मीन राशि के जातकों के लिए 27 अक्टूबर का दिन खगोलीय स्थिति के अनुसार बदलावों से भरा रहेगा। इस दिन की शुरुआत में जन्म चंद्र राशि के आधार पर चंद्रमा मेष राशि के दूसरे भाव में स्थिति दर्ज करेगा। इस दौरान पारिवारिक अपेक्षाओं, बातचीत के तौर-तरीकों और वित्तीय खर्चों पर विशेष ध्यान देना जरूरी साबित होगा। केवल इसी स्थिति के आधार पर इसे आर्थिक लाभ का पक्का संकेत नहीं मान लेना चाहिए। जैसे-जैसे समय आगे बढ़ेगा और रात का समय आएगा, चंद्रमा वृषभ राशि के तीसरे भाव में प्रवेश कर जाएगा। इस समयावधि के दौरान जरूरी संपर्कों को साधने और अपने सीमित दायरे में नई पहलों को आगे बढ़ाने के अवसर बन सकते हैं। हालांकि, अपनी मेहनत की मात्रा को बढ़ाने से पहले उसकी सही दिशा का निर्धारण करना बहुत आवश्यक है। यदि आपको किसी करीबी व्यक्ति की सहायता की आवश्यकता महसूस हो, तो अपनी बात सीधे तौर पर रखें और बिना उनकी रजामंदी के कोई भी योजना तैयार न करें। अपनी बात किसी के सामने रखने से पहले इस बात पर जरूर विचार कर लें कि आपका मुख्य उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है, मदद मांगना है या फिर किसी खास विषय पर आपसी सहमति बनाना है।
परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी तरह की चर्चा के दौरान अपनी मानसिक चिंता को दूसरे व्यक्ति की गलती से बिल्कुल अलग रखें। जीवनसाथी के साथ यदि आपसी सहयोग के मौके सामने आते हैं, तो काम बांटने के सही तरीके के बारे में चर्चा करें, न कि केवल मदद मिलने की उम्मीद लगाकर बैठ जाएं। अपने छोटे भाई, बहन या किसी अन्य करीबी से संपर्क साधना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला अनुभव साबित हो सकता है, हालांकि उनकी तरफ से मिलने वाला सहयोग पूरी तरह निश्चित नहीं कहा जा सकता। उनके निजी जीवन की व्यस्तता और समय का पूरा सम्मान करें। यदि आपके जीवन में कोई नया परिचय जुड़ रहा है, तो पारिवारिक और आर्थिक अपेक्षाओं को बहुत धीरे-धीरे और समझदारी के साथ परखना बेहतर रहेगा। अपने बच्चों या घर के किसी युवा सदस्य की शैक्षणिक या अन्य प्रगति को केवल उनके मनचाहे परिणामों के आधार पर ही न आंकें। रात के समय आप संवाद स्थापित करने की पहल कर सकते हैं, लेकिन सामने वाले को अपने विचार रखने और जवाब देने के लिए पर्याप्त जगह और समय दें। किसी भी सामान्य और सहज बातचीत को तुरंत किसी बड़े और अंतिम निष्कर्ष तक खींचकर ले जाना बिल्कुल जरूरी नहीं है।
इस दिन के लिए विशेष समय अवधि सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक निर्धारित है, जिसकी गणना दिल्ली के स्थानीय स्थान और स्थिति के आधार पर की गई है।
अपने सभी जरूरी कामों को पूरा करने के लिए उनकी प्राथमिकताएं तय करें और आवश्यकता पड़ने पर स्पष्ट शब्दों में सहायता मांगें। अपने छोटे-छोटे खर्चों का एक सही लेखा-जोखा तैयार रखें। पढ़ाई-लिखाई से जुड़ा कोई भी काम या अपनी किसी रचनात्मक गतिविधि के तैयार हिस्से को सुरक्षित संभालकर रखें और उसके बाद का अगला कदम स्पष्ट रूप से लिखकर छोड़ें, ताकि जब आप उसे दोबारा शुरू करें तो आपके सामने दिशा बिल्कुल साफ हो।
अपनी खुद की व्यस्तता और सीमाओं को छिपाते हुए दूसरों के कहने पर कोई भी अतिरिक्त जिम्मेदारी अपने कंधों पर न लादें। परिवार को लेकर मन में चल रही चिंता के कारण किसी को भी कोई कठोर उत्तर देने से पूरी तरह बचें। अपनी अपेक्षित आय, बच्चे के परीक्षा परिणामों या किसी रिश्ते से मिलने वाली प्रतिक्रिया को पहले से ही निश्चित मानकर अपने आगे के खर्चों और वादों की रूपरेखा तय न करें।
























