सिंह राशिफल 22 सितंबर 2026: आठवें भाव में शनि का प्रभाव, धैर्य और व्यवस्थित दिनचर्या से बनेंगे कामलखनऊ में 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को बांटे गए नियुक्ति पत्र, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोरझारखंड में गवार की सब्जी की बढ़ी मांग, बाजार में ₹100 किलो तक बिक रही उपजप्राथमिक बाजार में दस्तक देंगे दो नए पब्लिक इश्यू, 770 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारीहॉस्पिटैलिटी दिग्गज ओयो की पैरेंट कंपनी प्रिज्म को 6650 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए मिली सेबी की हरी झंडीलाइव मैच: एशियाई खेल 2026: महिला क्रिकेट के खिताबी मुकाबले में श्रीलंका से भिड़ेगा भारततुला राशिफल 22 सितंबर 2026: रिश्तों में संवाद और कामकाज में संतुलन से संवरेंगे कामहिंदी पट्टी के स्टीरियोटाइप चित्रण पर तिग्मांशु धूलिया नाराज, मिर्जापुर की अतिशयोक्ति पर उठाए सवालराजस्थान के देशनोक में खेत की डिग्गी में डूबे तीन सगे भाई, एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में गई जानराजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों पर केसी वेणुगोपाल ने की समीक्षा, आगामी पंचायत चुनाव की रणनीति पर मंथन
झारखंड में गवार की सब्जी की बढ़ी मांग, बाजार में ₹100 किलो तक बिक रही उपजखानपान
22 सित॰ 2026, 6:56 am (37 मिनट पहले)· 1

झारखंड में गवार की सब्जी की बढ़ी मांग, बाजार में ₹100 किलो तक बिक रही उपज

रांची के मनातू में किसान आंगन की जमीन पर गवार सब्जी उगाकर हर दिन ₹500 तक कमा रहे हैं। बीन्स जैसी दिखने वाली यह सब्जी अपने खट्टे-मीठे स्वाद और आसान रेसिपी के कारण ठंड में खूब पसंद की जा रही है।

झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में सर्दियों की दस्तक के साथ ही एक खास स्थानीय फसल चर्चा में आ जाती है, जिसे गवार सब्जी कहा जाता है। बीन्स की तरह पतली दिखाई देने वाली यह सब्जी खाने में बेहद स्वादिष्ट मानी जाती है और मांसाहारी भोजन पसंद करने वाले लोग भी इसके स्वाद की खूब तारीफ करते हैं। स्थानीय लोग अक्सर इसे आलू के साथ मिलाकर तैयार करते हैं। बाजार में इसकी उपलब्धता सीमित होने और खास स्वाद के कारण ग्राहकों के बीच इसकी अच्छी मांग रहती है, जहां यह ₹80 से लेकर ₹100 प्रति किलो तक के भाव पर बिकती है।

सितंबर से ठंड के दौरान पैदावार और पौधे की खासियत

इस सब्जी का उत्पादन मुख्य रूप से सितंबर के महीने से शुरू होकर पूरी सर्दियों के मौसम तक चलता है। इसके पौधे काफी बड़े आकार के होते हैं और इनमें फलियां बेहद तेजी से विकसित होती हैं। पैदावार के लिहाज से यह बेहद फायदेमंद साबित होती है, क्योंकि इसके महज एक ही पौधे से 4 से 5 किलो तक सब्जी आसानी से निकल आती है। रांची के मनातू क्षेत्र के निवासी किसान मुकेश ने अपने घर के आंगन में मौजूद 2 डिसमिल जमीन पर ही इस फसल को लगाया हुआ है। उनका कहना है कि कम जगह में भी इस पौधे से भरपूर उत्पादन मिल जाता है और इसकी गुणवत्ता बहुत अच्छी रहती है।

ये भी पढ़ें

खट्टा-मीठा स्वाद और मशरूम जैसी बनावट

गवार सब्जी का प्राकृतिक स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है, जो पकने के बाद एकदम मशरूम जैसा एहसास कराता है। इसे साधारण सूखी भुजिया के तौर पर भी पकाया जा सकता है और तरीदार ग्रेवी वाली सब्जी के रूप में भी। बाजार में ग्राहक सर्दियों के मौसम में इस अनूठी सब्जी का बेसब्री से इंतजार करते हैं। यही वजह है कि मंडियों में पहुंचते ही यह हाथों-हाथ बिक जाती है। घर पर आने वाले खास मेहमानों को भी स्थानीय लोग इसे विशेष व्यंजन के रूप में परोसते हैं, जिसे चखने के बाद लोग अक्सर इसके बारे में जानने की उत्सुकता दिखाते हैं।

रसोई में बनाने की आसान विधि

इस सब्जी को पकाना बेहद सरल है और इसे तैयार करने में ज्यादा वक्त नहीं लगता। सबसे पहले उबले हुए आलू के साथ कटी हुई गवार सब्जी को कढ़ाई में अच्छी तरह फ्राई किया जाता है। इसके बाद इसमें अदरक, लहसुन और टमाटर का ताजा पेस्ट डाला जाता है। फिर हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, नमक और मिक्स मसाला मिलाकर इसे बढ़िया से भूना जाता है। मसालों के अच्छी तरह पक जाने के बाद इसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी मिला दिया जाता है और धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए पकने छोड़ दिया जाता है। इस तरह तैयार सब्जी को रोटी या चावल किसी के भी साथ खाया जा सकता है।

किसानों के लिए मुनाफे का बेहतर जरिया

घरेलू स्तर पर खेती करने वाले किसानों के लिए यह सब्जी कमाई का एक बेहतरीन जरिया बन चुकी है। मुकेश बताते हैं कि सर्दियों के मौसम में केवल आंगन की 2 डिसमिल जमीन में उगी इस सब्जी को बाजार में बेचकर वे प्रतिदिन ₹500 तक की सीधी आमदनी कर लेते हैं। तेजी से फल देने वाले इन पौधों की देखरेख आसान होने से यह स्थानीय उत्पादकों के लिए कम लागत में बढ़िया मुनाफा देने वाली फसल साबित हो रही है।

सवाल-जवाब

गवार सब्जी बाजार में किस कीमत पर बिकती है?
रांची के स्थानीय बाजारों में गवार सब्जी की कीमत ₹80 से लेकर ₹100 प्रति किलो के बीच रहती है।
इस सब्जी की खेती किस मौसम में की जाती है?
यह सब्जी सितंबर के महीने से शुरू होकर पूरी सर्दियों के मौसम में उगाई और तोड़ी जाती है।
एक पौधे से औसतन कितनी सब्जी प्राप्त होती है?
गवार सब्जी का पौधा काफी बड़ा होता है और एक ही पौधे से लगभग 4 से 5 किलो तक सब्जी निकल आती है।
किसान मुकेश अपने आंगन से रोजाना कितना मुनाफा कमा रहे हैं?
मुकेश अपने 2 डिसमिल आंगन में उगी इस फसल को बेचकर ठंड के मौसम में हर दिन ₹500 तक कमा लेते हैं।
गवार सब्जी का स्वाद कैसा होता है और इसे कैसे पकाया जाता है?
इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है जो पकने पर मशरूम जैसा लगता है। इसे उबले आलू, अदरक-लहसुन-टमाटर के पेस्ट और मसालों के साथ 10-15 मिनट पकाकर तैयार किया जाता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Neha Verma@neha-verma·20 मिनट पहले

सर्दियों के खानपान में अब स्थानीय और मौसमी चीज़ों का क्रेज वाकई बढ़ गया है। सौ रुपये किलो मिलने वाली इस गवार सब्जी की खट्टी-मीठी ग्रेवी और मशरूम जैसी बनावट सचमुच विंटर मेन्यू में एक बढ़िया और दिलचस्प बदलाव है।

Li Wei@li-wei·19 मिनट पहले

नेहा जी, आपकी बात बिल्कुल सही है। पिछले साल बीजिंग के एक स्थानीय बाजार में ऐसी ही एक अनोखी मौसमी सब्जी खाई थी, जिसका स्वाद आज भी याद है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp