हरियाणा के गुरुग्राम जिले में एक शादी सिर्फ तीन महीने ही टिक पाई, क्योंकि पति ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की साजिश रच डाली. मानेसर थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में पुलिस ने पति अंकित (25) और उसकी प्रेमिका रजनी देवी (38) को गिरफ्तार कर लिया है. वारदात के करीब डेढ़ महीने बाद हुई इस गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत ने पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है.
तीन साल पुराना प्रेम प्रसंग और फरवरी की शादी
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की जड़ करीब तीन साल पहले की है. मानेसर में तंबाकू की दुकान चलाने वाले अंकित और वहीं एक ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली रजनी देवी की पहचान काम के दौरान हुई थी, और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए. रजनी लंबे समय से मानेसर में किराये के मकान में रह रही थी. इसी दौरान, फरवरी 2026 में अंकित की शादी मधु नाम की एक अन्य महिला से हुई, जबकि प्रेमिका रजनी के साथ उसका रिश्ता जारी रहा.
बेटी की गुमशुदगी की शिकायत से खुला मामला
यह मामला 22 मई को उस वक्त सामने आया, जब एक महिला ने मानेसर थाने में शिकायत दर्ज करायी कि उसकी 22 साल की बेटी 21 मई से लापता है. यही बेटी फरवरी 2026 में अंकित से ब्याही गई थी. महिला ने पुलिस को बताया कि परिवार ने अपने स्तर पर बेटी को ढूंढने की कोशिश की और ससुराल पक्ष से भी संपर्क किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला. पति और उसके परिवार पर शक होने पर आखिरकार पुलिस से शिकायत की गई, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया.
गोली मारकर हत्या, फिर सामने आई सुनियोजित साजिश
शिकायत के उसी दिन, यानी 22 मई को मानेसर स्थित एक कमरे से लापता महिला का शव बरामद हुआ. जांच में पता चला कि उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी, जिसके बाद मामले में हत्या से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दी गईं. जांच आगे बढ़ने पर गुरुग्राम पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 21 मई को अंकित पहले से बनाई गई योजना के तहत अपनी पत्नी को प्रेमिका रजनी के किराये के कमरे में लेकर गया था. वहीं उसने गोली मारकर पत्नी की हत्या कर दी. जांच में यह भी सामने आया कि हत्या में इस्तेमाल हुई पिस्तौल अंकित ने घटना से करीब दो महीने पहले उत्तर प्रदेश से खरीदी थी, यानी हत्या की योजना काफी पहले से बनायी जा रही थी.
हरिद्वार होते हुए नेपाल तक भागने की कोशिश, आखिरकार गिरफ्तारी
हत्या के तुरंत बाद अंकित और रजनी देवी फरार हो गए. पुलिस के अनुसार, दोनों पहले हरिद्वार पहुंचे और वहां से सीमा पार कर नेपाल चले गए. करीब डेढ़ महीने तक दोनों नेपाल में छिपे रहे. आखिरकार 30 जून को जब दोनों वापस भारत लौटे, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ और सबूत जुटाने के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार, इसकी खरीद और साजिश में किसी और की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है.











