हॉस्पिटैलिटी और ट्रेवल टेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ओयो की मूल फर्म प्रिज्म के सार्वजनिक निर्गम को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना के जरिए कंपनी घरेलू शेयर बाजार से 6650 करोड़ रुपये जुटाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के पूरा होने पर उद्यम का बाजार मूल्यांकन लगभग 7 अरब डॉलर से लेकर 8 अरब डॉलर के दायरे में रहने की संभावना जताई गई है। कंपनी ने अपनी प्राथमिक तैयारी के तहत गोपनीय प्री-फाइलिंग रूट का सहारा लिया था और साल 2025 के दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह में नियामक के पास अपने ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए थे। इन आवश्यक दस्तावेजों को नियामक के समक्ष रखने से पूर्व 20 दिसंबर, 2025 को बुलाई गई असाधारण आम बैठक यानी ईजीएम के दौरान शेयरधारकों की आधिकारिक मंजूरी हासिल की गई थी।
जुलाई तक सार्वजनिक विवरण पुस्तिका दाखिल करने की रूपरेखा
नियामकीय मंजूरी मिलने के पश्चात अब फर्म अगले चरण की प्रक्रिया पर कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत सार्वजनिक अद्यतन विवरण पुस्तिका मसौदा यानी UDRHP-1 जमा किया जाएगा। नियमों के अनुसार यह मसौदा दस्तावेज आम जनता और बाजार विश्लेषकों की प्रतिक्रिया व टिप्पणियों के लिए 21 दिनों की निर्धारित अवधि तक खुला रहेगा। रणनीतिक योजना के अनुसार कंपनी जुलाई माह की शुरुआत तक इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को पेश करने की तैयारी में जुटी हुई है। इसके साथ ही संस्था वर्तमान वित्तीय वातावरण, बाजार की तरलता और शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की पूरी समय-सीमा का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि लिस्टिंग के लिए सबसे मुफीद अवसर का लाभ उठाया जा सके।
प्रीमियम पेशकश और वैकेशन होम पर केंद्रित कारोबारी विस्तार
पब्लिक इश्यू लाने की यह ताजा पहल ऐसे दौर में हो रही है जब उद्यम अपने कोर मार्केट्स में पकड़ और गहरी करने में जुटा हुआ है। भारत के अलावा अमेरिका और पूरे यूरोपीय संघ में कारोबार को मजबूती दी जा रही है। संस्था अपने बुनियादी बजट सेगमेंट से आगे बढ़कर स्व-संचालित संपत्तियों के साथ संडे होटल्स और पैलेट होटल्स जैसे उच्च श्रेणी के प्रीमियम ब्रांड्स के पोर्टफोलियो का तेजी से विस्तार कर रही है। घरेलू बाजार में विला और हॉलिडे होम की बढ़ती मांग को भुनाने के मकसद से कंपनी ने हाल ही में अपने यूरोपीय ब्रैंड डैनसेंटर के जरिए गोवा में विला रेंटल की शुरुआत करते हुए वैकेशन होम सेगमेंट में भी औपचारिक कदम रखा है।
संस्थापक रितेश अग्रवाल और पिछले प्रयासों का सफर
ओयो की नींव युवा उद्यमी रितेश अग्रवाल ने वर्ष 2012 में रखी थी, जो मौजूदा समय में पूरे प्रिज्म समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस उद्यम की विकास यात्रा में जापानी निवेश दिग्गज सॉफ्टबैंक एक प्रमुख शेयरधारक के रूप में लगातार शामिल रहा है। स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने के लिए कंपनी पहले भी कदम बढ़ा चुकी है। स्वतंत्र होटलों को तकनीक से जोड़ने वाले इस प्लेटफॉर्म ने पहली बार 2021 में पब्लिक इश्यू के लिए पर्चे दाखिल किए थे। उस समय 8,430 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया था और मूल्यांकन का महत्वाकांक्षी दायरा 12 अरब डॉलर निर्धारित किया गया था।
बाजार की अस्थिरता और बोर्ड में अजय त्यागी की एंट्री
साल 2023 में कंपनी ने अपने नए वित्तीय और परिचालन आंकड़े प्रस्तुत करते हुए दोबारा नियामक के पास आवेदन सौंपा था। उस समय दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में भारी उठापटक और विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा गया, जिसके चलते प्रबंधन को अपनी योजना को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा था। अब गवर्नेंस को मजबूत आधार देने के लिए प्रिज्म ने सेबी के पूर्व प्रमुख अजय त्यागी को अपने निदेशक मंडल में बतौर स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है। पूंजी बाजार के परिचालन, कॉरपोरेट प्रशासन और नियामकीय बारीकियों में उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव से कंपनी को आगामी पब्लिक इश्यू और लिस्टिंग की प्रक्रियाओं को त्रुटिहीन तरीके से अंजाम देने में बड़ा संबल मिलेगा।




















