त्योहारी सीजन के स्वागत की तैयारियों के बीच दक्षिण भारत के प्रमुख सर्राफा बाजारों में सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी 28 सितंबर 2026 को चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई। स्थानीय स्तर पर भारी बिकवाली के चलते विभिन्न शुद्धता वाले सोने के दाम एक ही दिन में हजारों रुपये नीचे आ गए।
चेन्नई में सबसे तेज गिरावट, 100 ग्राम सोना 25,600 रुपये फिसला
सोमवार को दक्षिण भारतीय महानगरों में सबसे अधिक मूल्य कटौती चेन्नई के बाजार में देखने को मिली। यहां 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने के भाव में प्रति 100 ग्राम 25,600 रुपये की भारी कमी आई, जिससे इसका भाव घटकर 15,01,700 रुपये पर आ गया। यदि 10 ग्राम के मानक वजन की बात करें, तो 24 कैरेट सोने की कीमत 2,560 रुपये गिरकर 1,50,170 रुपये रह गई।
जेवराती यानी 22 कैरेट सोने में भी इस गिरावट का व्यापक असर पड़ा। चेन्नई में 22 कैरेट सोना प्रति 100 ग्राम 23,500 रुपये फिसलकर 13,76,500 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, 10 ग्राम वजन वाले 22 कैरेट सोने का भाव 2,350 रुपये घटकर 1,37,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके अलावा 18 कैरेट सोने के खरीदारों को भी उल्लेखनीय राहत मिली, जहां 100 ग्राम की कीमत 23,500 रुपये घटकर 11,53,500 रुपये और 10 ग्राम का भाव 2,350 रुपये गिरकर 1,15,350 रुपये रह गया।
बेंगलुरु और हैदराबाद के सर्राफा बाजारों का हाल
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में सोने की दरें लगभग एक समान स्तर पर स्थिर रहीं। इन दोनों शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 100 ग्राम 25,100 रुपये गिरकर 15,01,700 रुपये दर्ज हुआ। खुदरा खरीदारी में आम तौर पर प्रयोग होने वाले 10 ग्राम के 24 कैरेट सोने का भाव 2,510 रुपये की कमी के साथ 1,50,170 रुपये पर आ गया।
आभूषण निर्माण के लिए लोकप्रिय 22 कैरेट श्रेणी में बेंगलुरु और हैदराबाद के बाजारों में 100 ग्राम पर 23,000 रुपये की कटौती देखी गई, जिसके बाद नई दरें 13,76,500 रुपये हो गईं। 10 ग्राम के पैमाने पर यह गिरावट 2,300 रुपये की रही, जिससे नया भाव 1,37,650 रुपये प्रति 10 ग्राम तय हुआ। बजट आभूषणों के रूप में खरीदे जाने वाले 18 कैरेट सोने में 100 ग्राम का भाव 18,800 रुपये गिरकर 11,26,300 रुपये और 10 ग्राम का भाव 1,880 रुपये फिसलकर 1,12,630 रुपये पर दर्ज किया गया।
वैश्विक दबाव और बॉन्ड यील्ड में तेजी से बढ़ी बिकवाली
सोने के घरेलू बाजार में आई इस मंदी के तार वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से सीधे जुड़े हुए हैं। कमोडिटी और करेंसी विश्लेषक यतीन त्रिवेदी (उपाध्यक्ष अनुसंधान विश्लेषक, एलकेपी सिक्योरिटीज) के अनुसार, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल के कारण सोने पर तीव्र बिकवाली का दबाव बना। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना करीब 130 डॉलर गिरकर 4,155 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी 10 वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 5.22 प्रतिशत से ऊपर निकल चुकी है। इस स्तर से ऊपर यील्ड के टिके रहने से बाजार में यह धारणा और मजबूत हुई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं। जब ब्याज दरें या सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने को रखने की लागत में वृद्धि हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक निवेशक पूंजी को सुरक्षित रिटर्न देने वाले सरकारी बॉन्ड में स्थानांतरित कर रहे हैं। वर्तमान परिस्थितियों में कॉमेक्स पर सोने की ट्रेडिंग सीमा 4,080 डॉलर से 4,250 डॉलर के बीच रहने का अनुमान जताया गया है।



















