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बांका में अवैध बालू खनन मामले में चंदक परिवार की कंपनी पर ईडी का शिकंजा, आठ शहरों में छापेबिहार
17 जुल॰ 2026, 4:49 pm (25 दिन पहले)· 1

बांका में अवैध बालू खनन मामले में चंदक परिवार की कंपनी पर ईडी का शिकंजा, आठ शहरों में छापे

बिहार के बांका जिले में 131 करोड़ रुपये के अवैध बालू खनन मामले में ईडी ने महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े बिहार, दिल्ली और राजस्थान के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है.

बिहार में अवैध बालू खनन से जुड़े 131 करोड़ रुपये से ज्यादा के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ा कदम उठाया है. जांच एजेंसी की पटना जोनल टीम ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए देशभर के आठ ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. यह छापेमारी बिहार, दिल्ली और राजस्थान, तीन राज्यों में एक साथ चल रही है.

किस कंपनी पर है शिकंजा

जांच के केंद्र में महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी है. एजेंसी के मुताबिक इस कंपनी की कमान राजस्थान के श्रीगंगानगर के चंदक परिवार के हाथ में है. कंपनी का रोजमर्रा का कामकाज अशोक चंदक और उनके बेटे राघव चंदक संभालते हैं. जांच में पता चला है कि इस कंपनी ने वित्त वर्ष 2015-16 से लेकर 2022-23 तक बिहार के बांका जिले में बड़े स्तर पर अवैध बालू खनन को अंजाम दिया.

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131 करोड़ के खनन का हिसाब कैसे लगा

ईडी का आकलन है कि इन आठ सालों के दौरान करीब 131 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की बालू गैरकानूनी तरीके से निकाली गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतने बड़े स्तर पर खनन होने के बावजूद राज्य के खनन विभाग तक इसकी भनक तक नहीं पहुंची. असल में इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब ईडी ने बांका जिले के बालू घाटों का जियोस्पेशियल विश्लेषण कराने के लिए आईआईटी पटना की मदद ली. आईआईटी पटना की रिपोर्ट में अवैध खनन की पुष्टि होते ही एजेंसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी. इसी रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने PMLA की धारा 66(2) के तहत पूरा ब्योरा बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपा.

एफआईआर से मनी लॉन्ड्रिंग केस तक का सफर

इस जानकारी के बाद खान एवं भूविज्ञान विभाग ने 21 अगस्त 2025 को इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कराई, जिसकी जांच अभी भी चल रही है. इसी एफआईआर को आधार बनाकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का अलग से मामला दर्ज किया और उसी के तहत अब देशभर में छापेमारी चल रही है. एजेंसी की टीमें बांका और पटना के अलावा दिल्ली-एनसीआर, श्रीगंगानगर और जयपुर तक पहुंच चुकी हैं, यानी कुल मिलाकर आठ ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली जा रही है.

अब आगे क्या

छापेमारी के दौरान एजेंसी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य सबूत खंगाल रही है. जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे होने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल तलाशी अभियान जारी है और अब तक किसी बरामदगी या गिरफ्तारी को लेकर ईडी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. इसके बावजूद इसे बिहार में अवैध बालू खनन के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है.

सवाल-जवाब

ईडी ने किस मामले में छापेमारी की?
बिहार के बांका जिले में 131 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध बालू खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने छापेमारी की है.
छापेमारी किस कंपनी से जुड़ी है?
यह कार्रवाई महादेव एनक्लेव प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी है, जिसे राजस्थान के श्रीगंगानगर के चंदक परिवार के अशोक चंदक और राघव चंदक संचालित करते हैं.
छापेमारी कहां-कहां हुई?
ईडी की टीमों ने बिहार के बांका और पटना, दिल्ली-एनसीआर तथा राजस्थान के श्रीगंगानगर और जयपुर समेत कुल आठ ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली.
यह अवैध खनन किस दौरान हुआ?
जांच के मुताबिक वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बांका जिले में बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन किया गया.
मामले में एफआईआर कब दर्ज हुई?
खान एवं भूविज्ञान विभाग ने इस मामले में 21 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज कराई थी.
क्या अब तक कोई गिरफ्तारी हुई है?
फिलहाल ईडी की तरफ से किसी बरामदगी या गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, छापेमारी अभी जारी है.
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