राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आनंद विहार थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शनिवार की सुबह बिजली के एक खंभे के पास संदिग्ध हालात में एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। मृत पाए गए व्यक्ति की पहचान संदीप के तौर पर हुई है। शुरुआती मेडिकल जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि इस व्यक्ति की जान बिजली का झटका लगने यानी करंट की वजह से गई है। इस सिलसिले में स्थानीय पुलिस ने लापरवाही से जुड़ी धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और मौके के हालात
इस पूरे मामले पर शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस को सुबह लगभग 7 बजे इस बात की सूचना मिली थी कि एक शख्स खंभे के नजदीक बेसुध हालत में पड़ा हुआ है। जब पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि संदीप का एक पैर एक छोटे गड्ढे में धंसा हुआ था, जबकि उसका हाथ और सिर पास ही मौजूद खंभे से टिके हुए थे। पुलिस ने बिना देर किए उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें करंट लगने से मौत होने की बात सामने आई। इसी बिनाह पर आनंद विहार थाने में लापरवाही का मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश को आगे बढ़ाया जा रहा है।
परिजनों ने नकारा करंट का दावा, लगाया हत्या का गंभीर आरोप
एक तरफ जहां पुलिस और मेडिकल जांच में करंट लगने को मौत का कारण बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मृतक के परिवार वालों ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों ने संदीप की मौत को हादसा मानने से साफ इनकार करते हुए इसे सोची-समझवीं हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि मृतक के जिस्म पर जितने भी निशान हैं, वे किसी हादसे की तरफ इशारा नहीं करते बल्कि सीधे तौर पर किसी आपराधिक वारदात और सुनियोजित कत्ल का शक पैदा करते हैं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और वे इस मामले में न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
मां और भाई के बयान और पुलिस की आगे की कार्रवाई
मृतक की मां किशन प्यारी ने बिलखते हुए बताया कि संदीप काम से अपने घर लौटने में थोड़ा लेट हो रहा था, जिसके चलते उन्होंने उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। उन्होंने आगे बताया कि थोड़ी देर बाद किसी अनजान शख्स ने उसका फोन उठाया और उसके बाद फोन हमेशा के लिए बंद हो गया। वहीं, मृतक के भाई मनीष का कहना है कि संदीप के जिस्म पर साफ तौर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं, जो इस बात का सुबूत हैं कि यह कोई आम हादसा नहीं बल्कि कत्ल है। मनीष ने आरोप लगाया कि उसके भाई को कहीं और मारकर यहां लाकर फेंका गया है और उसके शरीर पर करंट के निशान नहीं बल्कि मारपीट के घाव हैं। परिवार ने शुरुआती पुलिस जांच पर असंतोष जताते हुए निष्पक्ष और कड़ी जांच की मांग की है। पुलिस अब तमाम पहलुओं और परिजनों के बวยनों को ध्यान में रखते हुए अपनी तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है।



















