महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां आर्थिक तंगी से परेशान होकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह घटना मोरवाडी इलाके की है, जहां पिंपरी में रहने वाले 50 वर्षीय विनोद पिल्लै, उनकी 45 वर्षीय पत्नी श्रीजा पिल्लै और 19 वर्षीय बेटी पूर्णिमा पिल्लै अचेत अवस्था में पाए गए थे। इलाज के दौरान शनिवार को विनोद की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बेटी ने रविवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया।
काम पर न पहुंचने से हुआ शक
यह दुखद घटना तब सामने आई जब श्रीजा पिल्लै, जो मोरवाडी के एक स्कूल में समन्वयक के रूप में काम करती थीं, अपने काम पर नहीं पहुंचीं। जब वे ड्यूटी पर नहीं आईं, तो उनके साथी कर्मचारियों ने उन्हें फोन लगाया। कई बार फोन करने के बाद भी जब दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, तो उनके सहकर्मियों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद साथियों ने पुणे में ही रहने वाले उनके रिश्तेदारों से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी।
दरवाजा खुला मिला, अंदर पड़े थे अचेत
सूचना मिलने पर पास में रहने वाले रिश्तेदार तुरंत मोरवाडी स्थित पिल्लै परिवार के घर पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। घर का मुख्य दरवाजा खुला पड़ा था और अंदर परिवार के तीनों सदस्य बेसुध पड़े हुए थे। रिश्तेदारों ने बिना किसी देरी के तुरंत स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी और तीनों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद विनोद पिल्लै को शनिवार को ही मृत घोषित कर दिया, वहीं श्रीजा और उनकी बेटी पूर्णिमा ने रविवार को इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
3 साल पहले केरल से आए थे पुणे
पुलिस जांच में पता चला है कि यह परिवार मूल रूप से केरल का रहने वाला था। लगभग तीन साल पहले वे पिंपरी इलाके में आकर बसे थे और यहीं अपना जीवन यापन कर रहे थे। घटना स्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस नोट में परिवार ने गंभीर आर्थिक संकट का हवाला दिया है। नोट में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि वे पैसे की भारी तंगी से जूझ रहे थे और उनके इस कदम के लिए कोई अन्य व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की आगे की जांच कर रही है।


















