अजमेर में करवा चौथ का पावन पर्व नजदीक आते ही शहर के बाजारों की रौनक देखने लायक बन जाती है। सुहागिन महिलाएं इस विशेष अवसर को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रही हैं और अपनी तैयारियों में जुटी हुई हैं। कोई पूजा की थाली की तलाश में है तो कोई अपनी पसंद के नए वस्त्र, चूड़ियां और आभूषण खरीदने में व्यस्त है। यदि आप भी अजमेर में ऐसे किसी बाजार की तलाश में हैं जहाँ सुहाग से जुड़ी हर जरूरत का सामान एक ही छत के नीचे मिल जाए, तो चूड़ी बाजार आपके लिए सबसे उत्तम स्थान साबित हो सकता है।
सोलह श्रृंगार और साड़ियों की विशाल रेंज
यह प्रसिद्ध बाजार शहर भर में अपनी अनूठी पहचान बनाए हुए है। यहाँ महिलाओं को पूजा की थाली से लेकर मनमोहक चूड़ियां, डिजाइनर ज्वेलरी और पारंपरिक वस्त्र आसानी से मिल जाते हैं। हर महिला अपनी पसंद और बजट के अनुसार यहाँ खरीदारी कर सकती है। इस पर्व के पावन अवसर पर दूर-दूर से महिलाएं अपने सोलह श्रृंगार और पूजा-पाठ की पुख्ता तैयारियों के सिलसिले में इसी बाजार का रुख करती हैं।
चूड़ी बाजार में साड़ियों की दुकान चलाने वाली विक्रेता प्रेम का कहना है कि करवा चौथ के दिन सुहागिनों के लिए सोलह श्रृंगार का बहुत बड़ा महत्व होता है। यही कारण है कि चूड़ियों, गहनों और साड़ियों की खरीदारी इस उत्सव का सबसे मुख्य हिस्सा बन जाती है। इस बाजार में महिलाओं के लिए कई प्रकार की सुंदर साड़ियों और पारंपरिक परिधानों की अद्भुत और विस्तृत श्रृंखला उपलब्ध है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती है।
मेहंदी लगवाने की खास सुविधा और समय
भारतीय परंपराओं में करवा चौथ के मौके पर हाथों पर मेहंदी सजाने का अत्यधिक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए त्योहार से पहले ही बाजार में कुशल और ट्रेंड मेहंदी आर्टिस्ट अपनी सेवाएं देने के लिए मौजूद रहते हैं। इस बाजार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहाँ खरीदारी करने के तुरंत बाद ही हाथों में मनचाही मेहंदी लगवाने का शानदार विकल्प भी मिल जाता है। उत्सव के इन दिनों में महिलाएं अपनी पसंद के आधुनिक और लेटेस्ट डिजाइनों में मेहंदी लगवाने के लिए इस बाजार में बड़ी संख्या में पहुँचती हैं।
यह चर्चित चूड़ी बाजार अजमेर रेलवे स्टेशन से केवल 700 मीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण यहाँ पहुँचना बेहद सुगम और आसान है। यह बाजार सुबह 11 बजे से शुरू होकर रात 10 बजे तक खुला रहता है। समय की इस बेहतरीन सहूलियत के चलते लोग अपनी सुविधानुसार दिन के वक्त या शाम के सुहाने समय में बिना किसी परेशानी के खरीदारी करने पहुँच सकते हैं और इस पावन पर्व को और अधिक खास बना सकते हैं।






















