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अब बिहार में स्टेट हाईवे पर गाड़ी दौड़ाना भी नहीं रहेगा मुफ्त, पुल-बाइपास पर भी वसूला जाएगा टोलबिहार
7 जुल॰ 2026, 8:13 am (35 दिन पहले)· 1

अब बिहार में स्टेट हाईवे पर गाड़ी दौड़ाना भी नहीं रहेगा मुफ्त, पुल-बाइपास पर भी वसूला जाएगा टोल

बिहार सरकार ने बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क नियमावली-2026 अधिसूचित कर दी है, जिसके बाद पहली बार राज्य के स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों पर भी टोल टैक्स लगेगा। दरें सड़क की चौड़ाई पर निर्भर होंगी और भुगतान सिर्फ फास्टैग से होगा।

अब तक बिहार में सिर्फ नेशनल हाईवे पर गुजरने वालों को ही टोल चुकाना पड़ता था, लेकिन सोमवार से यह तस्वीर बदल गई है। राज्य सरकार ने बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली-2026 की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसके साथ ही राज्य के अपने स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों पर भी टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था पहली बार लागू हो गई है। पहले ये सड़कें पूरी तरह टोल के दायरे से बाहर थीं, लेकिन नई नियमावली के बाद यहां से रोज गुजरने वाले वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

सड़क की चौड़ाई तय करेगी टोल का प्रतिशत

नई नीति में हर सड़क पर एक जैसा टोल नहीं लगेगा, बल्कि सड़क कितनी चौड़ी है और उसमें कितनी लेन हैं, इसी आधार पर वसूली की दर तय होगी। यानी एक ही स्टेट हाईवे के अलग-अलग हिस्सों पर भी टोल का प्रतिशत अलग हो सकता है।

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  • चार लेन या इससे ज्यादा चौड़ी सड़कों पर तय मूल राशि का पूरा यानी 100 प्रतिशत टोल वसूला जाएगा.
  • दो लेन से ज्यादा लेकिन चार लेन से कम चौड़ी सड़कों पर तय राशि का 60 प्रतिशत ही चुकाना होगा.
  • 5.5 मीटर चौड़ी मध्यवर्ती लेन वाली सड़कों पर तय दर का 50 प्रतिशत शुल्क लिया जाएगा.
  • 5.5 मीटर से कम चौड़ी सड़कों को टोल के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है, यानी वहां एक रुपया भी टोल नहीं देना होगा.

टोल वसूलेंगी निजी कंपनियां, विभाग कर रहा सर्वे

नई नीति लागू होते ही अब पथ निर्माण विभाग की जिम्मेदारी शुरू हो गई है। विभाग पहले यह तय करेगा कि किन सड़कों, पुलों, बाइपास और सुरंगों पर टोल वसूला जाना है, इसके लिए इन रास्तों पर रोजाना कितने वाहन गुजरते हैं, इसका आकलन किया जाएगा। इसके बाद टोल वसूली का जिम्मा किसी निजी एजेंसी को सौंपने के लिए निविदा यानी टेंडर निकाला जाएगा और जिस कंपनी को यह काम मिलेगा, वही वहां टोल कलेक्शन संभालेगी। फिलहाल विभाग उन रूटों और बाइपास का बारीकी से सर्वे कर रहा है, जहां सबसे पहले टोल नाके खड़े किए जाएंगे।

सिर्फ फास्टैग से चलेगा काम, नकद देने वालों को झटका

नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव भुगतान के तरीके को लेकर है। अब टोल का पैसा सिर्फ फास्टैग या सरकार की मंजूरी वाले दूसरे इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ही लिया जाएगा। जिन वाहनों में फास्टैग नहीं लगा होगा, उनसे तय दर से ज्यादा शुल्क वसूला जाएगा, यानी फास्टैग न होना सीधे जेब पर भारी पड़ेगा। इसके अलावा तय क्षमता से ज्यादा माल लादकर चलने वाले ओवरलोड वाहनों पर भी अतिरिक्त शुल्क लगेगा।

बिना पैसा चुकाए निकले तो देना होगा तिगुना जुर्माना

अगर कोई वाहन चालक तय टोल शुल्क चुकाए बिना गुजर जाता है, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। नियमावली के मुताबिक ऐसे मामलों में तय टोल राशि का तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा, यानी टोल बचाने की कोशिश जेब पर तीन गुना भारी पड़ सकती है।

लंबे पुलों पर टोल की गणना का नया तरीका

नियमावली में पुलों के लिए टोल तय करने का अलग फॉर्मूला रखा गया है। इसके तहत किसी परियोजना में शामिल पुल की लंबाई को दस गुना मानकर टोल की दूरी निकाली जाएगी। इसे एक उदाहरण से समझें, अगर किसी परियोजना की कुल लंबाई 50 किलोमीटर है और उसमें 5 किलोमीटर लंबा पुल शामिल है, तो टोल की गणना 45 किलोमीटर सड़क और पुल के 50 किलोमीटर यानी 5 गुणा 10 के हिसाब से की जाएगी। इस तरह टोल के लिए कुल दूरी 95 किलोमीटर मानी जाएगी, यानी लंबे पुल टोल की रकम को काफी बढ़ा सकते हैं।

दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर चालकों को राहत

हर किसी को यह टोल नहीं चुकाना होगा। सरकार ने दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और पशु चालित वाहनों को टोल के दायरे से बाहर रखा है। हालांकि एक शर्त भी जोड़ी गई है, जहां सर्विस रोड उपलब्ध होगी, वहां यह छूट लागू नहीं होगी। इसके अलावा कुछ खास श्रेणी के उपयोगकर्ताओं के लिए रियायती पास और एक से ज्यादा बार यात्रा करने पर छूट यानी मल्टीपल ट्रिप डिस्काउंट का भी प्रावधान रखा गया है।

हर किलोमीटर पर वाहन के हिसाब से अलग-अलग रेट

नई नियमावली में हर तरह के वाहन के लिए प्रति किलोमीटर अलग टोल दर तय की गई है।

  • कार, जीप, वैन और अन्य हल्के वाहन – 1.25 रुपये प्रति किमी
  • छोटे व्यावसायिक वाहन यानी मिनी बस और छोटे माल वाहन – 2 रुपये प्रति किमी
  • बस और दो धुरी वाले ट्रक – 4.25 रुपये प्रति किमी
  • तीन धुरी वाले वाणिज्यिक वाहन – 4.60 रुपये प्रति किमी
  • छह धुरी वाले भारी निर्माण उपकरण या मिट्टी ढोने वाली मशीनें – 6.65 रुपये प्रति किमी
  • सात या इससे ज्यादा धुरी वाले विशाल वाहन – 8.10 रुपये प्रति किमी

रोज सफर करने वालों के लिए मासिक और रियायती पास

जो लोग रोजाना इन्हीं सड़कों से आते-जाते हैं, खासकर स्थानीय निवासी और व्यावसायिक वाहन मालिक, उनके लिए भी सरकार ने राहत का इंतजाम किया है। ऐसे नियमित यात्रियों के लिए रियायती पास, मासिक पास और मल्टी-ट्रिप पास की सुविधा दी जाएगी, ताकि हर बार पूरा टोल न चुकाना पड़े।

हर साल बदल सकती हैं टोल की दरें

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि ये दरें हमेशा के लिए तय नहीं हैं। महंगाई बढ़ने और सड़कों के रखरखाव पर होने वाले खर्च को देखते हुए हर साल इन दरों की समीक्षा की जाएगी, यानी आने वाले सालों में टोल टैक्स की रकम बढ़ भी सकती है।

सवाल-जवाब

बिहार में नई टोल नीति कब लागू हुई?
राज्य सरकार ने सोमवार को बिहार पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली-2026 अधिसूचित करते हुए यह नीति लागू कर दी.
यह टोल किन सड़कों पर लगेगा?
यह राज्य के स्टेट हाईवे, बड़े पुलों, बाइपास और सुरंगों पर लगेगा, जो पहले टोल के दायरे में नहीं आते थे.
टोल की दर कैसे तय होगी?
सड़क की चौड़ाई और लेनों की संख्या के आधार पर, चार लेन या इससे ज्यादा चौड़ी सड़क पर 100 प्रतिशत, दो से चार लेन के बीच 60 प्रतिशत और 5.5 मीटर वाली मध्यवर्ती लेन पर 50 प्रतिशत टोल लिया जाएगा.
कौन-कौन से वाहन टोल से मुक्त रहेंगे?
दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और पशु चालित वाहनों को टोल से छूट दी गई है, बशर्ते वहां सर्विस रोड उपलब्ध न हो.
टोल का भुगतान कैसे करना होगा?
भुगतान सिर्फ फास्टैग या सरकार द्वारा मंजूर अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से करना होगा, बिना फास्टैग वाले वाहनों से ज्यादा शुल्क लिया जाएगा.
बिना टोल चुकाए निकलने पर क्या होगा?
ऐसे वाहन चालकों से तय टोल राशि का तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा.
लंबे पुलों पर टोल कैसे तय होगा?
पुल की लंबाई को दस गुना मानकर टोल की दूरी तय होगी, जैसे 5 किलोमीटर के पुल को टोल गणना में 50 किलोमीटर माना जाएगा.
प्रति किलोमीटर टोल दर क्या रहेगी?
कार-जीप जैसे हल्के वाहनों पर 1.25 रुपये, बस और दो धुरी वाले ट्रक पर 4.25 रुपये और सात या इससे ज्यादा धुरी वाले वाहनों पर 8.10 रुपये प्रति किलोमीटर तक टोल तय किया गया है.
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