हरियाणा के रेवाड़ी जिले में रविवार शाम एक जोरदार धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। हंस नगर में भारतीय सेना के एक रिटायर्ड सूबेदार के घर में हुए इस विस्फोट में एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत कुल पांच लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनमें से एक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान के दरवाजे और खिड़कियों के शीशे टुकड़ों में बिखर गए, वहीं लोहे का भारी-भरकम मेन गेट भी बुरी तरह मुड़ गया और क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े और इलाके में अफरातफरी मच गई।
कपड़े प्रेस करते वक्त हुआ धमाका, कई लोग थे घर में मौजूद
पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, यह हादसा हंस नगर के रहने वाले और भारतीय सेना से रिटायर सैन्यकर्मी सतबीर चौहान के घर में हुआ। रविवार शाम सतबीर चौहान की 23 वर्षीय बेटी तनु घर में कपड़े प्रेस कर रही थी। इसी दौरान अचानक मकान के भीतर जोरदार धमाका हो गया। हादसे के वक्त घर में सतबीर चौहान खुद, उनकी पत्नी मधु, बेटी तनु, परिवार के एक रिश्तेदार की तीन साल की मासूम बच्ची खुशी और उनके पड़ोसी जय भगवान मौजूद थे। जय भगवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ में तैनात हैं और धमाके के वक्त इत्तेफाक से सतबीर चौहान के घर पर ही मौजूद थे। धमाके ने इन सभी को अपनी चपेट में ले लिया, जिनमें सबसे ज्यादा झुलसने वाली सतबीर चौहान की बेटी तनु ही हैं।
गंभीर घायलों को अलग-अलग बड़े अस्पतालों में भेजा गया
धमाका होते ही आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल पहुंचाया। लेकिन जब डॉक्टरों ने घायलों की चोटों की गंभीरता देखी, तो उन्होंने बिना देर किए सभी को बड़े मेडिकल सेंटर रेफर करने का फैसला लिया। सबसे गंभीर रूप से झुलसी बेटी तनु को इलाज के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। रिटायर्ड सतबीर चौहान को इलाज के लिए गुरुग्राम रवाना किया गया। वहीं पड़ोसी और सीआरपीएफ जवान जय भगवान को दिल्ली स्थित आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह रही कि सतबीर चौहान की पत्नी मधु और तीन साल की बच्ची खुशी को अपेक्षाकृत मामूली चोटें आईं और उनका इलाज स्थानीय स्तर पर ही किया जा सका।
धमाके की वजह अब तक साफ नहीं, फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की खबर मिलते ही रेवाड़ी पुलिस का बल मौके पर पहुंचा और एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को सील कर दिया गया, ताकि जांच में कोई बाधा न आए और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। हालांकि, इतने भीषण धमाके के पीछे आखिर वजह क्या रही, इसका अभी तक ठोस खुलासा नहीं हो पाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी एफएसएल की एक विशेष टीम को जांच के लिए मौके पर बुलाया गया है। टीम अब मौके से मिले सबूतों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर घर के भीतर इतना तेज धमाका किस वजह से हुआ। स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर पर पूछताछ में जुटी है ताकि हादसे की असली वजह जल्द से जल्द सामने आ सके और परिवार को यह पता चल सके कि उनके घर में आखिर हुआ क्या था।











