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दक्षिण भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का बड़ा प्लान, 760 किलोमीटर के कॉरिडोर से जुड़ेंगे तिरुपति समेत कई शहरभारत
3 घंटे पहले· 4

दक्षिण भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क का बड़ा प्लान, 760 किलोमीटर के कॉरिडोर से जुड़ेंगे तिरुपति समेत कई शहर

भारतीय रेलवे दक्षिण भारत में 760.09 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की तैयारी में है, जिससे तिरुपति, हैदराबाद, चेन्नई और बेंगलुरु आपस में जुड़ेंगे। एनएचएसआरसीएल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सहमति दी है और सर्वे तथा डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

Karan MalhotraKaran MalhotraCrime Correspondent 3 मिनट पढ़ें AI के लिए
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दक्षिण भारत में रेल यात्रा का अनुभव जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय रेलवे, तिरुपति समेत दक्षिण भारत के कई प्रमुख शहरों को हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद से तिरुपति के लिए बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं और रूट तथा स्टेशन लगभग तय हो चुके हैं।

760 किलोमीटर का विशाल हाई-स्पीड कॉरिडोर

हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई को आपस में जोड़ने वाला 760.09 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल ने राज्य सरकार के इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाया है। पूरे कॉरिडोर में सबसे लंबा हिस्सा आंध्र प्रदेश से गुजरेगा। राज्य में लगभग 518.54 किलोमीटर लंबा रूट प्रस्तावित है, जबकि बाकी हिस्सा तेलंगाना और तमिलनाडु में होगा। इस परियोजना के पूरा होने पर आंध्र प्रदेश दक्षिण भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का एक अहम केंद्र बन जाएगा।

18 स्टेशन, तिरुपति भी सूची में

प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के तहत कुल 18 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें आंध्र प्रदेश के प्रमुख शहर जैसे अमरावती, गुंटूर, नेल्लोर और तिरुपति शामिल हैं। इन स्टेशनों के बनने से यात्रियों को तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी। राज्य के विभिन्न शहरों के बीच कनेक्टिविटी पहले की तुलना में काफी बेहतर होगी और लोगों के लिए एक शहर से दूसरे शहर जाना पहले के मुकाबले बहुत आसान हो जाएगा।

चित्तूर और तिरुपति के बीच खास लिंक कॉरिडोर

राज्य सरकार के अनुरोध पर चित्तूर और तिरुपति के बीच लगभग 65 किलोमीटर लंबा एक विशेष हाई-स्पीड लिंक कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एनएचएसआरसीएल ने इसके लिए सर्वे और डीपीआर तैयार करने की मंजूरी दे दी है। डीपीआर पूरी हो जाने के बाद यह रिपोर्ट अंतिम मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय के पास भेजी जाएगी।

बेंगलुरु से सीधे तिरुपति की बुलेट ट्रेन सेवा संभव होगी

चित्तूर-तिरुपति हाई-स्पीड लिंक तैयार होने के बाद बेंगलुरु, चित्तूर, तिरुपति और अमरावती के बीच सीधी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करना संभव हो जाएगा। यात्रियों को लंबी दूरी कम समय में पूरी करने का एक बेहतरीन विकल्प मिलेगा। इन शहरों के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगा।

पर्यटन, व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का असर सिर्फ यात्रा पर नहीं पड़ेगा। तिरुपति और तिरुमाला आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए यात्रा का समय कम हो जाएगा, जिससे उनका पूरा अनुभव और बेहतर बनेगा। इसके अलावा, इस नेटवर्क से औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन सभी क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से निवेश बढ़ेगा और दक्षिण भारत के इन इलाकों में आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी।

सर्वे और डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश

परियोजना को समय पर आगे बढ़ाने के लिए अधिकारियों को सर्वे और डीपीआर जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि जमीन अधिग्रहण और तकनीकी मंजूरी से जुड़े सभी काम तय समय पर पूरे हों। रिपोर्ट मिलने के बाद अगले चरण की मंजूरी और निर्माण कार्य का रास्ता खुलेगा। इस पूरी परियोजना का मकसद आंध्र प्रदेश में एक आधुनिक और उन्नत परिवहन ढांचा तैयार करना है, जो दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों को एक सूत्र में पिरोए और आंध्र प्रदेश को पूरे नेटवर्क के केंद्र के रूप में स्थापित करे।

इसका आप पर असर

  • भारत में: दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच बुलेट ट्रेन से यात्रा का समय घटेगा, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ा फायदा होगा।
  • आंध्र प्रदेश में: तिरुपति और तिरुमाला के श्रद्धालुओं के लिए आवागमन पहले से कहीं तेज और सुविधाजनक हो जाएगा, साथ ही राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की संभावना है।

सवाल-जवाब

तिरुपति के लिए बुलेट ट्रेन कहां-कहां से चलेगी?
प्रस्तावित नेटवर्क के तहत चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद से तिरुपति के लिए बुलेट ट्रेन सेवा चलाने की योजना है।
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर कितने किलोमीटर लंबा है?
प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर 760.09 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से लगभग 518.54 किलोमीटर हिस्सा अकेले आंध्र प्रदेश में होगा।
इस परियोजना में कुल कितने स्टेशन प्रस्तावित हैं?
इस हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के तहत कुल 18 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें अमरावती, गुंटूर, नेल्लोर और तिरुपति शामिल हैं।
चित्तूर-तिरुपति हाई-स्पीड लिंक कॉरिडोर क्या है और इसकी लंबाई कितनी होगी?
यह चित्तूर और तिरुपति के बीच लगभग 65 किलोमीटर लंबा विशेष हाई-स्पीड लिंक कॉरिडोर है, जिसके लिए एनएचएसआरसीएल ने सर्वे और डीपीआर तैयार करने की मंजूरी दे दी है।
इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में कौन सी संस्था की भूमिका है?
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है और सर्वे तथा डीपीआर तैयार करने की अनुमति दी है।
प्रोजेक्ट की अंतिम मंजूरी कहां से मिलेगी?
सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद रिपोर्ट अंतिम मंजूरी के लिए रेल मंत्रालय के पास भेजी जाएगी।
इस बुलेट ट्रेन नेटवर्क से किन्हें सबसे अधिक फायदा होगा?
तिरुपति और तिरुमाला आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ व्यापारियों, पर्यटकों और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को इस नेटवर्क का सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
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