श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस के हाथ एक और बड़ी कामयाबी लगी है। जांच एजेंसियों ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए जा चुके लोगों की कुल संख्या 18 पहुंच गई है।
सीसीटीवी फुटेज बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक वारदात वाली जगह और उसके आसपास के इलाकों में लगे कैमरों से मिले फुटेज की बारीकी से वैज्ञानिक तरीके से जांच की गई। इस पड़ताल में तीनों आरोपियों की मौजूदगी संदिग्ध पाई गई और उनकी सीधी संलिप्तता सामने आ गई। सबूत हाथ लगते ही पुलिस टीमों ने देर नहीं की और तुरंत छापेमारी करके तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
होटल के कमरे में बच्ची के साथ हुई दरिंदगी
जांच में सामने आया है कि पकड़े गए ये तीनों आरोपी उस वारदात में शामिल थे, जिसमें पीड़िता के साथ एक होटल के कमरे के भीतर दरिंदगी की गई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने कानून-व्यवस्था की जरा भी परवाह किए बिना इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। अब पुलिस इन आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि पता चल सके कि क्या ये पहले भी ऐसे अपराधों में शामिल रहे हैं। इसके साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि चूंकि यह वारदात होटल परिसर में हुई, तो इसमें होटल स्टाफ या प्रबंधन की सीधे तौर पर कोई भूमिका तो नहीं थी।
अब तक 18 आरोपी गिरफ्तार, आंकड़ा लगातार बढ़ रहा
तीन नई गिरफ्तारियों के साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या 18 हो गई है। जब से यह मामला सामने आया है, पुलिस लगातार आक्रामक तरीके से जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक पूरा संगठित गिरोह सक्रिय था, जो मासूम बच्चियों को बहला-फुसलाकर ऐसे अपराधों में धकेलता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, ताकि अदालत में एक मजबूत चार्जशीट पेश की जा सके।
प्रशासन ने चलाया बुलडोजर, तीन होटल जमींदोज
इस मामले में सिर्फ पुलिस की कार्रवाई ही नहीं हुई, बल्कि जिला प्रशासन ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है। इस वारदात से जुड़े तीन चिन्हित होटलों पर बुलडोजर चलवाया गया और इन होटलों के अवैध अतिक्रमण व अवैध निर्माण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि आपराधिक गतिविधियों को पनाह देने वाले किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा।











