पटना में आयोजित बिहार एनडीए की एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने और गठबंधन के भीतर समन्वय को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठनात्मक एकजुटता को सुनिश्चित करना है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त के बाद वह स्वयं विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं की भौतिक समीक्षा करेंगे और जमीनी हकीकत को परखेंगे।
गठबंधन की समन्वय बैठकें
एनडीए ने गठबंधन की मजबूती के लिए एक नई परंपरा का निर्णय लिया है। अब से एनडीए में शामिल तमाम सहयोगी दलों के प्रदेश अध्यक्षों और मुख्यमंत्री की एक संयुक्त बैठक हर तीन महीने के अंतराल पर नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्षों को महत्वपूर्ण भागीदारी दी जाएगी ताकि सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में भी सरकार और संगठन के समन्वय को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
नीतीश कुमार की कार्यशैली की सराहना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के योगदान को याद करते हुए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में जिस तरह से एनडीए के नेताओं और जिलाध्यक्षों के साथ निरंतर संवाद की परंपरा को स्थापित किया, उसी ने राज्य में गठबंधन को एक मजबूत आधार प्रदान किया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने लोक कल्याण के लिए प्रत्येक महीने 5 विशेष कार्य दिवस निर्धारित किए हैं।
विकास और जनकल्याण के लिए प्रमुख निर्णय
बैठक में लिए गए अन्य महत्वपूर्ण फैसलों का ब्यौरा इस प्रकार है
- हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को प्रखंड स्तर पर विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का निस्तारण अनिवार्य रूप से 30 दिनों के भीतर पूरा करना होगा।
- राज्य के सभी जिलों में मार्च महीने से पहले पीपीपी मोड पर नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के निर्माण कार्य की शुरुआत की जाएगी।
- जिलास्तरीय समितियों का गठन 20 सूत्री और नागरिक परिषद से मिले सुझावों के आधार पर किया जाएगा।
- प्रत्येक घर को सोलर ऊर्जा से लैस करने के अभियान में एनडीए के सभी कार्यकर्ता और नेता सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।
- राज्य के एक करोड़ नए पात्र परिवारों को राशन कार्ड मुहैया कराने का लक्ष्य तय किया गया है।











