भारत के बैंकिंग क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला बैंक ऑफ बड़ौदा अपने ग्राहकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर आकर्षक ब्याज दरें प्रदान कर रहा है। ग्राहकों की कुल संख्या के मामले में यह देश का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक माना जाता है, जबकि शेयर बाजार में मार्केट कैप के हिसाब से यह दूसरे स्थान पर मौजूद सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न की तलाश कर रहे जमाकर्ताओं के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा एक वर्ष की अवधि वाली एफडी योजना पर काफी प्रतिस्पर्धी ब्याज दे रहा है। इसके साथ ही, बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों तथा अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अतिरिक्त ब्याज दर का प्रावधान भी किया है, जिससे बुजुर्ग निवेशकों को अपनी जमा राशि पर अधिक लाभ मिल सके।
एक वर्ष की एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरों का पूरा गणित
बैंक ऑफ बड़ौदा की एक साल की अवधि वाली फिक्स्ड डिपॉजिट योजना में ब्याज दरें 6.25 प्रतिशत से शुरू होकर 6.75 प्रतिशत तक जाती हैं। यदि 59 वर्ष तक की आयु वाला कोई सामान्य नागरिक एक साल के लिए अपनी पूंजी इस बैंक में एफडी के तौर पर जमा करता है, तो उसे 6.25 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भुगतान किया जाता है। वहीं दूसरी ओर, 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को इसी एक वर्ष की समय सीमा के लिए 6.75 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इसके अलावा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले अति वरिष्ठ नागरिकों को भी एक साल की एफडी पर 6.75 प्रतिशत की समान दर से ही रिटर्न दिया जा रहा है। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि ये सभी ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम मूल्य वाली खुदरा जमा राशियों के लिए ही मान्य हैं।
वरिष्ठ नागरिकों और सुपर सीनियर सिटीजन्स को मिलने वाले विशेष लाभ
सामान्य ग्राहकों की तुलना में बुजुर्ग जमाकर्ताओं को बेहतर वित्तीय सुरक्षा और रिटर्न देने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा विशेष प्रीमियम प्रदान करता है। सामान्य परिस्थितियों में 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन्स को बैंक ऑफ बड़ौदा सभी एफडी योजनाओं पर सामान्य नागरिकों से 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज देता है। इसके अलावा, 80 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए बैंक ने कुछ विशेष चुनिंदा अवधियों वाले एफडी खातों पर और भी अधिक लाभ की व्यवस्था की है, जहां उन्हें वरिष्ठ नागरिकों की तुलना में 0.10 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज प्रदान किया जाता है। यद्यपि एक वर्ष की एफडी पर सीनियर सिटीजन और सुपर सीनियर सिटीजन दोनों को 6.75 प्रतिशत का समान रिटर्न ही प्राप्त होता है।
आरबीआई की नीति और बैंक की ब्याज दर समीक्षा का इतिहास
बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट दरों में अंतिम बार बदलाव जून 2026 में लागू किया था। इसके बाद से जमा दरों को स्थिर रखा गया है। देश के केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में 5 अगस्त को हुई अपनी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में लगातार चौथी बार मुख्य नीतिगत दर रेपो रेट को स्थिर रखने की घोषणा की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने इससे पहले दिसंबर 2025 में रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत के स्तर पर निर्धारित किया था। उस कटौती के बाद से ही केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई नया बदलाव नहीं किया है, जिसके कारण अधिकांश सरकारी और निजी बैंक अपनी जमा एवं ऋण दरों को स्थिर बनाए हुए हैं।



















