भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपनी आधिकारिक यात्रा के सिलसिले में कुवैत पहुंच चुके हैं। कुवैत पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां उन्होंने कुवैत के उप विदेश मंत्री हमद सुलेमान मशआन अल-मशआन के साथ मुलाकात की।
द्विपक्षीय संबंधों और कार्यक्रमों पर चर्चा
इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के राजनयिकों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने पर विचार-विमर्श किया। एस. जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी आगे की व्यस्तताओं और बैठकों को लेकर काफी उत्साहित हैं।
कुवैत के साथ राजनयिक संदर्भ
हाल के समय में कुवैत ने अपनी विदेश नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में कुवैत ने ईरान के राजनयिकों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इसके अलावा, मई 2026 में कुवैत ने बुबयान द्वीप में कथित सशस्त्र घुसपैठ को लेकर ईरान के राजदूत को तलब भी किया था। इन परिस्थितियों के बीच एस. जयशंकर की यह यात्रा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नेतृत्व के साथ निरंतर संवाद
कुवैत की आंतरिक व्यवस्था में हालिया नियुक्तियों और नेतृत्व के स्तर पर बदलावों के बीच भारत का निरंतर संवाद जारी है। कुवैत के अमीर ने हाल ही में विदेश मंत्री के साथ बैठक की थी और नए उप-नियुक्त अधिकारियों को बधाई दी थी। भारत और कुवैत के बीच का यह संवाद खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक सहयोग के दृष्टिकोण से काफी मायने रखता है।


















