मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के दौरान राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा इस सीट से नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद उनके समर्थकों में भारी आक्रोश देखने को मिला है। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि नाराज समर्थकों ने प्रदर्शन का रास्ता चुना, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पार्टी ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है, जिससे नाराज होकर नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए।
NH 44 झांसी-दिल्ली हाईवे पर भारी जाम
नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने एनएच 44 (झांसी-दिल्ली हाईवे) पर कब्जा जमाते हुए उसे कई घंटों तक पूरी तरह से ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों की आक्रामकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने बीजेपी के स्थानीय दफ्तर को भी अपने घेरे में ले लिया। वहां मौजूद समर्थकों ने छत के ऊपर से पुलिसकर्मियों पर जमकर पत्थर बरसाए। पुलिस के जवान खुद को बचाने के लिए जद्दोजहद करते रहे। प्रशासन के अनुसार, उग्र समर्थकों ने पुलिस की एक गाड़ी को भी पलट दिया है, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को खासा नुकसान पहुंचा है।
आत्मदाह की कोशिश और पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के बीच एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति तब उत्पन्न हुई जब नरोत्तम मिश्रा के एक समर्थक ने खुद को आग के हवाले करने का प्रयास किया। हालांकि, समय रहते सतर्क पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली। बाद में अन्य प्रदर्शनकारियों द्वारा समझाए जाने के बाद उस व्यक्ति को आत्मदाह के कदम से पीछे हटाया जा सका।
दतिया के डीएम का बयान
दतिया के जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखेड़े ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हाईवे करीब 11.5 से 12 घंटे तक जाम रहा, जिससे दर्जनों बसें और एक एम्बुलेंस सड़क पर ही फंसी रहीं। उन्होंने कहा, 'हमने प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की और उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन हमारे पहुंचते ही हम पर पथराव शुरू कर दिया गया। मजबूरी में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने किसी भी स्थान पर लाठीचार्ज नहीं किया है और न ही बल का अनावश्यक प्रयोग किया गया।'
पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने दी जानकारी
दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल ने बताया कि शहर में लगभग 3000 से अधिक उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा, 'वे कल शाम 6 बजे से ही हाईवे पर बैठकर चक्का जाम कर रहे थे। कलेक्टर और मैंने उनसे कई बार बातचीत कर जाम हटाने का आग्रह किया, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इस जाम के कारण 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक लग गया, जिसका असर पड़ोसी जिलों तक पहुंच गया। सुबह 4 बजे के करीब उन्होंने अचानक पुलिस दल पर पत्थरों की बौछार कर दी।'
एसपी ने आगे कहा, 'पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस छोड़ी, जिस पर उपद्रवियों ने और अधिक हिंसक होकर पथराव किया। इस हमले में हमारे 6 से अधिक जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुझे और एडिशनल एसपी को भी चोटें आई हैं। इसके बाद हमने सख्ती बरतते हुए उन्हें वहां से खदेड़ा। अब वे फरार हैं, और उन्हें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि या तो वे आत्मसमर्पण करें या शांति से वापस लौट जाएं। चक्का जाम को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जिला भर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और हाईवे को क्लियर कराया जा रहा है।'











