भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी और पदाधिकारियों के नामों की घोषणा कर दी। इस संगठनात्मक पुनर्गठन में देश भर के कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, लेकिन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम सूची से गायब है। अगले साल के शुरुआत में पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह माना जा रहा था कि युवा सांसद को पार्टी संगठन में कोई बड़ा पद सौंपा जा सकता है, हालांकि ऐसा देखने को नहीं मिला।
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की घोषणा और दिग्गज नेताओं की भूमिका
भाजपा संगठन को मजबूती देने के लिए नई टीम में कुल 13 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक प्रमुख नाम हैं। उनके अलावा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, राम माधव और बैजयंत पांडा जैसे वरिष्ठ रणनीतिकारों को भी उपाध्यक्ष बनाया गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की इस सूची में शामिल अन्य प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं
- वसुंधरा राजे: पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान
- तीरथ सिंह रावत: पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तराखंड
- राम माधव: वरिष्ठ पार्टी नेता
- बैजयंत पांडा: वरिष्ठ पार्टी नेता
- डी. पुरंदेश्वरी: पूर्व केंद्रीय मंत्री
- रेखा वर्मा: वरिष्ठ नेता
- वर्षा बेन नरेंद्रभाई दोशी: सांगठनिक नेता
- डॉ. भारती पवार: पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री
- मनप्रीत सिंह बादल: पंजाब से वरिष्ठ नेता
- लाल सिंह आर्य: सांगठनिक नेता
- प्रो. एम. नागराजा: सांगठनिक नेता
- प्रो. तारिक मंसूर: पूर्व कुलपति व नेता
- डॉ. मधुचंद्र कर: सांगठनिक नेता
मुख्य सांगठनिक पद और कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी
केंद्रीय नेतृत्व और विभिन्न राज्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए नितिन नवीन ने सांगठनिक पदों पर अनुभवी नेताओं को बनाए रखा है। दिल्ली से आने वाले बी.एल. संतोष को राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) का दायित्व सौंपा गया है। उनके साथ मुंबई के शिवप्रकाश को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) और चंडीगढ़ के सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) बनाया गया है।
वहीं पार्टी के वित्तीय प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र से आने वाले पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और राजस्थान के राजेश मंगल को राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष की कमान दी गई है। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से संतुलन साधते हुए 16 नेताओं को राष्ट्रीय मंत्री नियुक्त किया गया है।
राघव चड्ढा और पंजाब राजनीति की पृष्ठभूमि
इस पूरी घोषणा में राघव चड्ढा का नाम शामिल न होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी साल अप्रैल महीने में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले सात राज्यसभा सांसदों में राघव चड्ढा भी शामिल थे। उनके साथ संदीप पाठक और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह जैसे नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली थी।
पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, जिसके चलते कयास लगाए जा रहे थे कि चड्ढा को पंजाब में पार्टी के प्रचार और संगठन विस्तार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कोई जिम्मेदारी मिल सकती है। फिलहाल नितिन नवीन की इस नई टीम ने केंद्रीय सांगठनिक भूमिकाओं के लिए अपने पुराने और अनुभवी कैडर पर ही ज्यादा भरोसा जताया है।



















