कांग्रेस नेता राहुल गांधी (@RahulGandhi) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए आरोपों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने लिखा कि परीक्षा से जुड़े जो दावे सामने आ रहे हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं और इनकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
क्या है पूरा विवाद
राहुल गांधी के मुताबिक, UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई थी। उनका दावा है कि यह PDF उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग से जुड़ी है, जो सामान्य तौर पर सिर्फ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA के पास ही उपलब्ध होती है। अगर परीक्षा से जुड़ी इतनी संवेदनशील सामग्री परीक्षा शुरू होने से पहले ही बाहर आ गई, तो इससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। UGC-NET परीक्षा देश भर में लाखों उम्मीदवार विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर पद और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए हर साल देते हैं, इसलिए परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर उठे यह सवाल सीधे उन छात्रों को प्रभावित करते हैं जिन्होंने महीनों तैयारी की।
NEET पेपर लीक से जुड़ता विवाद
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में यह भी जोड़ा कि यह मामला NEET परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों के कुछ ही हफ्तों बाद सामने आया है। खबरों के मुताबिक, इससे पहले भी UGC-NET परीक्षा को गड़बड़ियों की शिकायतों के चलते रद्द किया जा चुका है और CSIR-UGC NET परीक्षा को भी स्थगित करना पड़ा था। हाल ही में एक संसदीय समिति ने NTA से यह भी पूछा था कि वह पेपर लीक को किस तरह परिभाषित करती है, साथ ही ऑनलाइन सेफ मॉनिटरिंग यानी OSM व्यवस्था को लेकर CBSE से भी जवाब मांगा गया था। इसके अलावा खबरों में यह भी सामने आया कि UGC-NET परीक्षा के 67 सवाल साल 2024 के क्वेश्चन पेपर से मिलते जुले पाए गए, जिसने परीक्षा की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए। इन सभी घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो बीते कुछ महीनों में देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की साख को लेकर लगातार सवाल उठे हैं, चाहे वह परीक्षा रद्द होने की वजह से हो, तारीखें बार बार बदलने की वजह से हो या नतीजों और आंसर की के जारी होने में देरी की वजह से।
इसका असर किन पर पड़ेगा
UGC-NET परीक्षा पास करना उन उम्मीदवारों के लिए बेहद अहम होता है जो विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ाना चाहते हैं या रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। अगर परीक्षा प्रक्रिया की सुरक्षा को लेकर बार बार सवाल उठते रहेंगे, तो इससे न सिर्फ उन लाखों छात्रों का भरोसा टूटेगा जिन्होंने ईमानदारी से तैयारी की है, बल्कि परीक्षा को दोबारा कराने, नतीजे रोकने या जांच में लगने वाले समय की वजह से पूरी शैक्षणिक प्रक्रिया में देरी होने का भी खतरा बना रहता है।
राहुल गांधी ने क्या कहा
अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर लिखा कि पिछले सप्ताह हुई UGC-NET परीक्षा को लेकर सामने आए गंभीर आरोप बेहद चौंकाने वाले हैं। उन्होंने NEET पेपर लीक की घटना का हवाला देते हुए कहा कि अब खबरें आ रही हैं कि परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF प्रसारित हुई, जो उस क्वेश्चन पेपर सेटिंग से संबंधित बताई जा रही है जो सिर्फ NTA के पास उपलब्ध होती है। उनकी पोस्ट में परीक्षा प्रणाली की निगरानी और जवाबदेही को लेकर सीधा सवाल उठाया गया है।
जनता की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। एक तबके ने परीक्षा प्रणाली में बार बार आ रही गड़बड़ियों पर चिंता जताते हुए सरकार से जवाबदेही और सख्त जांच की मांग की, वहीं कुछ छात्रों ने अपनी परीक्षाओं को लेकर असमंजस और नाराजगी जाहिर की। दूसरी ओर कुछ यूजर्स ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल भी उठाए और इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया। कुल मिलाकर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को लेकर छात्रों और आम लोगों के बीच चिंता और बहस दोनों साफ नजर आई।


















