वैश्विक स्तर पर फैले हवाला कारोबार और अनौपचारिक वित्तीय तंत्र किस प्रकार अपराधियों के हाथ का हथियार बन चुके हैं, इसका पर्दाफाश फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ की एक नई रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से अलग चलने वाले ये गुप्त नेटवर्क अब केवल काले धन को ठिकाने लगाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके रास्ते धन का प्रवाह सीधे तौर पर खतरनाक आतंकी संगठनों तक भी सुगमता से हो रहा है।
इटली के मामले से हुआ बड़ा खुलासा
इस पूरी सच्चाई को उजागर करने के लिए रिपोर्ट में इटली से जुड़े एक विशेष प्रकरण का हवाला दिया गया है। वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक ऐसे ही भूमिगत वित्तीय तंत्र को ढूंढा था, जिसकी शुरुआत में पहचान केवल प्रवासियों की गैरकानूनी तस्करी से जुड़े भुगतानों को संभालने वाले चैनल के रूप में हुई थी। हालांकि, जैसे-जैसे जांच का दायरा विस्तृत हुआ, अधिकारियों के सामने यह बात स्पष्ट हो गई कि इस चैनल के जरिए भेजी जाने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा सीरिया में सक्रिय आतंकवादी समूहों तक भी पहुंचाया जा रहा था।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला जाल
यह पूरा अवैध तंत्र नकद हस्तांतरण, अनधिकृत मनी ट्रांसफर सेवाओं और हवाला जैसे पारंपरिक एवं गुप्त माध्यमों के सहारे चलाया जा रहा था। एफएटीएफ के निष्कर्षों के अनुसार, इस व्यवस्था से जुड़े धन को विभिन्न देशों की सीमाओं से गुजारते हुए अंततः सीरिया तक पहुंचाया गया। जांच के दौरान कई ऐसे कारोबारियों और व्यक्तियों की संलिप्तता भी उजागर हुई, जिनका मुख्य व्यवसाय कार डीलरशिप, अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल व्यापार और प्रवासी तस्करी से जुड़ा हुआ था।
अपराध और आतंकवाद का खतरनाक गठजोड़
इस पूरी व्यवस्था का सबसे खतरनाक पहलू यह सामने आया कि एक ही वित्तीय तंत्र का उपयोग कई प्रकार के आपराधिक कृत्यों से अर्जित धन को इधर-उधर खिसकाने के लिए किया जा रहा था। इस दायरे में संगठित अपराधों से लेकर कर चोरी जैसे वित्तीय फ्रॉड भी शामिल थे। यानी एक ही नेटवर्क के भीतर ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और टेरर फाइनेंसिंग दोनों के तार आपस में मजबूती से जुड़े हुए पाए गए हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।
सस्पिशियस ट्रांजैक्शन रिपोर्ट्स की भूमिका
इस पूरे गुप्त खेल का पर्दाफाश करने में सस्पिशियस ट्रांजैक्शन रिपोर्ट्स ने सबसे अहम भूमिका निभाई है। इन्हीं विवरणों के माध्यम से जांच एजेंसियों को कुछ खास वित्तीय चैनलों में हो रहे असामान्य और संदिग्ध लेन-देन की भनक लगी थी। इसके बाद जब छानबीन का दायरा बढ़ाया गया, तब जाकर उन तमाम रास्तों और चेहरों का खुलासा हुआ जिनके तार सीधे तौर पर उच्च जोखिम वाले देशों, मानव तस्करी गिरोहों और आतंकी फंडिंग तंत्र से जुड़े हुए थे।
सीरिया से जुड़े सीधे संपर्क
एफएटीएफ की इस व्यापक जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क को चलाने वाले कुछ प्रमुख लोगों के सीरिया में बैठे तत्वों के साथ सीधे संबंध थे। इसके अलावा, इनमें से कई संदिग्धों के संबंध विदेशी आतंकवादियों से भी जुड़े पाए गए। इन कड़ियों के मिलने से जांच एजेंसियों का यह शक पूरी तरह पुख्ता हो गया कि विभिन्न अवैध धंधों से कमाया गया काला धन अंततः विध्वंसक गतिविधियों को पोषित करने में इस्तेमाल किया जा रहा है।
नई तकनीक का बढ़ रहा इस्तेमाल
रिपोर्ट में इस बात की भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि इस प्रकार के भूमिगत नेटवर्क अब अपनी गतिविधियों को छिपाने के लिए सोशल मीडिया, डिजिटल भुगतान माध्यमों और एन्क्रिप्टेड संचार उपकरणों का भारी मात्रा में उपयोग कर रहे हैं। आधुनिक तकनीक के इस बेजा इस्तेमाल से सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह पता लगाना बेहद कठिन हो गया है कि धन का स्रोत क्या था, वह किन-किन रास्तों से गुजरा और अंततः किस अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा।
वैश्विक एजेंसियों के लिए कड़ी चेतावनी
इन्हीं गंभीर सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए एफएटीएफ ने दुनिया भर की तमाम जांच और नियामक एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस तरह के संदिग्ध वित्तीय तंत्रों पर अपनी नजरें बेहद पैनी रखें। रिपोर्ट साफ कहती है कि हवाला और अंडरग्राउंड बैंकिंग जैसी व्यवस्थाओं को केवल कर चोरी या मामूली वित्तीय अनियमितता के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि ये आतंकवाद को आर्थिक रूप से मजबूती देने का एक बड़ा जरिया बनती जा रही हैं।





















