राजस्थान के विभिन्न जिलों से कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटनाएं सामने आ रही हैं. कानून व्यवस्था, साइबर अपराध, वन्यजीव सुरक्षा और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी इन खबरों ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है. धौलपुर के जंगलों में एक बार फिर इंसानों और वन्यजीवों के बीच टकराव देखने को मिला है, जहां एक वनकर्मी वन्यजीव की निगरानी के दौरान गंभीर रूप से जख्मी हो गया. इसके साथ ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों से नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जनता की मुस्तैदी, करोड़ों रुपये की तकनीकी धोखाधड़ी का खुलासा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस की भारी मुस्तैदी जैसी खबरें चर्चा में बनी हुई हैं. प्रशासनिक गलियारों में भी तबादलों से रोक हटने के बाद गजब की गहमागहमी देखने को मिल रही है, जिससे राज्य में बड़े बदलावों के संकेत मिल रहे हैं.
धौलपुर के जंगलों में बाघिन टी-117 का खौफनाक हमला
धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके के अंतर्गत आने वाले रीझोनी वन क्षेत्र में एक बेहद डरावनी घटना घटी. वन विभाग की टीम जब रोजाना की तरह वन्यजीवों की निगरानी और उनकी सुरक्षा के लिए जंगलों में गश्त कर रही थी, तभी अचानक एक हिंसक हमला हो गया. इस गश्ती दल में शामिल बाघ मित्र राजवीर मीणा को उस समय अपनी जान बचाने के लिए भारी संघर्ष करना पड़ा, जब झाड़ियों में घात लगाकर बैठी बाघिन टी-117 ने उन पर अचानक हमला बोल दिया. यह हमला इतना अप्रत्याशित था कि राजवीर को संभलने का मौका ही नहीं मिला. बाघिन के इस जानलेवा हमले में राजवीर के हाथ और जांघ पर गहरे और गंभीर घाव हो गए हैं.
घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य वनकर्मियों ने शोर मचाकर और हिम्मत दिखाकर बाघिन को खदेड़ा और घायल राजवीर को तुरंत जंगल से बाहर निकाला. घायल को तुरंत नजदीकी सरमथुरा अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई, लेकिन घावों की गंभीरता और बेहतर इलाज की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें जिला मुख्यालय स्थित धौलपुर रेफर कर दिया गया. जैसे ही इस घटना की जानकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली, विभाग में हड़कंप मच गया. अधिकारी तुरंत हरकत में आए और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने तथा घटना की पूरी जानकारी जुटाने के लिए खुद मौके पर पहुंच गए. वन विभाग अब इस क्षेत्र में सुरक्षात्मक गश्त और ट्रैकिंग के नियमों को और कड़ा करने पर विचार कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
बीकानेर में नशा माफिया के खिलाफ ग्रामीणों की एकजुटता
नशे के बढ़ते कारोबार और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ आम लोगों ने जागरूकता की एक अनूठी और मिसाल कायम करने वाली कहानी लिखी है. बीकानेर के नोखा क्षेत्र में एक युवक भारी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग्स एमडी यानी एमडीएमए बेचने की फिराक में घूम रहा था. आरोपी का इरादा स्थानीय युवाओं को इस जहर का आदी बनाने और इसे खुलेआम बाजार में खपाने का था. लेकिन वह स्थानीय ग्रामीणों की सतर्क निगाहों से खुद को नहीं बचा सका. नोखा के जागरूक ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधियों को भांपते हुए पूरी सतर्कता दिखाई और ड्रग्स की सप्लाई करने आए इस युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया. ग्रामीणों ने कानून को अपने हाथ में न लेते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस को इस घटना की सूचना दी और आरोपी को उनके हवाले कर दिया.
पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर आरोपी की गहन तलाशी ली, तो उसके पास से 4.4 ग्राम अवैध एमडीएमए नशीला पदार्थ बरामद किया गया. शुरुआती पूछताछ और जांच में पुलिस को पता चला है कि गिरफ्तार युवक रोड़ा गांव का निवासी है और वह एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है. इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आक्रोशित ग्रामीण नशा तस्कर को चारों तरफ से घेरे हुए दिख रहे हैं और उसे पुलिस को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं. नोखा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी छात्र के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अब आरोपी को कोर्ट से रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस अवैध एमडी ड्रग्स के पूरे नेटवर्क की तह तक जाना है, ताकि इस जहर की सप्लाई चेन और इसके पीछे काम करने वाले मुख्य सरगनाओं का पूरी तरह से खात्मा किया जा सके. ग्रामीणों की इस बहादुरी ने इलाके के अन्य नशा तस्करों में दहशत पैदा कर दी है.
दौसा में एशियन पेंट्स कंपनी से पौने दो करोड़ की हाईटेक ठगी
साइबर अपराधियों ने अब बड़ी कंपनियों के रिवॉर्ड सिस्टम को अपनी ठगी का नया जरिया बना लिया है. दौसा जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी हेरफेर के जरिए करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाले एक बहुत बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने तत्परता से काम करते हुए 1 करोड़ 72 लाख रुपये की भारी-भरकम ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में दो मुख्य अपराधियों को दबोच लिया है. पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त लालसोट निवासी रिंकू सैनी और राहुल सैनी के रूप में की गई है. इन अपराधियों ने नामी कंपनी एशियन पेंट्स के बेहद लोकप्रिय मास्टर स्टॉक रिवॉर्ड प्रोग्राम को निशाना बनाया था और अपनी तकनीकी चालाकी से उसे हैक कर लिया था.
पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच में यह खुलासा हुआ कि एशियन पेंट्स कंपनी अपने उत्पादों को खरीदने वाले ग्राहकों और डीलर्स को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कूपन और टोकन प्रदान करती थी. इन टोकन के जरिए डीलर्स को रिवॉर्ड पॉइंट दिए जाते थे, जिन्हें बाद में कैश या अन्य लाभों में बदला जा सकता था. गिरफ्तार आरोपियों ने इसी रिवॉर्ड सिस्टम के सुरक्षा चक्र को भेद दिया. उन्होंने असली टोकन नंबरों में हेराफेरी करते हुए उनके आखिरी अंकों को बदल दिया और खुद के फर्जी क्यूआर कोड बना लिए. इसके बाद आरोपियों ने चालाकी से रिवॉर्ड पॉइंट अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए, जिससे कंपनी को कुल 1.72 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा. दौसा साइबर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस गिरोह के खिलाफ उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. इस सिलसिले में पूर्व में भी दो अन्य आरोपियों अनिल सैनी और विष्णु सैनी को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस अब रिंकू और राहुल से इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और पैसे के लेन-देन के बारे में विस्तार से पूछताछ कर रही है.
अलवर में किशोरी के लापता होने और नवजात को छोड़ने के दो मामले
अलवर जिले से दो बेहद संवेदनशील और सामाजिक चिंता को दर्शाने वाली घटनाएं सामने आई हैं. पहली घटना उद्योग नगर थाना क्षेत्र की है, जहां एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक अपने घर से लापता हो गई. डरे-सहमे परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. परिजनों का कहना है कि किशोरी पिछले कुछ समय से किसी अज्ञात युवक के साथ मोबाइल पर बात कर रही थी. जब उसकी मां को इस बात का शक हुआ और उन्होंने उससे पूछताछ करने की कोशिश की, तो पकड़े जाने के डर से लड़की ने अपना मोबाइल फोन घर की पानी की टंकी में फेंक दिया. इसके कुछ ही देर बाद वह घर में किसी को बिना कुछ बताए अचानक कहीं चली गई. पुलिस मोबाइल को बरामद करने और लड़की की तलाश में जुटी है.
दूसरी घटना अलवर के ही सरकारी महिला अस्पताल की है, जो मानवता को शर्मसार करने वाली है. यहां एक मां अपनी मात्र एक दिन की नवजात बच्ची को अस्पताल के पालना गृह में लावारिस हालत में छोड़कर भाग गई. अस्पताल कर्मियों को जब पालना गृह से बच्ची के रोने की आवाज आई, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना प्रबंधन को दी. बच्ची को तुरंत गीतानंद शिशु अस्पताल के एफबीएनसी वार्ड में स्थानांतरित किया गया ताकि उसकी सेहत की जांच की जा सके. अस्पताल के प्रभारी डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य बिल्कुल ठीक है और वह पूरी तरह स्वस्थ है. फिलहाल डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है और सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद बच्ची को सुरक्षित रूप से बाल कल्याण समिति को सौंप दिया जाएगा.
टहला में बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार
अलवर के टहला थाना क्षेत्र में 5 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के मामले में आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. इस वीभत्स घटना के मुख्य आरोपी राहुल मीणा को पुलिस ने जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी मूल रूप से बसवा का रहने वाला है और वारदात को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए जयपुर की घनी आबादी में छिपने की कोशिश कर रहा था. घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी पर 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी. आरोपी को पकड़ने के लिए वन विभाग और पुलिस के 100 से अधिक जवानों की कई टीमें बनाई गई थीं.
पुलिस ने इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए इलाके के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला. एक फुटेज में आरोपी मासूम बच्ची को अपनी मोटरसाइकिल के आगे बैठाकर ले जाता हुआ साफ दिखाई दे रहा था. इसी पुख्ता सबूत के दम पर पुलिस ने आरोपी का पीछा किया और उसे जयपुर से दबोच लिया. इस संवेदनशील मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश स्वयं गुरुवार को राजगढ़ पहुंचे. उन्होंने वहां सीओ कार्यालय में पीड़िता की मां और अन्य परिजनों से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और मामले की प्रगति को लेकर फीडबैक लिया. पुलिस इस मामले की त्वरित सुनवाई कराकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास कर रही है.
जयपुर में कड़े सुरक्षा पहरे के बीच निकला मोहर्रम का जुलूस
मोहर्रम के मौके पर राजधानी जयपुर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद नजर आ रही है. ताजियों के भव्य और पारंपरिक जुलूस से पूर्व, कत्ल की रात के अवसर पर पूरा जयपुर शहर इमाम हुसैन की याद में डूब गया. शहर की गलियों और इमामबाड़ों में मातमी धुनें गूंजती रहीं और अकीदतमंदों ने पूरी रात धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. विशेष रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में देर रात से ही भारी भीड़ जमी रही और इमाम हुसैन की शहादत को याद किया गया. जयपुर के ऐतिहासिक बड़ी चौपड़, रामगंज, घाटगेट और सुभाष चौक जैसे प्रमुख इलाकों में मोहर्रम को लेकर गजब की प्रशासनिक और धार्मिक सक्रियता देखी गई.
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की गई है. जुलूस के पूरे मार्ग पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद ली जा रही है. शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को विभिन्न संवेदनशील चौराहों और गलियों में तैनात किया गया है. डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा स्वयं रातभर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे. इसके साथ ही पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और एडिशनल कमिश्नर राजीव पचार ने भी सभी सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और पुलिस बल को हर समय अलर्ट रहने के निर्देश दिए.
मेरठ-मुजफ्फरनगर हाईवे पर जयपुर-हरिद्वार बस में लगी भीषण आग
जयपुर से हरिद्वार जा रही राजस्थान रोडवेज की एक अनुबंधित बस के साथ मेरठ से मुजफ्फरनगर के बीच हाईवे पर बेहद डरावना हादसा हो गया. चलती बस में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण भयंकर आग लग गई. आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने का मौका भी बमुश्किल मिला. देखते ही देखते पूरी बस आग की ऊंची लपटों की चपेट में आ गई और धू-धू कर जलने लगी. इस घटना के समय बस में कुल 26 यात्री सवार थे. गनीमत यह रही कि जैसे ही धुंआ उठा, चालक ने सूझबूझ दिखाई और बस को किनारे रोक दिया, जिससे सभी 26 यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे.
इस हादसे में किसी भी यात्री के हताहत होने की खबर नहीं है, जो एक चमत्कार से कम नहीं है. घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद बस में लगी भयानक आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी. दुर्घटना का शिकार हुई इस बस का रजिस्ट्रेशन नंबर RJ 14 PF 2607 है. पुलिस इस हादसे के तकनीकी कारणों की जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में सार्वजनिक परिवहन की बसों में ऐसे शॉर्ट सर्किट न हों.
हनुमानगढ़ में 36 लाख रुपये की अवैध शराब जब्त
हनुमानगढ़ की संगरिया थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने अमृतसर-जामनगर भारतमाला रोड पर संयुक्त रूप से नाकेबंदी के दौरान एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी को रोककर जब उसकी जांच की, तो उसमें से पंजाब में बनी अंग्रेजी शराब की 198 पेटियां बरामद हुईं. जब्त की गई शराब की इस खेप की बाजार में अनुमानित कीमत करीब 36 लाख रुपये आंकी गई है. पुलिस ने मौके से शराब की तस्करी कर रहे आरोपी अनिल बिश्नोई को गिरफ्तार कर लिया है, जो जालौर का रहने वाला है.
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह इस शराब को पंजाब से लोड करके अवैध रूप से गुजरात ले जा रहा था, जहां शराबबंदी लागू है. गुजरात में अवैध शराब की मांग अधिक होने के कारण तस्कर इस रूट का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने पिकअप और शराब को जब्त कर आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं.
भिवाड़ी में डंपिंग यार्ड के विरोध में महिलाओं का उग्र प्रदर्शन
खैरथल-तिजारा जिले के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी के रामपुर मूंडाना इलाके में स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा. नगर परिषद द्वारा घनी आबादी के पास बनाए जा रहे कचरा डंपिंग ट्रांसफर स्टेशन के विरोध में लोग लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आए. इस उग्र प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से स्थानीय महिलाओं ने किया. महिलाओं ने कचरा लेकर पहुंचे नगर परिषद के ऑटो टिपरों को रोक दिया और उनके पहियों के आगे खड़ी हो गईं. प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों पर डंडे बरसाए और कचरा गाड़ी के हेल्पर के साथ कथित तौर पर मारपीट भी की.
स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी बस्ती के बेहद करीब कचरा डालने से पूरे इलाके में असहनीय बदबू फैल गई है और मच्छरों का प्रकोप बहुत अधिक बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है. ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से इसका विरोध किया, तो वहां मौजूद अधिकारियों ने उन पर जेसीबी मशीन चढ़ाने का प्रयास किया. इस घटना से माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर तथा डंपिंग स्टेशन के काम को अस्थाई रूप से रुकवाकर स्थिति को शांत कराया.
सवाई माधोपुर में संदिग्ध चोर की ग्रामीणों ने की जमकर धुनाई
सवाई माधोपुर के नयागांव इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति को घर में जबरन घुसने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है. घर के मालिकों और पड़ोसियों की सतर्कता के कारण यह संदिग्ध व्यक्ति अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका. उसे रंगे हाथों दबोचने के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी, जिससे गांव में काफी देर तक हंगामा होता रहा. ग्रामीणों ने उसे बांधकर रखा और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी.
पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो उन्होंने ग्रामीणों के चंगुल से संदिग्ध को छुड़ाया. जब पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली, तो उसके पास से कुछ संदिग्ध और आपत्तिजनक चीजें बरामद हुईं, जिससे उसके किसी आपराधिक गिरोह से जुड़े होने का संदेह गहरा गया है. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किस इरादे से घर में घुस रहा था और उसके पुराने कारनामे क्या रहे हैं.
अलवर में डीजे पर मनपसंद गाने को लेकर खूनी संघर्ष
अलवर और खैरथल की सीमा पर स्थित किशनगढ़ बास थाना क्षेत्र के देवता गांव में चल रहा एक शादी समारोह अचानक अखाड़े में तब्दील हो गया. देवता गांव के रहने वाले अजय पाल के चाचा के घर पर शादी का उत्सव था, जिसमें कोटपूतली क्षेत्र से बड़ी संख्या में मेहमान यानी भाती आए हुए थे. शादी की खुशी में देर रात डीजे बज रहा था, जहां कुछ युवक नाच रहे थे. इसी दौरान मनपसंद गानों को बजाने और उस पर डांस करने की बात को लेकर युवकों में विवाद शुरू हो गया.
विवाद जब हाथापाई तक पहुंच गया, तो घर के मुखिया अजय पाल और उनकी शादीशुदा बेटी मनीषा बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंचे. लेकिन शराब और गुस्से के नशे में धुत उपद्रवी युवकों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दीं. उन्होंने बीच-बचाव करने आए पिता और बेटी पर ही लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया. इस बर्बर हमले में मनीषा के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं, जबकि अजय पाल भी बुरी तरह घायल हो गए हैं. दोनों को लहूलुहान हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. पुलिस ने पीड़ितों के बयान के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है.
तबादलों से रोक हटते ही मंत्री आवास पर लगी कर्मचारियों की भारी भीड़
राजस्थान सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर लगी रोक को हटाए जाने के बाद से ही प्रशासनिक अमले में भारी हलचल देखी जा रही है. तबादले के इच्छुक कर्मचारियों और उनके परिजनों की भीड़ मंत्रियों के चक्कर काट रही है. गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित सरकारी आवास पर सुबह से ही पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है. मनपसंद जगहों पर पोस्टिंग पाने और तबादलों की सिफारिश करवाने के लिए विधायकों, नेताओं, अधिकारियों और आम फरियादियों का तांता लगा हुआ है.
खासकर पुलिस विभाग के जवानों और अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारियों की लंबी कतारें मंत्री आवास के बाहर देखी जा सकती हैं. लोग हाथ में अपनी अर्जियां और राजनीतिक सिफारिशी पत्र लेकर घंटों अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. यह सिलसिला सुबह से शुरू होकर देर रात तक बदस्तूर जारी रहता है. मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म लोगों की शिकायतें सुन रहे हैं और जायज मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं. तबादलों की इस दौड़ से राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने की उम्मीद जताई जा रही है.
सांगानेर में बुजुर्ग पिता की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
जयपुर के सांगानेर थाना क्षेत्र के चंदलाई इलाके से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है. यहां एक कलयुगी बेटे द्वारा अपने ही सगे बुजुर्ग पिता को बेरहमी से पीटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह बेटा अपने लाचार पिता पर लात-घूंसे बरसा रहा है, जबकि बुजुर्ग दर्द से कराह रहा है. इस अमानवीय और क्रूर व्यवहार को देखकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
बुजुर्ग पिता ने हिम्मत दिखाते हुए सांगानेर थाने में अपने बेटे के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया और उसे हवालात का रास्ता दिखाया. हालांकि, कानूनी प्रक्रियाओं के तहत बाद में आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया. शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि बाप-बेटे के बीच पैतृक संपत्ति के बंटवारे या किसी अन्य घरेलू विवाद को लेकर काफी समय से अनबन चल रही थी. पुलिस इस पूरे पारिवारिक मामले की बारीकी से जांच कर रही है ताकि बुजुर्ग पिता को पूरी सुरक्षा प्रदान की जा सके.













