनी आम बाजार अपेक्षाओं के पूरी तरह अनुरूप रहा है, लेकिन बैंक ऑफ जापान के नीतिगत रुख के अपेक्षाकृत नरम संकेतों ने जापानी येन के खरीदारों को रक्षात्मक मुद्रा में बनाए रखा है।

अमेरिकी डॉलर के इसी मजबूत माहौल का सीधा लाभ यूएसडी और जेपीवाई की जोड़ी को मिल रहा है, जहां फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख और पश्चिम एशिया का तनाव इसे नई दिशा दे रहे हैं।

सोने में बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

कमोडिटी बाजार में सोने के भाव में एशियाई सत्र की शुरुआती मामूली तेजी के बाद बिकवाली देखने को मिली। गैर-उपज वाली इस पीली धातु की कीमत पिछले घंटे में फिसलकर 4,350 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गई। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि इसमें बहुत बड़ी गिरावट सीमित रहने के आसार हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व का आक्रामक दृष्टिकोण ब्याज न देने वाले सोने के लिए सबसे बड़ा नकारात्मक कारक साबित हो रहा है, जिससे निवेशकों का रुझान डॉलर और बांड यील्ड की ओर झुक रहा है।

दूसरी ओर कच्चे तेल के मोर्चे पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) ने एशियाई सत्र के दौरान खरीदारों को आकर्षित किया और लगातार चार दिनों की गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया। पिछले दिन क्रूड 91.00 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया था, जो लगभग दो सप्ताह का निचला स्तर था। वर्तमान में यह कमोडिटी 93.00 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे कारोबार कर रही है और दिन के दौरान इसमें लगभग 1.40 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और आपूर्ति में संभावित बाधाओं के कारण तेल बाजार में कारोबारियों का ध्यान लगातार बना हुआ है।

सवाल-जवाब

ब्रिटिश पाउंड के लिए आज कौन से प्रमुख तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
आज पाउंड पिछले हफ्ते के निचले स्तर 1.3335 का परीक्षण कर सकता है, जबकि ऊपर की तरफ 1.3385 और 1.3400 पर रुकावट देखी जा रही है।
अमेरिकी डॉलर को किन कारकों से मजबूती मिल रही है?
फेडरल रिजर्व के सख्त नीतिगत रुख और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण डॉलर मजबूत बना हुआ है।
बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया है?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया है, जो 31 साल का उच्चतम स्तर है।
कच्चे तेल की कीमतों में हालिया उछाल का क्या कारण है?
पश्चिम एशिया संकट पर ध्यान केंद्रित रहने के कारण डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल लगभग 1.40 प्रतिशत चढ़कर 93 डॉलर के करीब पहुंच गया है।
सोने की कीमतों में गिरावट क्यों दर्ज की जा रही है?
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक दृष्टिकोण के चलते गैर-ब्याज वाली इस पीली धातु में बिकवाली आई और यह 4,350 डॉलर से नीचे फिसल गई।
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