पाकिस्तान की जासूसी संस्था आईएसआई का हनीट्रैप मॉड्यूल वर्तमान में भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है। देश की प्रमुख खुफिया एजेंसियां, जिनमें रॉ और आईबी दोनों शामिल हैं, इस बढ़ते खतरे को लेकर पूरी तरह सतर्क और चिंतित हैं। खूबसूरत महिलाओं के इस गिरोह के जरिए देश के सुरक्षा तंत्र में सेंध लगाने की कोशिशें लगातार जारी हैं, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
गिरफ्तारियों का सिलसिला और अधिकारियों की संलिप्तता
खुफिया आंकड़ों के अनुसार, भारतीय एजेंसियां हर दिन ऐसे कई मामलों में कार्रवाई करते हुए दर्जनों लोगों को धर दबोच रही हैं। इन पकड़े गए लोगों में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि पढ़े-लिखे सरकारी और प्रशासनिक अधिकारी वर्ग के लोग भी शामिल हैं। इन पर यह गंभीर आरोप है कि वे शातिर हनीट्रैप के जाल में फंसकर देश से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां दुश्मन देश तक पहुंचा रहे थे।
पाकिस्तान से भारत में शिफ्ट हो रहा है पूरा नेटवर्क
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह चुनौती काफी समय से बनी हुई थी, लेकिन अब हालात और अधिक पेचीदा हो गए हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, आईएसआई अब इन हनीट्रैप ऑपरेशनों को सीमा पार से संचालित करने के बजाय सीधे भारत के भीतर से ही चलाने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही इस नापाक साजिश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से तैयार की गई तस्वीरों और वीडियो का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
फरीदकोट से लेकर करोड़ों के बजट तक का खेल
एक खुफिया ब्यूरो के अधिकारी ने इस बात का खुलासा किया है कि इस बदलाव से भारतीय सुरक्षा बलों के सामने एक बिल्कुल नई मुसीबत खड़ी हो जाएगी। गौरतलब है कि अब तक इस तरह के सभी जासूसी मॉड्यूल मुख्य रूप से पाकिस्तान के फरीदकोट से ही नियंत्रित किए जाते थे। अतीत पर नजर डालें तो साल 2015 से 2019 के दौरान आईएसआई ने इस नापाक नेटवर्क को खड़ा करने के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया था, जिससे इस अभियान के विशाल पैमाने का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुराग छिपाने के लिए छोटे कस्बों और गांवों का रुख
आईएसआई की ताजा रणनीति यह है कि इस पूरे सिस्टम को पाकिस्तान से हटाकर पूरी तरह से भारत की सीमा के अंदर ही स्थापित किया जाए। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि भारत के भीतर चल रही किसी भी आतंकी गतिविधि या जासूसी नेटवर्क का सीधा सुराग पाकिस्तान तक न पहुंचे। एक अन्य अधिकारी के मुताबिक, बड़े महानगरों के बजाय अब छोटे कस्बों और ग्रामीण इलाकों में ऐसे जासूसी मॉड्यूल स्थापित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि सुरक्षा बलों की नजरों से बचा जा सके।
दक्षिण भारत और उत्तर भारत के राज्यों में जालसाजी
पूर्व में आईएसआई द्वारा भर्ती किए गए अधिकांश मोहरे मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में सक्रिय थे, जो सीधे तौर पर फरीदकोट के अपने हैंडलर्स को रिपोर्टिंग करते थे। हालांकि, अब एजेंसी का दायरा दक्षिण भारत के छोटे शहरों तक भी फैल रहा है, जहां वे नए नेटवर्क खड़े करने की जुगत में हैं। छोटे और पिछड़े इलाकों को चुनने की मुख्य वजह यह है कि वहां के लोगों को पैसों का लालच देकर बेहद आसानी से अपने जाल में फंसाया जा सकता है।
अश्लील सामग्री और एआई तकनीक का खतरनाक मेल
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी बताया कि हालिया जांच-पड़ताल से यह बात सामने आई है कि आईएसआई लोगों को अपने शिकंजे में कसने के लिए अश्लील सामग्री और नग्न तस्वीरों का इस्तेमाल करती है, जिसके जरिए बाद में उनसे गुप्त सूचनाएं निकलवाई जाती हैं। इसके अलावा, कई आकर्षक महिलाओं को भी इस काम पर लगाया गया था जो विशेष रूप से रक्षा बलों से जुड़ी खुफिया जानकारियां जुटाने का काम करती थीं। अब एआई तकनीक के आने से इन जालसाजों का काम और भी अधिक आसान हो गया है।
अग्निवीर और नए सैनिक बन रहे हैं आसान शिकार
एआई की मदद से तैयार की गई महिलाओं की नकली तस्वीरें और वीडियो इस खेल को और खतरनाक बना देंगे, क्योंकि कई मामलों में तो असली इंसान का वजूद ही नहीं होगा जिसका पता लगाया जा सके। ताजा खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, आईएसआई ने अब हाल ही में भर्ती हुए नए अग्निवीरों पर अपनी पैनी नजर गड़ा दी है। ऐसे युवा बहुत जल्दी बहकावे में आ सकते हैं क्योंकि उनमें तकनीकी मामलों को लेकर उतनी जागरूकता नहीं होती है और वे एआई से जनरेट की गई नकली तस्वीरों या वीडियो को आसानी से नहीं पहचान पाएंगे।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में बौखलाहट
अधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि इस पूरी कवायद का एकमात्र उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों की गोपनीय जानकारी हासिल करना है, जिसका इस्तेमाल युद्ध की स्थिति में रणनीतिक लाभ उठाने या देश की सेना को वैश्विक स्तर पर शर्मिंदा करने के लिए किया जा सकता है। पहलगाम आतंकी हमले का करारा जवाब देने के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ऐसे हनीट्रैप मामलों में कई गुना तेजी आई है। उस सैन्य कार्रवाई ने पाकिस्तानी व्यवस्था की पोल खोल दी थी और उनके परमाणु हथियारों से जुड़े दावों की हवा निकाल दी थी, जिसके बाद से पाकिस्तान लगातार बदले की आग में सुलग रहा है और भारतीय सेना को नीचा दिखाने के लिए इन अभियानों को दस गुना बढ़ा दिया गया है।



















