दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी आशुतोष तिवारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस महत्वपूर्ण अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का जमावड़ा रहेगा, जो न केवल शक्ति प्रदर्शन करेंगे बल्कि क्षेत्र में उपजे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के आक्रोश को नियंत्रित करने का प्रयास भी करेंगे। पिछले कुछ दिनों से पार्टी के भीतर जारी तनाव को दूर करने के लिए भाजपा के बड़े नेताओं ने रविवार को लगातार कई बैठकें कीं। इन बैठकों का एकमात्र उद्देश्य कार्यकर्ताओं में एक जुटता का संदेश देना और आशुतोष तिवारी की जीत की राह आसान करना है।
दिग्गज नेताओं का होगा शक्ति प्रदर्शन
आशुतोष तिवारी के नामांकन के दौरान प्रदेश की राजनीति के कई चेहरे दिखाई देंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव, मध्यप्रदेश के संगठनात्मक प्रभारी महेंद्र सिंह, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अलावा नरोत्तम मिश्रा भी वहां मौजूद रहेंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोपहर एक बजे किला चौक पर एक भव्य जनसभा का आयोजन किया गया है। पार्टी के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल के अनुसार, इस सभा को भाजपा के शीर्ष नेता संबोधित करेंगे और चुनाव के लिए पार्टी का एजेंडा स्पष्ट करेंगे।
नाराजगी को थामने के लिए मैराथन बैठकें
नरोत्तम मिश्रा को टिकट न मिलने के बाद से उनके समर्थकों का गुस्सा सड़क पर उतर आया था, जिसकी वजह से कई स्थानों पर हिंसा और पथराव की घटनाएं हुईं। इन हालातों को काबू में करने के लिए पार्टी ने डैमेज कंट्रोल शुरू किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और अजय जामवाल ने भोपाल में नरोत्तम मिश्रा के साथ विस्तृत चर्चा की थी। दतिया पहुंचे वरिष्ठ नेताओं, जिनमें कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना भी शामिल हैं, ने कार्यकर्ताओं के साथ कई दौर की मीटिंग की ताकि चुनावी रणनीति के प्रति सबको एक साथ लाया जा सके। संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी का फैसला सर्वोपरि है और सभी को मिलकर उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करनी होगी।
कांग्रेस से मुकाबला और चुनावी समीकरण
उपचुनाव में कांग्रेस ने दतिया राजपरिवार से जुड़े पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने इस क्षेत्र के विकास के लिए काफी काम किया है, जिसे पार्टी जनता के बीच लेकर जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा कांग्रेस के कब्जे वाली इस सीट को छीनने में सफल रहेगी। यह सीट वर्ष 2023 के चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती के हाथों हारी गई थी, जहां नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक वोटों से शिकस्त मिली थी। हालांकि, धोखाधड़ी के एक मामले में राजेंद्र भारती को मिली तीन साल की सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, जिससे उपचुनाव की स्थितियां बनीं। हालांकि बाद में भारती को जमानत मिल गई, लेकिन उपचुनाव अब 30 जुलाई को होना तय है और तीन अगस्त को मतों की गणना की जाएगी।











