पश्चिम बंगाल में राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाकर अंडे फेंकने की बढ़ती घटनाओं पर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा क्षेत्र से टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने इन हमलों पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सुरक्षा के मद्देनजर लाइसेंसी पिस्तौल लेने का फैसला किया है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में नेताओं की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों के दुरुपयोग पर सवाल खड़े किए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा और आत्मरक्षा पर जोर
सोमवार को आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान टीएमसी सांसद ने हालिया घटनाओं पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि स्कूलों में बच्चों के भोजन से अंडे खत्म हो रहे हैं, जबकि सरेआम लोगों पर अंडे चलाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अंडे खाने की सामग्री हैं या किसी पर हमला करने का जरिया। सांसद ने स्पष्ट किया कि जब जन प्रतिनिधियों को सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ रहा है, तो आत्मरक्षा के उपाय करना जरूरी हो जाता है।
पिस्तौल का लाइसेंस मांगने की वजह बताते हुए कीर्ति आजाद ने अपनी सुरक्षा के अधिकार की वकालत की। उन्होंने कहा, "हमें भी अपनी रक्षा करने का अधिकार है।" अपनी बात रखते हुए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा। पूर्व में भारतीय क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके कीर्ति आजाद ने अपने खेल के दिनों को याद करते हुए कहा कि देश के सम्मान के लिए मैदान पर उतरने वाले खिलाड़ी किसी धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
राज्य में पहले भी सामने आए ऐसे मामले
पश्चिम बंगाल में बीते कुछ समय से नेताओं पर अंडे फेंकने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले महीने तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भी नादिया जिले में इसी तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ था। महुआ मोइत्रा टीएमसी विधायक अलीफा अहमद के आवास पर एक सांगठनिक बैठक में हिस्सा लेने पहुंची थीं। उसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंडे फेंके थे। इस घटना के पीछे उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया था।
कलकत्ता हाई कोर्ट का कड़ा रुख
राजनीतिक नेताओं पर अंडे फेंकने का यह विवाद बाद में कानूनी गलियारों तक पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य प्रशासन को कड़े निर्देश जारी किए थे। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस प्रशासन को आदेश दिया था कि किसी भी राजनीतिक विरोधी या व्यक्ति पर अंडा फेंकने की हर घटना में प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाए।



















